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आज से खुलेंगे जिम, संचालक बोले- कुछ तो मिली राहत
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पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने के बाद अब जिम संचालकों को भी कुछ राहत मिली है। सोमवार से अब जिम नियम-शर्तों पर खोले जाएंगे। महीनों से नुकसान झेल रहे जिम संचालकों ने सरकार के इस निर्णय पर खुशी जताई। यह भी कहा कि संक्रमण से बचाव के पूरे इंतजाम किए जाएंगे।
शहर में करीब 20 जिम संचालित हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से अप्रैल के अंतिम दिनों में जिम पर ताले लटक गए थे। इसके बाद अब जाकर जिम खुलने की छूट मिल सकी है। मगर कोविड प्रोटोकॉल का सभी को पालन कराना होगा। पिछले साल भी संक्रमण बढ़ा तो जिम बंद रहे थे। डेढ़ साल की बात करें तो मुश्किल से सात माह तक जिम खुल सके थे। जिम संचालकों ने कई बार ज्ञापन भी दिए, मगर संक्रमण को देखते हुए उन्हें खोलने की अनुमति नहीं दी गई थी। शासन के निर्देश पर सोमवार से अब जिम को खोला जाएगा। हालांकि अभी सिर्फ 50 फीसदी लोगों को बुलाने की अनुमति दी गई है। फिलहाल कुछ राहत मिलती देख जिम संचालक तैयारी में जुट गए हैं। जिम की साफ-सफाई भी कराई गई। जिम संचालकों का कहना है कि वह निमय का पालन करेंगे। एक बार में सिर्फ 10 लोगों को ही बुलाया जाएगा। टाइमिंग भी निर्धारित कर ली है। बिना मास्क किसी को एंट्री नहीं दी जाएगी।
लॉकडाउन से पहले शहर के जिम 60 लाख का कारोबार करते थे। मगर कोरोना ने जिम की आमदनी पर ब्रेक लगा दिए। जिम के बाकी खर्च जैसे बिजली बिल, किराया व ट्रेनर और वर्करों की तनख्वाह आदि देना बाकी है। ट्रेनरों तक की संख्या कम कर दी है। अब कुछ राहत मिलेगी।- विमल कुमार, जिम संचालक
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जिम खुलने से काफी हद तक राहत मिली है। अब युवा जिम कर अपनी फिटनेस को मेंटेन रख सकते हैं। शासन से छूट मिलने के बाद तैयारी पूरी कर ली गई है। एक बार मे 10 लोगों को ही जिम में बुलाया जाएगा। कोरोना के नियम का पालन पूरी तरह से कराए जाएंगे । - प्रतीक पांडेय, जिम संचालक
जिम बंद होने से सबसे अधिक प्रभाव फिटनेस ट्रेनर्स पर पड़ा है। सैकड़ों ट्रेनर बेरोजगार हो गए थे। अब उन्हें काम मिल जाएगा। कोरोना खत्म नहीं हुआ है, इसलिए बैच में सभी को मास्क और सामाजिक दूरी का पालन कराया जाएगा। ताकि संक्रमण का प्रसार न हो सके। - हरीश कुमार, जिम ट्रेनर
हमने प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार पिछले साल ही अपने जिम में नियमों में बदलाव कर दिया था। उसी तरह से अबकी बार भी जिम करने वालों से कोरोना प्रोटोकॉल के नियम का पालन कराएंगे। शासन के इस निर्णय से जिम संचालकों को काफी हद तक राहत मिली है। -हनी , जिम संचालक
सिनेमा देखने के लिए अभी भी लगानी होगी बरेली की दौड़
पीलीभीत। जिम के साथ ही सिनेमाघर खोलने की भी छूट सरकार ने दी है। मगर जनपद वासियों को इसके लिए अभी कोई खास राहत नहीं है। सिनेमा के शौकीन लोगों को बरेली ही दौड़ लगानी होगी। जनपद के एकमात्र सिनेमाघर के प्रबंधन ने अभी टॉकीज बंद रखने का ही फैसला लिया है। उनका कहना है कि नियम-शर्तों का पालन कराना, महंगी फिल्म लाने में लागत भी नहीं निकल पाएगी।
एक समय में जनपद में दस सिनेमाघर हुआ करते थे। इसमें चार शहर, दो बीसलपुर, दो पूरनपुर, एक न्यूरिया और एक बिलसंडा में था। मगर पिछले कुछ सालों में एक-एक कर सिनेमाघर पहले बदहाल हुए और फिर बंद होते चले गए। वर्तमान में सिर्फ विशाल टॉकीज ही संचालित है। उसकी तस्वीर भी बेहतर नहीं कही जा सकती। सोमवार से सिनेमाघर खुलने की मिली छूट के बाद भी अभी इसे संचालित नहीं किया जाएगा। प्रबंधन का मानना है कि जितने नियम शर्त रखे गए हैं। उस पर किए गए खर्च को देखते हुए लागत भी नहीं निकल पाएगी। इसी को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि अभी कुछ दिन और इंतजार करेंगे। फिर अगर संक्रमण पूरी तरह से थमता है, तो खोलने पर विचार किया जाएगा।
अभी नहीं खोलेंगे, करेंगे इंतजार
दरअसल अब जिले में सिनेमाघर का क्रेज कम ही है। कोविड प्रोटोकॉल के पालन कराने में ही काफी खर्च का जाएगा। पांच दिन की मिली छूट में महंगी फिल्मे लानी होंगी, मगर स्थानीय स्तर पर उतने दर्शक नहीं है। ऐसे में लागत भी नहीं निकल पाएगी। इसी वजह से अभी सिनेमाघर बंद रखने का ही निर्णय लिया है। चूंकि सरकार से कोई सब्सिडी भी नहीं मिलती तो खर्च अधिक और आमदनी न के बराबर हो चुकी है। अभी इंतजार करेंगे। - मोहम्मद असलम, प्रबंधक, विशाल टॉकीज
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शहर में करीब 20 जिम संचालित हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से अप्रैल के अंतिम दिनों में जिम पर ताले लटक गए थे। इसके बाद अब जाकर जिम खुलने की छूट मिल सकी है। मगर कोविड प्रोटोकॉल का सभी को पालन कराना होगा। पिछले साल भी संक्रमण बढ़ा तो जिम बंद रहे थे। डेढ़ साल की बात करें तो मुश्किल से सात माह तक जिम खुल सके थे। जिम संचालकों ने कई बार ज्ञापन भी दिए, मगर संक्रमण को देखते हुए उन्हें खोलने की अनुमति नहीं दी गई थी। शासन के निर्देश पर सोमवार से अब जिम को खोला जाएगा। हालांकि अभी सिर्फ 50 फीसदी लोगों को बुलाने की अनुमति दी गई है। फिलहाल कुछ राहत मिलती देख जिम संचालक तैयारी में जुट गए हैं। जिम की साफ-सफाई भी कराई गई। जिम संचालकों का कहना है कि वह निमय का पालन करेंगे। एक बार में सिर्फ 10 लोगों को ही बुलाया जाएगा। टाइमिंग भी निर्धारित कर ली है। बिना मास्क किसी को एंट्री नहीं दी जाएगी।
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लॉकडाउन से पहले शहर के जिम 60 लाख का कारोबार करते थे। मगर कोरोना ने जिम की आमदनी पर ब्रेक लगा दिए। जिम के बाकी खर्च जैसे बिजली बिल, किराया व ट्रेनर और वर्करों की तनख्वाह आदि देना बाकी है। ट्रेनरों तक की संख्या कम कर दी है। अब कुछ राहत मिलेगी।- विमल कुमार, जिम संचालक
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जिम खुलने से काफी हद तक राहत मिली है। अब युवा जिम कर अपनी फिटनेस को मेंटेन रख सकते हैं। शासन से छूट मिलने के बाद तैयारी पूरी कर ली गई है। एक बार मे 10 लोगों को ही जिम में बुलाया जाएगा। कोरोना के नियम का पालन पूरी तरह से कराए जाएंगे । - प्रतीक पांडेय, जिम संचालक
जिम बंद होने से सबसे अधिक प्रभाव फिटनेस ट्रेनर्स पर पड़ा है। सैकड़ों ट्रेनर बेरोजगार हो गए थे। अब उन्हें काम मिल जाएगा। कोरोना खत्म नहीं हुआ है, इसलिए बैच में सभी को मास्क और सामाजिक दूरी का पालन कराया जाएगा। ताकि संक्रमण का प्रसार न हो सके। - हरीश कुमार, जिम ट्रेनर
हमने प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार पिछले साल ही अपने जिम में नियमों में बदलाव कर दिया था। उसी तरह से अबकी बार भी जिम करने वालों से कोरोना प्रोटोकॉल के नियम का पालन कराएंगे। शासन के इस निर्णय से जिम संचालकों को काफी हद तक राहत मिली है। -हनी , जिम संचालक
सिनेमा देखने के लिए अभी भी लगानी होगी बरेली की दौड़
पीलीभीत। जिम के साथ ही सिनेमाघर खोलने की भी छूट सरकार ने दी है। मगर जनपद वासियों को इसके लिए अभी कोई खास राहत नहीं है। सिनेमा के शौकीन लोगों को बरेली ही दौड़ लगानी होगी। जनपद के एकमात्र सिनेमाघर के प्रबंधन ने अभी टॉकीज बंद रखने का ही फैसला लिया है। उनका कहना है कि नियम-शर्तों का पालन कराना, महंगी फिल्म लाने में लागत भी नहीं निकल पाएगी।
एक समय में जनपद में दस सिनेमाघर हुआ करते थे। इसमें चार शहर, दो बीसलपुर, दो पूरनपुर, एक न्यूरिया और एक बिलसंडा में था। मगर पिछले कुछ सालों में एक-एक कर सिनेमाघर पहले बदहाल हुए और फिर बंद होते चले गए। वर्तमान में सिर्फ विशाल टॉकीज ही संचालित है। उसकी तस्वीर भी बेहतर नहीं कही जा सकती। सोमवार से सिनेमाघर खुलने की मिली छूट के बाद भी अभी इसे संचालित नहीं किया जाएगा। प्रबंधन का मानना है कि जितने नियम शर्त रखे गए हैं। उस पर किए गए खर्च को देखते हुए लागत भी नहीं निकल पाएगी। इसी को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि अभी कुछ दिन और इंतजार करेंगे। फिर अगर संक्रमण पूरी तरह से थमता है, तो खोलने पर विचार किया जाएगा।
अभी नहीं खोलेंगे, करेंगे इंतजार
दरअसल अब जिले में सिनेमाघर का क्रेज कम ही है। कोविड प्रोटोकॉल के पालन कराने में ही काफी खर्च का जाएगा। पांच दिन की मिली छूट में महंगी फिल्मे लानी होंगी, मगर स्थानीय स्तर पर उतने दर्शक नहीं है। ऐसे में लागत भी नहीं निकल पाएगी। इसी वजह से अभी सिनेमाघर बंद रखने का ही निर्णय लिया है। चूंकि सरकार से कोई सब्सिडी भी नहीं मिलती तो खर्च अधिक और आमदनी न के बराबर हो चुकी है। अभी इंतजार करेंगे। - मोहम्मद असलम, प्रबंधक, विशाल टॉकीज