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घायल टेलर की बरेली में इलाज के दौरान मौत
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मझोला (पीलीभीत)। तीन दिन पूर्व मारपीट में घायल हुए युवक की बरेली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बरेली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया। इधर, परिजन ने ससुराल वालों की पिटाई से आई चोटों से मौत का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद घटना को शुरू से टाल रही न्यूरिया पुलिस खुद का बचाव करने के लिए परिजन से संपर्क साधकर अब उन्हें कार्रवाई का भरोसा दे रही है।
कस्बा मझोला के वार्ड नंबर दो आदर्श कॉलोनी निवासी मलखान सिंह ने बताया कि उनका बेटा रोहित कुमार (27) सिलाई का काम करता था। उसकी शादी 2017 में न्यूरिया कस्बे की एक युवती से हुई थी। उसके एक साल का बेटा देव है। 29 मई को उसकी पत्नी अपने परिवार के लोगों के साथ मायके चली गई। इसके बाद से उसको बुलाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं आई। इस पर एक वाद 29 मई को रोहित की तरफ से न्यायालय में डाल दिया गया, इसकी 25 सितंबर को तारीख नियत की गई है। आरोप है कि 15 अगस्त को रोहित अपने दोस्त यूसुफ के साथ कपड़ों की खरीदारी करने के लिए न्यूरिया गया था। आरोप है कि वहां पर ससुराल वालों ने घेरकर उसकी पिटाई कर दी। इसमें रोहित को काफी चोटें आईं। आरोपी ससुराल वाले रोहित की बाइक भी छीन ले गए। घायल रोहित को पहले पीलीभीत के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर तीन दिन पूर्व बरेली के एक अस्पताल में ले गए। वहां पर इलाज के दौरान बुधवार सुबह रोहित की मौत हो गई। बरेली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इधर, युवक की मौत की सूचना मिलने के बाद न्यूरिया पुलिस भी एक्टिव हो गई। दरोगा उत्तम कुमार को बरेली भेजकर जानकारी कराई गई। परिवार को कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया गया। अब पुलिस कानूनी कार्रवाई के लिए तहरीर का इंतजार कर रही है।
शिकायत के बाद भी अनसुना करती रही न्यूरिया पुलिस
इस पूरे मामले में न्यूरिया पुलिस पर संगीन आरोप लगे हैं। थाना न्यूरिया पुलिस संगीन मामला होने के बावजूद पीड़ित परिवार को ही धमकाने में लगी रही थी। परिजन ने बताया कि रोहित के साथ हुई घटना के बाद तहरीर दी गई तो पुलिस ने उनको डांटकर भगा दिया। लड़की पक्ष से तहरीर मिलने पर जेल भेजने की भी धमकी दे दी गई। इसके अलावा जिस दिन रोहित की पत्नी को ससुराल वाले जबरन लेकर गए, उस दिन भी शिकायत करने पर पीड़ित परिवार के दो लोगों को शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। थाना पुलिस के अनसुना करने पर जब 1076 पर शिकायत दर्ज कराई गई, तो पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया, लेकिन पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। छीनी गई बाइक को आरोपियों से वापस लेकर थाने पर खड़ा कर लिया। परिजन रोहित की गंभीर हालत का हवाला देते रहे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। शायद यही वजह रही कि रोहित की मौत की खबर मिलते ही अचानक पुलिस एक्टिव हुई और दरोगा बरेली तक भेज दिया। ताकि खुद की लापरवाही पर पर्दा डाला जा सके।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्टअटैक की ओर इशारा
भले ही परिवार वाले रोहित राठौर की मौत के बाद ससुरालियों की मारपीट से आई चोटों को बताते हुए हत्या की बात कह रहे हों। पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया गया है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद गुत्थी उलझ सी गई है। इंस्पेक्टर न्यूरिया बिरजाराम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रोहित की मौत की वजह शॉक से बताई गई है। इसमें हार्टअटैक से मौत की ओर इशारा किया गया है। शरीर पर सिर्फ घुटने में कुछ चोट बताई गई है, लेकिन मौत उससे नहीं है।
इस पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। थाना पुलिस से जानकारी की गई है। एक दरोगा बरेली भी भेजा गया है। न्यूरिया इंस्पेक्टर को मामले में जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
-रोहित मिश्र, एएसपी
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कस्बा मझोला के वार्ड नंबर दो आदर्श कॉलोनी निवासी मलखान सिंह ने बताया कि उनका बेटा रोहित कुमार (27) सिलाई का काम करता था। उसकी शादी 2017 में न्यूरिया कस्बे की एक युवती से हुई थी। उसके एक साल का बेटा देव है। 29 मई को उसकी पत्नी अपने परिवार के लोगों के साथ मायके चली गई। इसके बाद से उसको बुलाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं आई। इस पर एक वाद 29 मई को रोहित की तरफ से न्यायालय में डाल दिया गया, इसकी 25 सितंबर को तारीख नियत की गई है। आरोप है कि 15 अगस्त को रोहित अपने दोस्त यूसुफ के साथ कपड़ों की खरीदारी करने के लिए न्यूरिया गया था। आरोप है कि वहां पर ससुराल वालों ने घेरकर उसकी पिटाई कर दी। इसमें रोहित को काफी चोटें आईं। आरोपी ससुराल वाले रोहित की बाइक भी छीन ले गए। घायल रोहित को पहले पीलीभीत के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर तीन दिन पूर्व बरेली के एक अस्पताल में ले गए। वहां पर इलाज के दौरान बुधवार सुबह रोहित की मौत हो गई। बरेली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इधर, युवक की मौत की सूचना मिलने के बाद न्यूरिया पुलिस भी एक्टिव हो गई। दरोगा उत्तम कुमार को बरेली भेजकर जानकारी कराई गई। परिवार को कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया गया। अब पुलिस कानूनी कार्रवाई के लिए तहरीर का इंतजार कर रही है।
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शिकायत के बाद भी अनसुना करती रही न्यूरिया पुलिस
इस पूरे मामले में न्यूरिया पुलिस पर संगीन आरोप लगे हैं। थाना न्यूरिया पुलिस संगीन मामला होने के बावजूद पीड़ित परिवार को ही धमकाने में लगी रही थी। परिजन ने बताया कि रोहित के साथ हुई घटना के बाद तहरीर दी गई तो पुलिस ने उनको डांटकर भगा दिया। लड़की पक्ष से तहरीर मिलने पर जेल भेजने की भी धमकी दे दी गई। इसके अलावा जिस दिन रोहित की पत्नी को ससुराल वाले जबरन लेकर गए, उस दिन भी शिकायत करने पर पीड़ित परिवार के दो लोगों को शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। थाना पुलिस के अनसुना करने पर जब 1076 पर शिकायत दर्ज कराई गई, तो पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया, लेकिन पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। छीनी गई बाइक को आरोपियों से वापस लेकर थाने पर खड़ा कर लिया। परिजन रोहित की गंभीर हालत का हवाला देते रहे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। शायद यही वजह रही कि रोहित की मौत की खबर मिलते ही अचानक पुलिस एक्टिव हुई और दरोगा बरेली तक भेज दिया। ताकि खुद की लापरवाही पर पर्दा डाला जा सके।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्टअटैक की ओर इशारा
भले ही परिवार वाले रोहित राठौर की मौत के बाद ससुरालियों की मारपीट से आई चोटों को बताते हुए हत्या की बात कह रहे हों। पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया गया है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद गुत्थी उलझ सी गई है। इंस्पेक्टर न्यूरिया बिरजाराम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रोहित की मौत की वजह शॉक से बताई गई है। इसमें हार्टअटैक से मौत की ओर इशारा किया गया है। शरीर पर सिर्फ घुटने में कुछ चोट बताई गई है, लेकिन मौत उससे नहीं है।
इस पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। थाना पुलिस से जानकारी की गई है। एक दरोगा बरेली भी भेजा गया है। न्यूरिया इंस्पेक्टर को मामले में जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
-रोहित मिश्र, एएसपी