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परिवार ने कर लिए थे सारे जतन पर नहीं छूटी नशे की लत
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:23 PM IST
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साइड स्टोरी किशोर की मौत
04 पीबीटीपी 21
कई जतन करने पर भी नहीं छूटी नशे की लत
कई बार तो चोरी की शिकायतों पर खुद पिता पकड़कर ले गए थे थाने
घटना के बाद परिवारीजनों ने भी गमगीन माहौल में बयां किया दुख
दुकान में लगी आग के बाद किशोर की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया (पीलीभीत)। बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर स्थित स्पेयर पार्ट्स की दुकान में आग लगने के बाद किशोर की दर्दनाक मौत की घटना के पीछे नशा अहम वजह बना है। इसकी सूचना मिलने पर पहुंचे परिजन भी खुद की बेबसी को बयां कर आंसू छलकाते दिखाई दिए। बेटे की जान जाने का दुख और उसको इस लत से छुड़ाने के लिए किए गए जतन में किस तरह से उनको तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उसे जिसने भी सुना दंग रह गया।
मृतक किशोर एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। पिता का खाने का छोटा सा छप्परपोश होटल उसी दुकान के बराबर में हैं, जहां पर सोमवार रात हादसा घटित हुआ है। मृतक किशोर पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। परिवारीजनों ने बताया कि करीब दो साल से किशोर में नशे की लत लग गई थी। उसका नशा छुड़ाने के लिए काफी प्रयास किए। उसको दूर रिश्तेदारों के घर भेजा। निगरानी बढ़ाने के साथ ही घर पर बंद कर रखा, लेकिन हर जतन नाकाफी साबित हुआ। जब भी वह परिवारीजनों की नजरों से बचकर निकलता, स्मैक का नशा करने पहुंच जाता। कई बार तो नशा करने के लिए रुपये जुटाने को उसके द्वारा लोगों का सामान चोरी करने की भी शिकायतें मिलीं। इस पर पिता खुद ही उसको लेकर थाने चले गए थे, लेकिन नशा करने की लत का पता लगते ही पुलिस भी कार्रवाई से पीछे हट जाती थी। क्षेत्र के एक गांव में चल रहे रामलीला मेले में पिता ने कुछ दिनों से अपनी दुकान लगा रखी है। इसलिए वह उसमें व्यस्त रहते थे। यही वजह रही कि किशोर सोमवार रात चुपचाप निकल गया। परिवारीजनों को जब हादसे में उसकी मौत का पता लगा तो चीख पुकार मच गई। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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04 पीबीटीपी 21
कई जतन करने पर भी नहीं छूटी नशे की लत
कई बार तो चोरी की शिकायतों पर खुद पिता पकड़कर ले गए थे थाने
घटना के बाद परिवारीजनों ने भी गमगीन माहौल में बयां किया दुख
दुकान में लगी आग के बाद किशोर की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया (पीलीभीत)। बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर स्थित स्पेयर पार्ट्स की दुकान में आग लगने के बाद किशोर की दर्दनाक मौत की घटना के पीछे नशा अहम वजह बना है। इसकी सूचना मिलने पर पहुंचे परिजन भी खुद की बेबसी को बयां कर आंसू छलकाते दिखाई दिए। बेटे की जान जाने का दुख और उसको इस लत से छुड़ाने के लिए किए गए जतन में किस तरह से उनको तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उसे जिसने भी सुना दंग रह गया।
मृतक किशोर एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। पिता का खाने का छोटा सा छप्परपोश होटल उसी दुकान के बराबर में हैं, जहां पर सोमवार रात हादसा घटित हुआ है। मृतक किशोर पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। परिवारीजनों ने बताया कि करीब दो साल से किशोर में नशे की लत लग गई थी। उसका नशा छुड़ाने के लिए काफी प्रयास किए। उसको दूर रिश्तेदारों के घर भेजा। निगरानी बढ़ाने के साथ ही घर पर बंद कर रखा, लेकिन हर जतन नाकाफी साबित हुआ। जब भी वह परिवारीजनों की नजरों से बचकर निकलता, स्मैक का नशा करने पहुंच जाता। कई बार तो नशा करने के लिए रुपये जुटाने को उसके द्वारा लोगों का सामान चोरी करने की भी शिकायतें मिलीं। इस पर पिता खुद ही उसको लेकर थाने चले गए थे, लेकिन नशा करने की लत का पता लगते ही पुलिस भी कार्रवाई से पीछे हट जाती थी। क्षेत्र के एक गांव में चल रहे रामलीला मेले में पिता ने कुछ दिनों से अपनी दुकान लगा रखी है। इसलिए वह उसमें व्यस्त रहते थे। यही वजह रही कि किशोर सोमवार रात चुपचाप निकल गया। परिवारीजनों को जब हादसे में उसकी मौत का पता लगा तो चीख पुकार मच गई। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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