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पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद की कोरोना से मौत
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पीलीभीत। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष हाजी रियाज अहमद (62) की कोरोना से मौत हो गई। वह 24 अप्रैल को सांस लेने में दिक्कत होने पर एल-2 अस्पताल भर्ती कराए गए थे। ऑक्सीजन लेबल लगातार कम होने पर उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां बृहस्पतिवार तड़के मौत हो गई। पैतृक गांव गौहर में शव को सुपुर्द ए खाक किया गया। उनकी बेटी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रूकैय्या आरिफ भी कोरोना संक्रमित निकलने पर बरेली के निजी अस्पताल में इलाज करा रही हैं।
हाजी रियाज अहमद का जन्म तीन नवंबर 1958 को न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव गौहर में किसान परिवार में हुआ था। वह आठ भाई, दो बहन थे। पहली बार राष्ट्रीय संजय मंच से 1983, दूसरी बार 1989 में निर्दलीय, फिर 2002, 2007 और 2012 में लगातार तीन बार सपा से सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। शाही जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष थे। इसके अलावा लॉ कॉलेज, डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज के संस्थापक भी थे। उनकी गिनती तेजतर्रार सपा नेताओं में थी। सपा के अलावा वह राष्ट्रीय संजय मंच, जनता पार्टी, बसपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय क्रांति दल में भी रहे थे। उन्होंने पहला चुनाव अमरिया ब्लॉक क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य का लड़ा था, उसमें हार मिली थी। जनता दल के विघटन के बाद समाजवादी जनता पार्टी का गठन हुआ तो उन्हें युवा इकाई का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया था। इसके अलावा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव यूनियन के उप-सभापति सुरेश गंगवार की पत्नी समेत 16 लोगों की कोरोना से मौत हुई।
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हाजी रियाज अहमद का जन्म तीन नवंबर 1958 को न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव गौहर में किसान परिवार में हुआ था। वह आठ भाई, दो बहन थे। पहली बार राष्ट्रीय संजय मंच से 1983, दूसरी बार 1989 में निर्दलीय, फिर 2002, 2007 और 2012 में लगातार तीन बार सपा से सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। शाही जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष थे। इसके अलावा लॉ कॉलेज, डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज के संस्थापक भी थे। उनकी गिनती तेजतर्रार सपा नेताओं में थी। सपा के अलावा वह राष्ट्रीय संजय मंच, जनता पार्टी, बसपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय क्रांति दल में भी रहे थे। उन्होंने पहला चुनाव अमरिया ब्लॉक क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य का लड़ा था, उसमें हार मिली थी। जनता दल के विघटन के बाद समाजवादी जनता पार्टी का गठन हुआ तो उन्हें युवा इकाई का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया था। इसके अलावा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव यूनियन के उप-सभापति सुरेश गंगवार की पत्नी समेत 16 लोगों की कोरोना से मौत हुई।
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