थप्पड़ मारने के बाद युवकों ने की थी सिपाहियों की पिटाई

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Tue, 27 Oct 2020 06:52 PM IST
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पूरनपुर। सड़क किनारे सिपाहियों से झगड़ने वाले युवकों के मामले में जांच के बाद पता चला कि एक युवक को सिपाही ने पहले गाली दी। फिर उसे थप्पड़ मारा। तभी युवक सिपाहियों पर भड़क गए और उनकी पिटाई की। पुलिस ने सिपाहियों को पीटने वाले दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उनका चालान कर दिया गया।
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22 अक्तूबर की रात नगर की पंकज कॉलोनी निवासी आकाश, विकास, प्रवीण, प्रद्युम्न, प्रेमा समेत छह अज्ञात युवकों ने विधायक बाबूराम पासवान को अपना मौसा बताते हुए सिपाही राजन तोमर, अक्षय तोमर की सड़क पर बेहरमी से पिटाई की थी। बीच-बचाव को पहुंचे तीसरे सिपाही धीरज मलिक को भी जमकर पीटा था। सिपाही राजन तोमर को तो युवक मारते और घसीटते हुए विधायक के आवास तक भी ले गए थे। यहां कॉलोनी की महिलाओं ने भी सिपाही को पीटा था। सिपाहियो की पिटाई इसलिए और भी अधिक हो गई क्योकि वह वर्दी में नहीं थे। पुलिस ने मामले में राजन तोमर की ओर से सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित गंभीर धाराओं में युवकों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने सोमवार को सिपाहियों को पीटने में नामजद आकाश और दूसरे राज कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। दोनों का चालान भी कर दिया गया। अन्य युवकों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। सिपाहियों से युवकों के झगड़े की वजह पुलिस भले ही कुछ बता रही हो। मगर, चालान होने से पहले सिपाहियों को घसीटकर पीटने वाले युवक आकाश ने बताया कि वह एक दुकान पर नौकरी करता है। घटना के समय शाम को दौड़ता हुआ घर जा रहा था। उसके पीछे प्रेमा भी था। हैंडपंप पर एक व्यक्ति बोतल में पानी भर रहा था। उसने उसके दौड़ने पर कमेंट कर दिया। उससे दोनों का विवाद हो गया। कुछ देर बाद उससे मारपीट होने लगी। तभी बिना वर्दी कांस्टेबल पहुंच गए। दोनों सिपाहियों ने पूछा कि सड़क पर क्यों झगड़ रहे हो। जवाब न देने पर सिपाहियों ने गाली-गलौज कर उसे थप्पड़ मार दिया। तभी उसके दोनों साथी सिपाहियों को पीटने लगे। बीच में सिपाही ने अपने को पुलिस वाला बताया, मगर उसकी बाइक पर पुलिस नहीं लिखा था। सिपाही ने फोन कर अपने साथियों को भी वहां बुला लिया। तब उसने भी अपने परिचितों को फोन कर दिया। इस दौरान बिना वर्दी में पहुंचे दो सिपाहियों के भिडने पर उनसे भी मारपीट हुई। दोनों सिपाहियों के भागने पर भिड़े राजन तोमर को यह समझकर वह विधायक आवास तक ले गए थे कि वह पुलिस में होने की बात झूठ बोल रहा है। पुलिस का तर्क है कि जब सिपाही ने खुद को पुलिस वाला बताया। तब युवकों को अभद्रता नहीं करनी चाहिए थी। युवकों ने जानबूझकर सिपाहियों की पिटाई की है। कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि सिपाही वर्दी पहनकर ड्यूटी जा रहे थे। युवक मना करने पर सिपाहियों से जानबूझ कर भिड़े। ऐसे में दो युवकों को गिरफ्तार कर चालान किया गया है। अन्य को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
मुंह बोले मौसा का हाथ, हल्की धाराओं में दर्ज मामला
पूरनपुर मौसा का रिश्ता करीबी माना जाता है। फिर चाहे मुंह बोले मौसा हो या फिर सगे। कुछ लोगों को दूसरों का मौसा बनने और कहलवाने का शौक भी होता है। यह बात अलग है कि मुंह बोले रिश्ते कभी कभार बवाल बन जाते हैं। मुंह बोले रिश्तों से कभी भी फजीहत भी हो सकती है। मुंह बोले मौसा भले ही युवकों से अपना कोई रिश्ता न होने की बात कहते हों, मगर कस्बे में चर्चा है कि अगर मौसा युवकों की मदद न करते तो युवकों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज होती। युवकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस वह सब कुछ करती, जो नहीं करना चाहिए। एक चर्चा तो यहां तक है कि मौसा जी की मदद से युवक पुलिस के हाथ लग सका।
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