फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   crime,Civic Amenities,dhan

डीएम ने खुद संभाली कमान, फिर गोलमाल करने से बाज नहीं आए बिचौलिये

Thu, 21 Jan 2021 12:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jan 2021 12:05 AM IST
विज्ञापन
crime,Civic Amenities,dhan
पीलीभीत। धान खरीद में इस बार शासन-प्रशासन की सख्ती के चलते माफिया और बिचौलिये बीते सालों की अपेक्षा खेल नहीं कर सके। डीएम पुलकित खरे ने शुरूआती दिनों में ही खुद कमान संभाली और धांधली पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। अफसरों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई का खाका तैयार किया गया, इसका असर यह रहा कि खुलकर गड़बड़ी नहीं हो सकी। क्रय केंद्र प्रभारियों पर हुई कार्रवाई से मातहत भी सचेत रहे, मगर किसान आंदोलन में अफसरों की व्यस्तता के बाद दोबारा बिचौलिये सक्रिय हो गए थे। ग्रामीण इलाकों में क्रय केंद्रों पर सांठगांठ कर धान खरीद में गोलमाल होता रहा, इसकी जानकारी मिलने पर डीएम ने सौ क्विंटल से अधिक धान बेचने वालों के सत्यापन की जिम्मेदारी तहसीलवार अधिकारियों को दे दी थी, इसमें पहला मामला कलीनगर में पकड़ में आया था। वह भी इसी तर्ज पर कागजों में जालसाजी कर धान बेचने से जुड़ा था। एक क्रय केंद्र प्रभारी पर भी अफसरों को भेजी गई रिपोर्ट और पोर्टल पर अपलोड धान खरीद की जानकारी अलग मिलने पर एफआईआर कराई गई थी। यह एफआईआर माधोटांडा थाने में हुई थी। अभी सत्यापन कार्य जारी है, इसके अलावा बीसलपुर में कुछ ऐसे संदिग्ध भी सामने आए थे, जो गन्ना बेचने के समय में ही अपने खेत से धान काटकर बेचने आ गए थे। शक होने पर इस तरह के संदिग्ध किसानों का भी सत्यापन कराया जा रहा है। डिप्टी आरएमओ अविनाश झा ने बताया कि क्रय केंद्रों से टीम को किसानों की जानकारी दी गई है। सत्यापन में कहीं कोई गड़बड़ी मिलते ही कार्रवाई करा रहे हैं। अभी फिलहाल सत्यापन कार्य जारी है, इससे पहले कलीनगर क्षेत्र में धोखाधड़ी पकड़ी गई थी।
विज्ञापन

धान खरीद को पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जा रहा है। शुरुआत से ही नजर रखी जा रही है। गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। तहसीलवार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करके सत्यापन करा रहे हैं। - पुलकित खरे, डीएम
विज्ञापन

सख्ती होने पर खरीद से पीछे हट गई थीं एजेंसियां
धान खरीद में हर बार बड़ा गोलमाल किया जाता है। इस बार शासन-प्रशासन सख्त रहा तो घोटालेबाजों में खलबली मची रही थी। कई एजेंसियां बीच में ही खरीद से पीछे हट गईं थीं। किसी ने स्टाफ और संसाधन की कमी का हवाला देकर खरीद केंद्र बंद कर दिए थे। वहीं कुछ ने आर्थिक दिक्कत का हवाला दिया था। ऐसे में यही माना गया था कि सख्ती और खेल पकड़ने पर एफआईआर होने की वजह से एजेंसियों ने हाथ खड़े किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

धान ही नहीं चावल के उतार पर भी रहा बवाल
मामला सिर्फ क्रय केंद्रों पर धान खरीदे जाने तक सीमित नहीं रहा। इस बार सख्ती हुई तो चावल के उतार को लेकर भी शुरुआत में ही दिक्कत आ गई थी। राइस मिलर्स और एफसीआई के कर्मचारियों के बीच तनातनी हो गई थी। राइस मिलर्स ने सुविधा शुल्क न देने पर उनका चावल रिजेक्ट करने का आरोप लगाया था। विरोध करने पर कर्मचारियों पर अभद्रता करने के आरोप में जहानाबाद थाने में तहरीर भी दी गई थी। बाद में मंडल स्तर के अधिकारियों ने बातचीत कर दोनों को शांत कराया था।

ढुलाई में भी पकड़ा जा चुका है घपला
धान का उठान कराने के लिए ढुलाई का भी ठेका दिया गया था, इसमें भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी। ढुलाई में लगाए वाहनों की सूची में ऐसे नंबर भी दर्ज कर दिए गए थे, जो बाइकों के थे और उनसे धान की ढुलाई हो रही थी। इसकी हकीकत सामने आने पर पहले जिम्मेदार बचाव करते दिखे थे। बाद में डीएम ने एडीएम वित्त एवं एफआर से जांच कराई तो सच सामने आ गया था। मामले में सुनगढ़ी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा मंडियों और धान क्रय केंद्रों के निरीक्षण में भी कई बिचौलिये पकड़े गए थे। यह किसान से कम दाम पर धान खरीदने के बाद क्रय केंद्र पर बेचने की कोशिश कर रहे थे। बरेली से आए आरएमओ ने भी मंडी समिति में निरीक्षण के दौरान खुद एक बिचौलिया पकड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed