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छूकर निकल गई मौत, मिल गई दूसरी जिंदगी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Mon, 12 Nov 2018 07:04 PM IST
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माधोटांडा पीलीभीत मार्ग पर माला रेंज के जंगल क्षेत्र में अचानक झाड़ियों से निकले बाघ के हमले में घायल साइकिल सवार दीनदयाल घटना के बाद से काफी सहमा हुआ हैं। घायल मजदूर की माने तो मौत उसे छूकर निकल गई। अगर चंद मिनट के भीतर मौके पर ट्रैक्टर-ट्रॉली न पहुंचती तो बाघ उसे जंगल की ओर खींच ले जाता। हमला करने के बाद भी कई बार बाघ उसके ऊपर आने को आगे की ओर बढ़ रहा था।
टाइगर रिजर्व में जंगल से बाहर निकलकर आबादी में बाघों की सक्रियता दिनोंदिन बढ़ रही है। वहीं, जंगल क्षेत्र से गुजरने वाले मार्गों पर भी बाघ सक्रिय हो रहे हैं। वैसे तो बाघ समेत अन्य वन्यजीव जंगल क्षेत्र में विचरण करते देखे जाते रहे हैं, लेकिन माधोटांडा पीलीभीत मार्ग पर माला रेंज के जंगल क्षेत्र में बाघों की सक्रियता हमेशा से ही बनी रहती है। जंगल क्षेत्र के अंतर्गत सिद्ध बाबा स्थल, झमेंडा कुएं और निगोही ब्रांच नहर के निकट मार्ग पर अक्सर बाघ की मौजूदगी देखी जाती रही है। कई बार मार्ग से गुजर रहे राहगीरों पर बाघ के हमलावर होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इधर, सोमवार को बाघ के हमले में घायल न्यूरिया थाना क्षेत्र के खाईखेड़ा गांव निवासी साइकिल सवार दीनदयाल की माने तो हमले के बाद बाघ कई बार उसके ऊपर आने को आगे की ओर बढ़ा, अगर एक से दो मिनट के बीच मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार लोग और दूसरी ओर से भी कुछ वाहन ना आते तो बाघ उसे जंगल के अंदर की ओर खींच ले जाता। डर से सहमा घायल अपनी दूसरी जिंदगी मिलने की बात कहता दिखा। वहीं सूचना के बाद परिवारजनों में हड़कंप मच गया। आननफानन में परिवार के लोग रोते हुए जिला अस्पताल पहुंच गए।
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टाइगर रिजर्व में जंगल से बाहर निकलकर आबादी में बाघों की सक्रियता दिनोंदिन बढ़ रही है। वहीं, जंगल क्षेत्र से गुजरने वाले मार्गों पर भी बाघ सक्रिय हो रहे हैं। वैसे तो बाघ समेत अन्य वन्यजीव जंगल क्षेत्र में विचरण करते देखे जाते रहे हैं, लेकिन माधोटांडा पीलीभीत मार्ग पर माला रेंज के जंगल क्षेत्र में बाघों की सक्रियता हमेशा से ही बनी रहती है। जंगल क्षेत्र के अंतर्गत सिद्ध बाबा स्थल, झमेंडा कुएं और निगोही ब्रांच नहर के निकट मार्ग पर अक्सर बाघ की मौजूदगी देखी जाती रही है। कई बार मार्ग से गुजर रहे राहगीरों पर बाघ के हमलावर होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इधर, सोमवार को बाघ के हमले में घायल न्यूरिया थाना क्षेत्र के खाईखेड़ा गांव निवासी साइकिल सवार दीनदयाल की माने तो हमले के बाद बाघ कई बार उसके ऊपर आने को आगे की ओर बढ़ा, अगर एक से दो मिनट के बीच मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार लोग और दूसरी ओर से भी कुछ वाहन ना आते तो बाघ उसे जंगल के अंदर की ओर खींच ले जाता। डर से सहमा घायल अपनी दूसरी जिंदगी मिलने की बात कहता दिखा। वहीं सूचना के बाद परिवारजनों में हड़कंप मच गया। आननफानन में परिवार के लोग रोते हुए जिला अस्पताल पहुंच गए।
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