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डायट प्राचार्य से समझौता कराने के मामले में गृह विभाग गंभीर

Sat, 04 May 2019 11:47 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 04 May 2019 11:47 PM IST
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डायट प्राचार्य से समझौता कराने के मामले में गृह विभाग गंभीर
बीसलपुर। डायट प्राचार्य की पिटाई कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर देने, पुलिस के उनकी रिपोर्ट दर्ज न करने और भाजपा विधायक द्वारा प्राचार्य पर दबाव बनाकर जबरन समझौता करा देने के मामले को गृह विभाग ने गंभीरता से लिया है। प्राचार्य की शिकायत पर अपर मुख्य सचिव (गृह) ने डीएम वैभव श्रीवास्तव को जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने इस मामले की जांच एडीएम को सौंप दी है। एडीएम ने शनिवार को एसडीएम (एफआर) के साथ डायट पहुंचकर कई लोगों के बयान दर्ज किए।
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य पीआर गुप्ता से 27 अप्रैल को डीएलएड के छात्रों का प्रैक्टीकल में कम नंबर देने को लेकर विवाद हो गया था। इसी दौरान कुछ छात्रों ने प्राचार्य पर हमला कर दिया। इसमें प्राचार्य गंभीर रूप से घायल हो गए। छात्रों ने प्राचार्य के कक्ष में तोड़फोड़ भी की। अभिलेख भी फाड़ दिए। प्राचार्य ने उसी दिन कोतवाली में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तीन दिन तक रिपोर्ट दर्ज न होने पर प्राचार्य प्रभारी, डीएम और एसपी से भी मिले, लेकिन फिर भी उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उधर, प्राचार्य के खिलाफ भी डीएलएड छात्र केशव वर्मा की ओर से तहरीर दी गई। इसमें उन पर अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का आरोप लगाया गया।
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घटना के चौथे दिन भाजपा विधायक रामसरन वर्मा में पुलिस की मौजूदगी में प्राचार्य और आरोपी छात्रों के बीच समझौता करा दिया, लेकिन प्राचार्य इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने विधायक पर दबाव बनाकर जबरन समझौता करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चूंकि मुख्य आरोपी विधायक का नजदीकी है, इसलिए विधायक नहीं चाहते हैं कि पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले में कोई कार्रवाई करे। ऐसे में अब न्याय के लिए वह शासन स्तर पर अपनी बात रखेंगे। इसी दौरान प्राचार्य की हालत बिगड़ गई तो उन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ रैफर कर दिया गया।
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लखनऊ में प्राचार्य ने गोरखपुर-फैजाबाद के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह से मिलकर मामले की जानकारी दी। देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) अरविंद कुमार को पत्र भेजकर प्राचार्य की रिपोर्ट दर्ज न होने पर नाराजगी जताई और तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा। एमएलसी ने अपने पत्र में कहा कि रिपोर्ट दर्ज न होने से प्राचार्य के साथ मारपीट करने वाले अपराधी किस्म के छात्रों का मनोबल बढ़ा हुआ है। उन्होंने एक शिक्षक के सम्मान को अत्यंत अशोभनीय ढंग से तार तार किया है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने डीएम वैैभव श्रीवास्तव को इस मामले में तत्काल जांच कराके कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर एडीएम अतुल सिंह ने शनिवार दोपहर एसडीएम वंदना त्रिवेदी के साथ डायट जाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। एडीएम ने डायट स्टाफ और छात्रों से मामले की जानकारी ली। प्राचार्य पीआर गुप्ता के लखनऊ होने के कारण एडीएम उनके बयान नहीं ले सके। प्राचार्य के सिर में गंभीर चोट होने के कारण उनका लखनऊ के पीजीआई में इलाज चल रहा है।

विधायक बोले-मेरी शिकायत पर ही हो रही जांच
इस पूरे मामले को लेकर मैंने ही डायट प्राचार्य की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। डायट प्राचार्य पहले भी छात्रों से अभद्र व्यवहार कर चुके हैं। मैंने समझौते के लिए किसी पक्ष पर दबाव नहीं बनाया, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से समझौता हुआ। अब शासन स्तर से मेरी शिकायत पर ही जांच शुरू कराई गई है। - रामसरन वर्मा, विधायक बीसलपुर
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