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धान खरीद में गड़बड़ी मिलने पर ओम राइस मिल मालिक पर एफआईआर
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पीलीभीत। किसानों से धान खरीद पूरी पारदर्शिता से कराने में जुटे डीएम पुलकित खरे राइस मिलों का खेल सामने आने के बाद एक्शन मूड में हैं। दो दिन पहले वायरल ऑडियो की छानबीन के बाद ओम राइस मिल मालिक पर प्रशासन का शिकंजा कस दिया गया। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की तहरीर पर ओम राइस मिल मालिक पर सरकारी धान खरीद में साजिशन गड़बड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
कुछ दिन पहले ओम राइस मिल के मालिक और गजरौला क्षेत्र के गांव चित्तरपुर के एक किसान में धान खरीद को लेकर बातचीत का ऑडियो सोशल साइट्स पर वायरल हो गया था। उसमें राइस मिल मालिक और किसान के बीच डेढ़ मिनट से ज्यादा की बातचीत थी। ऑडियो में राइस मिल मालिक सस्ते दाम यानी कि बढ़िया से बढ़िया धान की खरीद 1250 रुपये में करने की बात कही थी। राइस मिल मालिक का कहना था कि धान अगर किसान सुखाता भी है तो भी उसके रेट 1250 रुपये क्विंटल से अधिक नहीं लग पाएंगे। अगर किसान अपना पंजीकरण करा लेता है। उसके कागज राइस मिलर को सौंप देता है तो उस पर 100 रुपये प्रति क्विंटल अलग से मिल जाएगा। यह स्थिति तब है, जबकि किसानों से सरकारी धान खरीद 1868 रुपये क्विंटल करने के आदेश हैं। मगर, राइस मिल मालिक और माफिया मिलकर अधिक नमी के नाम पर किसानों से 900 से 1250 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदकर उसकी हाड़ तोड़ मेहनत पर पानी फेरने में लगे थे। सूत्रों के अनुसार मामले का खुलासा होने के बाद राइस मिल मालिक ने किसानों से धान तय कीमत से बहुत सस्ते में खरीदने के बाद महंगे दामों में बेचने की बात कबूल की। रविवार शाम चार बजे के बाद अफसरों ने ओम राइस मिल में छापा भी मारा था। उसमें राइस मिल के अंदर धान खरीद और रजिस्टरों में तमाम गड़बड़ी मिली थी। इसी के बाद से राइस मिल मालिक पर कार्रवाई तय मानी जा रही थी।
दूसरे दिन सोमवार को राइस मिल मालिक पर कानूनी शिकंजा कसा गया। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी भूपेंद्र कुमार ने इस मामले में राइस मिल मालिक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। थाना सुनगढ़ी इंस्पेक्टर अतर सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उसमें राइस मिल मालिक पर सरकारी धान खरीद बाधित करने का आरोप है। शासन की मंशा के अनुरूप धान क्रय केंद्र पर सरकारी खरीद में बाधा डालने के आशय से किसान से भी बात की जा रही है। इस मामले में राइस मिल मालिक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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कुछ दिन पहले ओम राइस मिल के मालिक और गजरौला क्षेत्र के गांव चित्तरपुर के एक किसान में धान खरीद को लेकर बातचीत का ऑडियो सोशल साइट्स पर वायरल हो गया था। उसमें राइस मिल मालिक और किसान के बीच डेढ़ मिनट से ज्यादा की बातचीत थी। ऑडियो में राइस मिल मालिक सस्ते दाम यानी कि बढ़िया से बढ़िया धान की खरीद 1250 रुपये में करने की बात कही थी। राइस मिल मालिक का कहना था कि धान अगर किसान सुखाता भी है तो भी उसके रेट 1250 रुपये क्विंटल से अधिक नहीं लग पाएंगे। अगर किसान अपना पंजीकरण करा लेता है। उसके कागज राइस मिलर को सौंप देता है तो उस पर 100 रुपये प्रति क्विंटल अलग से मिल जाएगा। यह स्थिति तब है, जबकि किसानों से सरकारी धान खरीद 1868 रुपये क्विंटल करने के आदेश हैं। मगर, राइस मिल मालिक और माफिया मिलकर अधिक नमी के नाम पर किसानों से 900 से 1250 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदकर उसकी हाड़ तोड़ मेहनत पर पानी फेरने में लगे थे। सूत्रों के अनुसार मामले का खुलासा होने के बाद राइस मिल मालिक ने किसानों से धान तय कीमत से बहुत सस्ते में खरीदने के बाद महंगे दामों में बेचने की बात कबूल की। रविवार शाम चार बजे के बाद अफसरों ने ओम राइस मिल में छापा भी मारा था। उसमें राइस मिल के अंदर धान खरीद और रजिस्टरों में तमाम गड़बड़ी मिली थी। इसी के बाद से राइस मिल मालिक पर कार्रवाई तय मानी जा रही थी।
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दूसरे दिन सोमवार को राइस मिल मालिक पर कानूनी शिकंजा कसा गया। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी भूपेंद्र कुमार ने इस मामले में राइस मिल मालिक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। थाना सुनगढ़ी इंस्पेक्टर अतर सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उसमें राइस मिल मालिक पर सरकारी धान खरीद बाधित करने का आरोप है। शासन की मंशा के अनुरूप धान क्रय केंद्र पर सरकारी खरीद में बाधा डालने के आशय से किसान से भी बात की जा रही है। इस मामले में राइस मिल मालिक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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