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एल-2 अस्पताल में खत्म हुई ऑक्सीजन, सीएचसी से आए सिलिंडर तो बची मरीजों की जान
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पीलीभीत। एक बार फिर एल-2 कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। शुक्रवार को ऑक्सीजन खत्म होने से ऑक्सीजन पर चल रहे 87 कोरोना संक्रमितों की जान पर बन आई। आनन-फानन में कंसंट्रेटर और सीएचसी से सिलिंडर मंगाकर मरीजों को बचाया जा सका। हालांकि शाम को बरेली और शहर के एक प्लांट से 42 सिलिंडर मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने कुछ राहत की सांस ली। जबकि डिमांड 450 सिलिंडर की गई थी। मरीजों की संख्या को देखते हुए मुहैया कराई गई ऑक्सीजन शनिवार सुबह तक ही चल सकेगी। समय रहते बाकी ऑक्सीजन के सिलिंडर नहीं मिले तो समस्या उत्पन्न हो सकती है।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिले में मरीजों की मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। कुछ मरीजों की मौत के बाद परिवार वालों ने ऑक्सीजन पर्याप्त न मिलने के भी आरोप लगाए थे। कोविड अस्पताल में शुक्रवार दोपहर दो बजे 89 मरीज भर्ती थे। जिनमें 87 ऑक्सीजन पर हैं। डॉक्टरों के मुताबिक गंभीर मरीज पर प्रति दो मिनट की दर से पांच लीटर ऑक्सीजन खर्च होती है। यानी एक दिन में 7000 लीटर ऑक्सीजन वाला सिलिंडर खर्च होता है। बृहस्पतिवार को 20 सिलिंडर बचने के बाद कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश ने सीएमओ को 450 सिलिंडर की डिमांड भेजी थी। इस पर सीएमओ ने डीएम और ड्रग इंस्पेक्टर को पत्र भेजकर व्यवस्था करने के लिए कहा था। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से भी व्यवस्था करने में जुटा हुआ था। शुक्रवार सुबह तीन बजे ऑक्सीजन खत्म हो गई। इसके बाद कोविड अस्पताल में भर्ती मरीज परेशान भी हुए। गंभीर मरीजों की स्थिति बिगड़ना शुुरू हो गई थी। मरीजों ने अपने परिवार वालों को सूचना दी तो तीमारदार भी चिंतित हो गए। मरीजों को ऑक्सीजन देने के लिए सीएमओ ने पूरनपुर, बरखेड़ा और बीसलपुर सीएचसी से आनन-फानन में 10 छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाकर कोविड अस्पताल भिजवाए। इसके बाद कुछ गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन दी गई। बाकी मरीजों को कंसंट्रेटर मशीन से ऑक्सीजन दी गई। बताते हैं कि दस मिनट किसी को कंसंट्रेटर लगने के बाद दूसरे मरीजों पर लगाया जा रहा था। 14 घंटे बाद शाम पांच बजकर 15 मिनट पर बरेली और शहर के एक प्लांट से एल-2 कोविड अस्पताल को 10 बड़े और 32 छोटे सिलिंडरों की रिफिलिंग की गई। इसके बाद मरीजों को ऑक्सीजन मिल सकी। हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक जितनी ऑक्सीजन उन्हें दी गई है, वह सिर्फ शनिवार सुबह छह बजे तक ही चल सकती है, अगर देर रात तक ऑक्सीजन की सप्लाई और नहीं मिली है, तो फिर से संकट गहरा सकता है।
ऑक्सीजन की कमी हुई थी। तीन सीएचसी के सिलिंडर मंगाकर मरीजों को ऑक्सीजन दी गई थी। बाकी अन्य लोगों को कंसंट्रेटर से सप्लाई दी गई। फिलहाल 42 सिलिंडर मिल चुके हैं। देर रात तक और भी सप्लाई मिल जाएगी। मरीजों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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सांसद बोले- ऑक्सीजन की कमी होगी दूर, 100 सिलिंडर की हुई व्यवस्था
मरीजों के बढ़ने के बाद ऑक्सीजन की किल्लत सामने आ रही थी। इस समस्या को देखते हुए सांसद वरुण गांधी ने प्रयास किए हैं। जिसके बाद 100 सिलिंडर ऑक्सीजन की व्यवस्था का दावा किया गया है। सांसद ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते ऑक्सीजन की किल्लत का पता लगा था। ऑक्सीजन के अभाव में किसी की जान न जाए। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री, कमिश्नर बरेली और नैनीताल के डीएम से बात की गई। सभी से अलग-अलग प्रयास करने के बाद पीलीभीत जिले के लिए 100 ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की गई है। डीएम को भी एक पत्र लिखा गया है। इसमें जिले की सभी सीएचसी को बेड, ऑक्सीजन सहित समस्त सुविधाएं मुहैया कराते हुए कोविड सेंटर बनाने को कहा है।
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कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिले में मरीजों की मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। कुछ मरीजों की मौत के बाद परिवार वालों ने ऑक्सीजन पर्याप्त न मिलने के भी आरोप लगाए थे। कोविड अस्पताल में शुक्रवार दोपहर दो बजे 89 मरीज भर्ती थे। जिनमें 87 ऑक्सीजन पर हैं। डॉक्टरों के मुताबिक गंभीर मरीज पर प्रति दो मिनट की दर से पांच लीटर ऑक्सीजन खर्च होती है। यानी एक दिन में 7000 लीटर ऑक्सीजन वाला सिलिंडर खर्च होता है। बृहस्पतिवार को 20 सिलिंडर बचने के बाद कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश ने सीएमओ को 450 सिलिंडर की डिमांड भेजी थी। इस पर सीएमओ ने डीएम और ड्रग इंस्पेक्टर को पत्र भेजकर व्यवस्था करने के लिए कहा था। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से भी व्यवस्था करने में जुटा हुआ था। शुक्रवार सुबह तीन बजे ऑक्सीजन खत्म हो गई। इसके बाद कोविड अस्पताल में भर्ती मरीज परेशान भी हुए। गंभीर मरीजों की स्थिति बिगड़ना शुुरू हो गई थी। मरीजों ने अपने परिवार वालों को सूचना दी तो तीमारदार भी चिंतित हो गए। मरीजों को ऑक्सीजन देने के लिए सीएमओ ने पूरनपुर, बरखेड़ा और बीसलपुर सीएचसी से आनन-फानन में 10 छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाकर कोविड अस्पताल भिजवाए। इसके बाद कुछ गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन दी गई। बाकी मरीजों को कंसंट्रेटर मशीन से ऑक्सीजन दी गई। बताते हैं कि दस मिनट किसी को कंसंट्रेटर लगने के बाद दूसरे मरीजों पर लगाया जा रहा था। 14 घंटे बाद शाम पांच बजकर 15 मिनट पर बरेली और शहर के एक प्लांट से एल-2 कोविड अस्पताल को 10 बड़े और 32 छोटे सिलिंडरों की रिफिलिंग की गई। इसके बाद मरीजों को ऑक्सीजन मिल सकी। हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक जितनी ऑक्सीजन उन्हें दी गई है, वह सिर्फ शनिवार सुबह छह बजे तक ही चल सकती है, अगर देर रात तक ऑक्सीजन की सप्लाई और नहीं मिली है, तो फिर से संकट गहरा सकता है।
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ऑक्सीजन की कमी हुई थी। तीन सीएचसी के सिलिंडर मंगाकर मरीजों को ऑक्सीजन दी गई थी। बाकी अन्य लोगों को कंसंट्रेटर से सप्लाई दी गई। फिलहाल 42 सिलिंडर मिल चुके हैं। देर रात तक और भी सप्लाई मिल जाएगी। मरीजों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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सांसद बोले- ऑक्सीजन की कमी होगी दूर, 100 सिलिंडर की हुई व्यवस्था
मरीजों के बढ़ने के बाद ऑक्सीजन की किल्लत सामने आ रही थी। इस समस्या को देखते हुए सांसद वरुण गांधी ने प्रयास किए हैं। जिसके बाद 100 सिलिंडर ऑक्सीजन की व्यवस्था का दावा किया गया है। सांसद ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते ऑक्सीजन की किल्लत का पता लगा था। ऑक्सीजन के अभाव में किसी की जान न जाए। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री, कमिश्नर बरेली और नैनीताल के डीएम से बात की गई। सभी से अलग-अलग प्रयास करने के बाद पीलीभीत जिले के लिए 100 ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की गई है। डीएम को भी एक पत्र लिखा गया है। इसमें जिले की सभी सीएचसी को बेड, ऑक्सीजन सहित समस्त सुविधाएं मुहैया कराते हुए कोविड सेंटर बनाने को कहा है।