{"_id":"5d28c59f8ebc3e6cc802509d","slug":"156295309015-pilibhit-news76","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास भवन में स्वच्छ भारत मिशन के वार रूम में चोरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
विकास भवन में स्वच्छ भारत मिशन के वार रूम में चोरी
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पीलीभीत। विकास भवन में स्वच्छ भारत मिशन के वार रूम में ग्रिल तोड़कर घुसा चोर लाखों का सामान समेट ले गया। सूचना मिलने पर डीएम, सीओ समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई। इसके बाद पुलिस ने डीपीआरओ से मिली तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। रिपोर्ट में दो यूपीएस, एक एलईडी और सीपीयू चोरी होने की बात कही गई है। हालांकि पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है। पुलिस का तर्क है कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मेें चोर एक दराज से कुछ फाइलें निकालकर टार्च की रोशनी में उन्हें पढ़ रहा है। इससे साफ है कि चोर का मकसद कुछ और ही है। सामान सिर्फ वास्तविक तथ्यों से ध्यान भटकाने के लिए गायब किया गया है।
घटना बृहस्पतिवार रात की है। विकास भवन परिसर में स्वच्छ भारत मिशन का वार रूम है। यहां पर कंप्यूटर, लैपटॉप, अभिलेख आदि काफी सामान रखा रहता है। देर रात पीछे की तरफ बनी ग्रिल तोड़कर चोर भीतर घुस गए। इसके बाद सामान खंगाल दिया। यहां से चोर दो यूपीएस, एक 72 इंच की एलईडी, एक सीपीयू चोरी कर ले गए। शुक्रवार सुबह घटना की भनक लगने पर डीपीआरओ प्रमोद कुमार ने यादव ने डीएम को सूचना दी। कुछ ही देर में डीएम वैभव श्रीवास्तव, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, कोतवाल अजब सिंह समेत कई मौके पर पहुंच गए। मौका मुआयना कर जानकारी की गई। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाकर सुरागरसी के प्रयास किए गए। जिसके बाद अब पुलिस वहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने में जुटी है।
एक कैमरे का तोड़ा तार, दूसरे में हो गई घटना कैद
परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे के बारे में चोर को भी जानकारी थी, लेकिन अधूरी। यह बात इसलिए कही जा सकती है कि एक कैमरे का तार टूटा मिला, जबकि दूसरे कैमरे में पूरी घटना कैद हो गई। इसमें एक नकाबपोश की फुटेज है। वह पौने 12 बजे प्रवेश करने के बाद करीब डेढ़ घंटे तक वहां रुका है।
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...कहीं ये घोटालों पर पर्दा डालने की साजिश तो नहीं
पीलीभीत। भले ही विकास भवन परिसर में हुई चोरी की घटना के पुलिस सुरक्षा के मुद्दे से जुड़ी हो, लेकिन इससे अधिक शोर घोटालों को दबाने की साजिश का रहा। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक करने के बाद इन चर्चाओं को भी बल मिला है। इसको लेकर पुलिस और अन्य विभागों के लोगों को भी किसी करीबी की ही करतूत होने की आशंका है।
सीसीटीवी की फुटेज चेक की गई तो घटना को अंजाम देते हुए एक नकाबपोश कैद मिला है। वह करीब डेढ़ घंटे तक वहां रहा। चौंकाने वाली बात ये सामने आई है कि वह काफी देर तक तो फाइलें टटोलता रहा। जिसने सबके मन में सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में कोई अभिलेख गायब होना नहीं बताया गया है, लेकिन यह बात कितनी सच है, इसको लेकर सटीक जवाब किसी के पास नहीं है। अगर मकसद चोरी करने का ही था तो फिर वह अभिलेख टटोलने में समय क्यों बर्बाद करता रहा। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि कहीं ये सब घोटालों पर चल रही कार्रवाई पर पर्दा डालने की साजिश तो नहीं। आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस फुटेज को और बेहतर करने में जुटी है।
इन घोटालों से जुड़े अभिलेख है इस वार रूम में
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनवाए गए शौचालयों में घोटाला
- प्रधान और सचिवों द्वारा विकास कार्यों में की गई गड़बड़ी से जुड़े मामले
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रचार-प्रचार को लेकर की गई करोड़ों की गड़बड़ी से संबंधित अभिलेख
- ग्राम पंचायतों में रखे गए कूड़ेदान और सोलर लाइटों के घोटालों के अभिलेख
- ब्लॉक बार शौचालय सत्यापन कार्य में हुई हेराफेरी की फाइल
सूचना मिलते ही फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड टीम के साथ पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। मौका मुआयना कर जानकारी जुटाकर तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज में कुछ तथ्य मिले हैं, उन पर भी जांच की जा रही है। जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।
- धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
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घटना बृहस्पतिवार रात की है। विकास भवन परिसर में स्वच्छ भारत मिशन का वार रूम है। यहां पर कंप्यूटर, लैपटॉप, अभिलेख आदि काफी सामान रखा रहता है। देर रात पीछे की तरफ बनी ग्रिल तोड़कर चोर भीतर घुस गए। इसके बाद सामान खंगाल दिया। यहां से चोर दो यूपीएस, एक 72 इंच की एलईडी, एक सीपीयू चोरी कर ले गए। शुक्रवार सुबह घटना की भनक लगने पर डीपीआरओ प्रमोद कुमार ने यादव ने डीएम को सूचना दी। कुछ ही देर में डीएम वैभव श्रीवास्तव, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, कोतवाल अजब सिंह समेत कई मौके पर पहुंच गए। मौका मुआयना कर जानकारी की गई। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाकर सुरागरसी के प्रयास किए गए। जिसके बाद अब पुलिस वहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने में जुटी है।
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एक कैमरे का तोड़ा तार, दूसरे में हो गई घटना कैद
परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे के बारे में चोर को भी जानकारी थी, लेकिन अधूरी। यह बात इसलिए कही जा सकती है कि एक कैमरे का तार टूटा मिला, जबकि दूसरे कैमरे में पूरी घटना कैद हो गई। इसमें एक नकाबपोश की फुटेज है। वह पौने 12 बजे प्रवेश करने के बाद करीब डेढ़ घंटे तक वहां रुका है।
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...कहीं ये घोटालों पर पर्दा डालने की साजिश तो नहीं
पीलीभीत। भले ही विकास भवन परिसर में हुई चोरी की घटना के पुलिस सुरक्षा के मुद्दे से जुड़ी हो, लेकिन इससे अधिक शोर घोटालों को दबाने की साजिश का रहा। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक करने के बाद इन चर्चाओं को भी बल मिला है। इसको लेकर पुलिस और अन्य विभागों के लोगों को भी किसी करीबी की ही करतूत होने की आशंका है।
सीसीटीवी की फुटेज चेक की गई तो घटना को अंजाम देते हुए एक नकाबपोश कैद मिला है। वह करीब डेढ़ घंटे तक वहां रहा। चौंकाने वाली बात ये सामने आई है कि वह काफी देर तक तो फाइलें टटोलता रहा। जिसने सबके मन में सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में कोई अभिलेख गायब होना नहीं बताया गया है, लेकिन यह बात कितनी सच है, इसको लेकर सटीक जवाब किसी के पास नहीं है। अगर मकसद चोरी करने का ही था तो फिर वह अभिलेख टटोलने में समय क्यों बर्बाद करता रहा। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि कहीं ये सब घोटालों पर चल रही कार्रवाई पर पर्दा डालने की साजिश तो नहीं। आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस फुटेज को और बेहतर करने में जुटी है।
इन घोटालों से जुड़े अभिलेख है इस वार रूम में
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनवाए गए शौचालयों में घोटाला
- प्रधान और सचिवों द्वारा विकास कार्यों में की गई गड़बड़ी से जुड़े मामले
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रचार-प्रचार को लेकर की गई करोड़ों की गड़बड़ी से संबंधित अभिलेख
- ग्राम पंचायतों में रखे गए कूड़ेदान और सोलर लाइटों के घोटालों के अभिलेख
- ब्लॉक बार शौचालय सत्यापन कार्य में हुई हेराफेरी की फाइल
सूचना मिलते ही फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड टीम के साथ पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। मौका मुआयना कर जानकारी जुटाकर तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज में कुछ तथ्य मिले हैं, उन पर भी जांच की जा रही है। जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।
- धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी