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शराब पीने से रोकने पर भतीजों को अखरने लगे थे प्यारेलाल
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पीलीभीत। प्यारेलाल हत्याकांड में साढ़े तीन साल तक चली सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश वीएस पटेल ने चारों आरोपियों को आजीवन कारावास और जुमाऱने से दंडित किया गया है। हत्यारे कोई गैर नहीं, बल्कि प्यारेलाल के सगे भतीजे और भाभी हैं। पहले से चली आ रही रंजिश के बीच भतीजों को शराब पीने से मना करना रंजिश को और बढ़ा गया। नतीजतन भतीजों ने 27 जून, 2015 की रात प्यारेलाल की हत्या कर दी। हमले के दौरान प्यारेलाल के बेटे रामकुमार को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह किसी तरह बचकर भाग गया था।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के डंडिया शुक्ल गांव के 65 वर्षीय प्यारेलाल तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई दीनानाथ और मदनलाल अलग रहते थे। कई सालों से उनका बंटवारे को लेकर विवाद अपने दोनों भाइयों से चलता रहा। इसमें छिटपुट मारपीट की घटनाएं भी हुईं, लेकिन प्यारेलाल उस वक्त भतीजे राकेश और वीरेंद्र की नजर में ज्यादा अखरने लगे जब उन्होंने शराब को लेकर दोनों को रोकना-टोकना शुरू किया। प्यारेलाल को भतीजों का शराब पीकर गाली गलौज करना और आए दिन लोगों से उलझना गलत लगता था, इसलिए वह सख्ती से इसका विरोध करते थे। घटना की रात भी प्यारेलाल अपने मझले बेटे रामकुमार के साथ खाना खा रहे थे। इसी बीच भतीजे नशे की हालत में आकर गालीगलौज करने लगे। प्यारेलाल ने घर के भीतर से ही उनको फटकार लगाते हुए गालीगलौज करने से मना किया था। इसके बाद दोनों भतीजे, अपनी मां विद्यावती के साथ घर में घुस आए और हमला बोल दिया। प्यारेलाल की पिटाई कर हत्या कर दी गई। घटना के वक्त मौके पर मौजूद राजकुमार पर भी हमला बोला गया था। उसने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई थी।
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जहानाबाद थाना क्षेत्र के डंडिया शुक्ल गांव के 65 वर्षीय प्यारेलाल तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई दीनानाथ और मदनलाल अलग रहते थे। कई सालों से उनका बंटवारे को लेकर विवाद अपने दोनों भाइयों से चलता रहा। इसमें छिटपुट मारपीट की घटनाएं भी हुईं, लेकिन प्यारेलाल उस वक्त भतीजे राकेश और वीरेंद्र की नजर में ज्यादा अखरने लगे जब उन्होंने शराब को लेकर दोनों को रोकना-टोकना शुरू किया। प्यारेलाल को भतीजों का शराब पीकर गाली गलौज करना और आए दिन लोगों से उलझना गलत लगता था, इसलिए वह सख्ती से इसका विरोध करते थे। घटना की रात भी प्यारेलाल अपने मझले बेटे रामकुमार के साथ खाना खा रहे थे। इसी बीच भतीजे नशे की हालत में आकर गालीगलौज करने लगे। प्यारेलाल ने घर के भीतर से ही उनको फटकार लगाते हुए गालीगलौज करने से मना किया था। इसके बाद दोनों भतीजे, अपनी मां विद्यावती के साथ घर में घुस आए और हमला बोल दिया। प्यारेलाल की पिटाई कर हत्या कर दी गई। घटना के वक्त मौके पर मौजूद राजकुमार पर भी हमला बोला गया था। उसने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई थी।
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