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एसएसबी और पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी नहीं मिला लापता शिक्षामित्र

Sun, 10 Mar 2019 11:30 PM IST
Prashant Singh Prashant Singh
Updated Sun, 10 Mar 2019 11:30 PM IST
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एसएसबी और पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी नहीं मिला लापता शिक्षामित्र
माधोटांडा (पीलीभीत)। रहस्यमय ढंग से शिक्षामित्र सुधीर सक्सेना के लापता होने के मामले में दूसरे दिन रविवार को माधोटांडा पुलिस ने एसएसबी नगरिया कट टीम की मदद से रेस्क्यू चलाया। एक टीम फीडर नहर पुल के पास से बराही-महोफ रेंज के जंगल में खोजबीन करती रही। वहीं मोटर बोट की मदद से जवान नहर में शिक्षामित्र की तलाश करते रहे। शाम पांच बजे तक रेस्क्यू चला, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी है।
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माधोटांडा थाना क्षेत्र के बाइफरकेशन गांव निवासी 35 वर्षीय शिक्षामित्र सुधीर सक्सेना पुत्र कुंवर बहादुर पूरनपुर में पत्नी और बच्चों संग रहते हैं। परिवार के बाकी सदस्य गांव में ही रहते हैं। शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे सुधीर की बाइक बाइफरकेशन से शारदा डैम को भरने वाली फीडर नहर के पुल पर खड़ी मिली। सुधीर लापता थे और उनका मोबाइल, पर्स, जैकेट, जूते, हेलमेट बाइक के पास रखा था। ग्रामीणों से खबर मिलने पर पहुंचे परिवार वालों ने सामान गायब न होने पर सुधीर के नहर में छलांग लगाने की आशंका जताई थी। हालांकि इसके पीछे कोई कारण नहीं बता सके थे। रात में ही सूचना पुलिस को दी गई। जिसके बाद से सुधीर की तलाश चल रही है। रविवार को पुलिस ने सुबह से ही एसएसबी नगरिया कट के जवानों की मदद से मोटर बोट मंगाकर फीडर नहर को तलाशा। करीब डेढ़ किलोमीटर तक तलाश की गई, लेकिन सुधीर का कोई पता नहीं लगा। पास में ही बराही-महोफ जंगल का बॉर्डर है। वहां पर भी खोजबीन के लिए एक टीम को भेजा गया। उसके हाथ भी कोई सुराग नहीं लग सका है।
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...तो स्कूल नहीं गए थे सुधीर
दूसरे दिन हुई जांच पड़ताल के बाद एक नया तथ्य उजागर हुआ है। बताया जा रहा था कि सुधीर शनिवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद शारदा डैम की ओर निकले थे, लेकिन जब पुलिस ने रविवार को जांच की तो यह पता लगा कि सुधीर शनिवार को स्कूल आए ही नहीं थे। दोपहर में उनको बाइफरकेशन गांव में देखा गया था। वह शारदा डैम की ओर बाइक से जाते दिखाई दिए थे।
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परिवार भी नहीं बता पा रहा कोई कारण
शिक्षामित्र के लापता होने के बाद से परिवार वाले बदहवास है। पुलिस और एसएसबी की ओर से किए जा रहे रेस्क्यू के दौरान वह मौके पर मौजूद रहे। पूरी कार्रवाई पर नजर रखी, लेकिन कुछ बोले नहीं। पिता कुंवर बहादुर समेत सभी की आंख से आंसू छलकते रहे। 24 घंटे बीतने के बाद भी सुधीर की कोई सुध न मिलने से सभी को अनहोनी का डर सता रहा है। मौके पर हालात देख नहर में छलांग लगाने की आशंका जताई जा रही है, ऐसा क्यों किया होगा? इसको लेकर कोई कारण दूसरे दिन भी सामने नहीं आ सका है।

लापता शिक्षामित्र की तलाश के लिए एसएसबी की मदद से रेस्क्यू किया जा रहा है। नहर के अलावा पास के जंगल में भी खोजबीन की जा रही है। अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। अगर कोई जानकारी नहीं मिलती, तो परिवार से तहरीर लेकर गुमशुदगी दर्ज की जाएगी। - उमेश कुमार सोलंकी, माधोटांडा इंस्पेक्टर
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