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पीलीभीत जिला कारागार तक पहुंचा कोरोना, 105 बंदी निकले पॉजिटिव
Thu, 17 Sep 2020 01:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
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Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2020 01:53 AM IST
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corona
- फोटो : पीटीआई
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कोरोना जिला जेल तक पहुंच गया है। देर रात आई जांच रिपोर्ट में जिला कारागार में 105 बंदी कोरोना पॉजिटिव निकले। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला कारागार प्रशासन में खलबली मच गई। संक्रमितों में कई सजायाफ्ता और कई विचाराधीन बंदी हैं।
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स्वास्थ्य विभाग ने मंथन करने के बाद प्रशासनिक अफसरों के निर्देश पर कोरोना संक्रमित 84 बंदियों को जेल में ही आइसोलेट कर दिया है, बाकी कोरोना लक्षण वाले 19 संक्रमितों को लेवल वन कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरक्षा के लिए वहां पर फोर्स को तैनात किया गया है।
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जिला कारागार की क्षमता 602 बंदी और कैदी रखने की निर्धारित की गई है। इसके लिए 13 बैरकें बनाई गई हैं। वर्तमान में जेल के अंदर 946 बंदी और कैदी बंद हैं। कोरोना संक्रमण फैलने के बाद जिला जेल में बाहर से आने वाले बंदियों की नियमित कोरोना जांच कराई जाती है।
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12 सितंबर को जिला कारागार प्रशासन ने जेल में बंद बंदियों और कैदियों की कोरोना की जांच कराई थी। मंगलवार देर रात बरेली के आईवीआरआई की लैब से आई जांच रिपोर्ट में जिला कारागार के 105 बंदी और कैदी कोरोना संक्रमित निकले।
जांच रिपोर्ट देखकर स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन को सूचना दी। जेल में सूचना पहुंचते ही बंदियों के बीच हड़कंप मच गया। जिला कारागार प्रशासन के मुताबिक दो दिन पहले ही दो बंदियों की जमानत हो चुकी थी। बाकी सभी जेल में ही बंद हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीएम के निर्देश पर संक्रमित बंदियों को जेल में ही आइसोलेट करने की व्यवस्था की है।
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. आरके सिंह की टीम ने जेल पहुंचकर संक्रमितों का दोबारा से चेकअप किया। इनमें 19 संक्रमितों में कोरोना के लक्षण मिले, बाकी 84 बंदियों में संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए। 19 संक्रमितों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयुर्वेदिक कॉलेज के कोविड अस्पताल भिजवाया गया। 84 संक्रमितों के लिए जिला कारागार की दो बैरकों में आइसोलेशन वार्ड तैयार कराकर उन्हें वहां पर आइसोलेट किया गया।
जिला कारागार कर्मचारियों के मुताबिक एक बैरक में 80 से 90 बंदी की क्षमता होती है। मगर, कोरोना के चलते दो बैरकों में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम संक्रमित को आइसोलेट करने के बाद वहां से वापस चली गई।
जेल में कैसे पहुंचा कोरोना संक्रमण
कोरोना संक्रमण के दौर में यहां आने वाले प्रत्येक बंदी की पहले जांच कराई जाती है। रिपोर्ट न आने तक उसे अस्थायी जेल में रख जाता है। इसके बाद ही वहां शिफ्ट किया जाता है। जेल का अगर कोई भी पुलिस कर्मी छुट्टी पर जाता है तो लौटने पर उसकी भी कोरोना जांच होती है। इसके बाद भी कोरोना जेल के अंदर तक पहुंच गया। आखिरकार कहीं न कहीं जांच में लापरवाही की गई। स्वास्थ्य विभाग चिंता में है। स्वास्थ्य विभाग संक्रमण के सोर्स की तलाश में जुटा है।
डीएम के निर्देश पर बंदियों को जेल में ही दो बैरकों में आइसोलेट कर दिया गया है। 19 बंदियों में कोरोना के लक्षण होने की वजह से उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ