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दिसंबर में मिल सकती है वैक्सीन, तैयारियों में जुटा स्वास्थ्य विभाग
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पीलीभीत। वैश्विक महामारी कोरोना के भयपूर्ण वातावरण में सात माह से अधिक का समय निकल चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने दिसंबर में कोरोना की वैक्सीन मिलने की उम्मीद जताई है। इसको लेकर शासन से लेकर जिला प्रशासन तक तैयारियों में जुटा है। शासन के निर्देश पर सबसे पहले कोरोना वारियर्स को वैक्सीन लगाई जाएगी, कयोंकि वह हाईरिस्क में हैं। पहले चरण में सरकारी एवं निजी अस्पतालों के डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ के अलावा पुलिस विभाग के लोगों को वैक्सीन लगेगी। उसके बाद दूसरे विभागों के कोरोना वारियर्स और उनके सहयोगियों को वैक्सीन लगेगी।
कोरोना संकट शुरू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अब तक पीलीभीत में 1.35 लाख से अधिक लोगों की जांच करा चुका है। इनमें 3628 मरीज कोरोना संक्रमित निकल चुके हैं, जबकि 72 मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी। हालांकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 3478 है। वर्तमान में भी 77 कोरोना संक्रमित एक्टिव हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों में आम लोगों के अलावा डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस और दूसरे विभागों के अफसर कर्मचारी भी शामिल हैं। अक्टूबर में हालांकि कोरोना संक्रमण का ग्राफ कम हो गया है। अब प्रतिदिन दो से तीन कोरोना संक्रमित ही निकल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि अब कोरोना की वैक्सीन बनकर लगभग तैयार हो चुकी है। जल्द ही मिलने की उम्मीद है।
निजी अस्पतालों से भी मांगा स्टाफ का ब्योरा
जनपद में 70 से अधिक निजी अस्पताल संचालित हैं। जहां करीब एक हजार कर्मचारी काम करते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के प्रबंधकों से उनके यहां काम करने वाले स्टाफ का ब्योरा मांगा है, ताकि उन्हें वैक्सीन लगाई जा सके। क्योंकि कोरोना के दौरान वह लोग भी हाईरिस्क में थे।
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‘कोरोना वैक्सीन के संबंध में शासन की ओर से माइक्रो प्लान मांगा गया है। सबसे पहले वैक्सीन का टीका स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों को लगाया जाएगा। उनकी सूची बनाकर शासन को भेजी जा रही है। जल्द ही वैक्सीन मिलने की उम्मीद है।’ - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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कोरोना संकट शुरू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अब तक पीलीभीत में 1.35 लाख से अधिक लोगों की जांच करा चुका है। इनमें 3628 मरीज कोरोना संक्रमित निकल चुके हैं, जबकि 72 मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी। हालांकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 3478 है। वर्तमान में भी 77 कोरोना संक्रमित एक्टिव हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों में आम लोगों के अलावा डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस और दूसरे विभागों के अफसर कर्मचारी भी शामिल हैं। अक्टूबर में हालांकि कोरोना संक्रमण का ग्राफ कम हो गया है। अब प्रतिदिन दो से तीन कोरोना संक्रमित ही निकल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि अब कोरोना की वैक्सीन बनकर लगभग तैयार हो चुकी है। जल्द ही मिलने की उम्मीद है।
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निजी अस्पतालों से भी मांगा स्टाफ का ब्योरा
जनपद में 70 से अधिक निजी अस्पताल संचालित हैं। जहां करीब एक हजार कर्मचारी काम करते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के प्रबंधकों से उनके यहां काम करने वाले स्टाफ का ब्योरा मांगा है, ताकि उन्हें वैक्सीन लगाई जा सके। क्योंकि कोरोना के दौरान वह लोग भी हाईरिस्क में थे।
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‘कोरोना वैक्सीन के संबंध में शासन की ओर से माइक्रो प्लान मांगा गया है। सबसे पहले वैक्सीन का टीका स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों को लगाया जाएगा। उनकी सूची बनाकर शासन को भेजी जा रही है। जल्द ही वैक्सीन मिलने की उम्मीद है।’ - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ