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Pilibhit News: स्वाइन फ्लू को लेकर जिले में अलर्ट
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सीएचसी से जिला अस्पताल तक संदिग्ध मरीजों की जांच की तैयारी, बुखार-खांसी और जुकाम के मरीजों पर रहेगी विशेष नजर
पीलीभीत। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्वाइन फ्लू के 337 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पीलीभीत में भी सतर्कता बढ़ा दी है। बारिश और मौसम में बदलाव के बीच जिले में बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश और शरीर में दर्द जैसी शिकायतों के मरीजों की संख्या बढ़ने से विभाग ने निगरानी तेज करने की तैयारी की है। संदिग्ध मरीजों की समय रहते पहचान और उपचार के लिए सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक जांच की सुविधा दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक स्वाइन फ्लू को लेकर जिले में सर्विलांस व्यवस्था को सक्रिय किया जा रहा है। बुखार, खांसी, जुकाम और सांस संबंधी परेशानी वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जाएगी। अस्पतालों में आने वाले ऐसे मरीजों की स्थिति की निगरानी करने के साथ ही जरूरत पड़ने पर उनकी जांच कराई जाएगी, जिससे संक्रमण की पुष्टि होने पर समय से उपचार शुरू किया जा सके।
बारिश के बाद मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। दिन और रात के तापमान में अंतर के साथ ही वातावरण में नमी बढ़ने से सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज भी बढ़े हैं। ऐसे में सामान्य वायरल और स्वाइन फ्लू के लक्षणों में समानता होने के कारण मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और चिकित्सक की सलाह लेने की अपील की है। संवाद
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, शरीर में दर्द, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ऐसे लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना अधिक सुरक्षित है। खासतौर पर जिन मरीजों को तेज बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत हो, उन्हें तत्काल चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
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सीएचसी से जिला अस्पताल तक बढ़ेगी निगरानी
जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सीएचसी और जिला अस्पताल स्तर पर व्यवस्थाएं मजबूत करने में जुटा है। संदिग्ध मरीजों की पहचान के साथ उनकी जांच और उपचार की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में विभागीय गाइडलाइन के अनुसार जांच और निगरानी की व्यवस्था को और प्रभावी किया जाएगा।
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बरेली मंडल की अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि मंडल के सभी जिलों में सर्विलांस अधिकारियों को स्वाइन फ्लू को लेकर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पीलीभीत में भी स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि आगे विभागीय स्तर से जो भी गाइडलाइन जारी होगी, उसका पालन कराया जाएगा और उसी के अनुसार स्वाइन फ्लू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
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पीलीभीत। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्वाइन फ्लू के 337 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पीलीभीत में भी सतर्कता बढ़ा दी है। बारिश और मौसम में बदलाव के बीच जिले में बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश और शरीर में दर्द जैसी शिकायतों के मरीजों की संख्या बढ़ने से विभाग ने निगरानी तेज करने की तैयारी की है। संदिग्ध मरीजों की समय रहते पहचान और उपचार के लिए सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक जांच की सुविधा दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक स्वाइन फ्लू को लेकर जिले में सर्विलांस व्यवस्था को सक्रिय किया जा रहा है। बुखार, खांसी, जुकाम और सांस संबंधी परेशानी वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जाएगी। अस्पतालों में आने वाले ऐसे मरीजों की स्थिति की निगरानी करने के साथ ही जरूरत पड़ने पर उनकी जांच कराई जाएगी, जिससे संक्रमण की पुष्टि होने पर समय से उपचार शुरू किया जा सके।
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बारिश के बाद मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। दिन और रात के तापमान में अंतर के साथ ही वातावरण में नमी बढ़ने से सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज भी बढ़े हैं। ऐसे में सामान्य वायरल और स्वाइन फ्लू के लक्षणों में समानता होने के कारण मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और चिकित्सक की सलाह लेने की अपील की है। संवाद
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, शरीर में दर्द, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ऐसे लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना अधिक सुरक्षित है। खासतौर पर जिन मरीजों को तेज बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत हो, उन्हें तत्काल चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
सीएचसी से जिला अस्पताल तक बढ़ेगी निगरानी
जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सीएचसी और जिला अस्पताल स्तर पर व्यवस्थाएं मजबूत करने में जुटा है। संदिग्ध मरीजों की पहचान के साथ उनकी जांच और उपचार की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में विभागीय गाइडलाइन के अनुसार जांच और निगरानी की व्यवस्था को और प्रभावी किया जाएगा।
बरेली मंडल की अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि मंडल के सभी जिलों में सर्विलांस अधिकारियों को स्वाइन फ्लू को लेकर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पीलीभीत में भी स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि आगे विभागीय स्तर से जो भी गाइडलाइन जारी होगी, उसका पालन कराया जाएगा और उसी के अनुसार स्वाइन फ्लू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।