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चोरी की खबर दुकान मालिक को देना पड़ा भारी: चोरों ने बदला लेने तालाब किनारे घेरा, गला दबाया-सिर फोड़ा; गिरफ्तार
Sat, 12 Sep 2026 08:53 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 08:53 PM IST
सार
चोरी की सूचना देना 23 वर्षीय युवक को भारी पड़ गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बदला लेने के लिए उसे तालाब के पास घेरा और जान से मारने की कोशिश की। लात-घूंसों से पीटने के बाद गला दबाया और कड़े से सिर पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कहते हैं सच्चाई का साथ दो तो दुश्मन बन जाते हैं, कुछ ऐसा ही हुआ छत्तीसगढ़ में। चोरी की जानकारी दुकान मालिक को देना एक युवक को इतना भारी पड़ा कि चोरों ने तालाब के पास घेरकर उसकी जान लेने की कोशिश कर दी। गला दबाया, लात-घूंसों से पीटा और हाथ में पहने लोहे के कड़े से सिर फोड़ दिया। खून से लथपथ युवक को मरा समझकर आरोपी फरार हो गए।
पूरा मामला कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के चाकाबुड़ा छिछमेपारा का है। प्रार्थी अजय सिदार उम्र 23 वर्ष ने 10 सितंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि 9 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे उसने सल्हिापारा स्थित एक दुकान के पुराने घर से गांव के ही कान्हा अगरिया, बिज्जू और सोनू अगरिया को चोरी का सामान ले जाते हुए देखा था। अजय ने ईमानदारी दिखाते हुए इसकी सूचना दुकान मालिक को दे दी।
बस इसी बात से आरोपी आगबूला हो गए। बदला लेने के लिए उन्होंने उसी रात 9 बजे तालाब के पास अजय को घेर लिया। चारों आरोपी - कन्हैयालाल अगरिया उर्फ कान्हा (19 वर्ष), विजय कुमार अगरिया उर्फ बिज्जू (20 वर्ष), राहुल सिंह अगरिया उर्फ सोनू (20 वर्ष) और एक विधि से संघर्षरत बालक पहले से घात लगाए बैठे थे।
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पुलिस के अनुसार आरोपियों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। बोले- तूने दुकान मालिक को क्यों बताया? इसके बाद जान से मारने की नियत से टूट पड़े। तीनों ने हाथ-मुक्का और लात से बेतहाशा पीटा, गला दबोच दिया। इसी दौरान नाबालिग आरोपी ने हाथ में पहने कड़े (चूड़ा) से अजय के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया, जिससे उसका सिर फट गया और खून बहने लगा। चीख सुनकर ग्रामीण दौड़े तो आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले।
घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। रिपोर्ट पर थाना बांकीमोंगरा में अपराध क्रमांक 176/2026 के तहत धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5), 109(1) BNS के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया।
बांकीमोंगरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर तीनों बालिग आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में तीनों ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर हों, कानून के हाथ लंबे हैं।
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पूरा मामला कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के चाकाबुड़ा छिछमेपारा का है। प्रार्थी अजय सिदार उम्र 23 वर्ष ने 10 सितंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि 9 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे उसने सल्हिापारा स्थित एक दुकान के पुराने घर से गांव के ही कान्हा अगरिया, बिज्जू और सोनू अगरिया को चोरी का सामान ले जाते हुए देखा था। अजय ने ईमानदारी दिखाते हुए इसकी सूचना दुकान मालिक को दे दी।
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बस इसी बात से आरोपी आगबूला हो गए। बदला लेने के लिए उन्होंने उसी रात 9 बजे तालाब के पास अजय को घेर लिया। चारों आरोपी - कन्हैयालाल अगरिया उर्फ कान्हा (19 वर्ष), विजय कुमार अगरिया उर्फ बिज्जू (20 वर्ष), राहुल सिंह अगरिया उर्फ सोनू (20 वर्ष) और एक विधि से संघर्षरत बालक पहले से घात लगाए बैठे थे।
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पुलिस के अनुसार आरोपियों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। बोले- तूने दुकान मालिक को क्यों बताया? इसके बाद जान से मारने की नियत से टूट पड़े। तीनों ने हाथ-मुक्का और लात से बेतहाशा पीटा, गला दबोच दिया। इसी दौरान नाबालिग आरोपी ने हाथ में पहने कड़े (चूड़ा) से अजय के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया, जिससे उसका सिर फट गया और खून बहने लगा। चीख सुनकर ग्रामीण दौड़े तो आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले।
घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। रिपोर्ट पर थाना बांकीमोंगरा में अपराध क्रमांक 176/2026 के तहत धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5), 109(1) BNS के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया।
बांकीमोंगरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर तीनों बालिग आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में तीनों ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर हों, कानून के हाथ लंबे हैं।