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गले में खराश है तो यूकेलिप्टस के पत्तों की ले भांप

Wed, 21 Apr 2021 11:14 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 21 Apr 2021 11:14 PM IST
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corona home cure
पीलीभीत। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा संजीवनी साबित हो सकता है। गले में खराश की समस्या होने पर यूकेलिप्टस के पत्तों का भांप भी फायदेमंद हैं। आयुर्वेद चिकित्सकों के मुताबिक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़े का सेवन हितकारी है मगर इसे संतुलित मात्रा में ही लेना बेहतर होता है।
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गले में खराश या मामूली सर्दी जुकाम होने पर लोग अस्पतालों में दौड़ लगा रहे हैं। जरूरी नहीं है कि यह लक्षण होने पर संबंधित व्यक्ति कोरोना संक्रमित ही हो। यह सब कुछ मौसमी भी हो सकता है। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. हरीशंकर मिश्र के मुताबिक काढ़ा न सिर्फ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है बल्कि इससे सर्दी-जुकाम में भी राहत मिलती है। राजकीय आयुर्वेदिक फार्मेसी में तैयार किया गया अमृतादि क्वाथ और आयुष काढ़ा खासा मुफीद साबित हो रहा है। काढ़ा उपलब्ध न होने पर इसे घर में भी तैयार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि काली मिर्च, दालचीनी, तुलसी और सोंठ से काढ़ा बना सकते हैं। सोंठ न होने पर अदरक का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, मगर इन सभी सामग्रियों को संतुलित मात्रा में प्रयोग किया जाए, तभी यह उपयोगी साबित हो सकता है। तुलसी, सोंठ या अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। तुलसी मेें एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो सांस से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में काफी सहायक होती है। उन्होंने बताया कि एक चम्मच हल्दी सुबह शाम लेने से प्रतिरोधक क्षमता बरकरार रखी जा सकती है। यदि गले में खराश है तो इसके लिए यूकेलिप्टस के पत्तों को पानी में उबालकर उनकी भांप लेने से खराश होने की समस्या को समाप्त किया जा सकता है। बिना चिकित्सीय परामर्श के बार-बार काढ़े का सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसीलिए इसे संतुलित मात्रा में ही सेवन करें।
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कोरोनाकाल में काढ़े के सेवन के साथ दिनचर्या पर भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। कोरोना से घबराने की आवश्यकता नहीं है। कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करें। प्राणायाम और टहलना भी जरूरी है। इससे फेफड़ों की क्रियाशीलता भी बनी रहेगी। - डॉ. हरीशंकर मिश्र, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय
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