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Pilibhit News: इको सेंसिटिव जोन में निर्माणों का होगा सत्यापन, डीएम ने मांगी रिपोर्ट
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पीलीभीत। टाइगर रिजर्व से सटे इको सेंसिटिव जोन में हुए पक्के और अधूरे निर्माण कार्यों के सत्यापन को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी ने संबंधित वन अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई और सत्यापन रिपोर्ट मांगी है, ताकि आगामी सुनवाई में तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत किया जा सके।
पीटीआर के आसपास प्रस्तावित इको सेंसिटिव जोन को लेकर प्रशासन ने निर्माण कार्यों की स्थिति का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। इस संबंध में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं एनटीसीए से जुड़े अधिकारियों व बहराइच वन प्रभाग के डीएफओ को पत्र भेजकर अब तक किए गए सत्यापन और कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
इको सेंसिटिव जोन के अंतर्गत दो किलोमीटर क्षेत्र की अधिसूचना पूर्व में जारी की जा चुकी है और अंतिम ड्राफ्ट की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। इससे पहले एनजीटी ने टाइगर रिजर्व की परिधि में हुए पक्के एवं कथित अनाधिकृत निर्माणों पर गंभीर चिंता जताते हुए मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। जुलाई में इस प्रकरण की सुनवाई प्रस्तावित है।
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डीएम ने बताया कि एनजीटी को निर्धारित समय पर रिपोर्ट भेजी जानी है, जिसके लिए सूचनाएं और रिपोर्ट एकत्र की जा रही हैं। संवाद
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पीटीआर के आसपास प्रस्तावित इको सेंसिटिव जोन को लेकर प्रशासन ने निर्माण कार्यों की स्थिति का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। इस संबंध में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं एनटीसीए से जुड़े अधिकारियों व बहराइच वन प्रभाग के डीएफओ को पत्र भेजकर अब तक किए गए सत्यापन और कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
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इको सेंसिटिव जोन के अंतर्गत दो किलोमीटर क्षेत्र की अधिसूचना पूर्व में जारी की जा चुकी है और अंतिम ड्राफ्ट की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। इससे पहले एनजीटी ने टाइगर रिजर्व की परिधि में हुए पक्के एवं कथित अनाधिकृत निर्माणों पर गंभीर चिंता जताते हुए मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। जुलाई में इस प्रकरण की सुनवाई प्रस्तावित है।
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डीएम ने बताया कि एनजीटी को निर्धारित समय पर रिपोर्ट भेजी जानी है, जिसके लिए सूचनाएं और रिपोर्ट एकत्र की जा रही हैं। संवाद