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लाभ के पद पर रहकर प्रधानी का चुनाव जीतना पड़ा महंगा
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पूरनपुर। पुलिस का चौकीदार रहते हुए सिमरा ताल्लुके घुंघचाई से प्रधानी का चुनाव जीतना मंगूलाल को मंहगा पड़ गया। चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने मंगूलाल का चुनाव निरस्त कर याची पूरनलाल को सिमराया ताल्लुके घुंघचाई का प्रधान घोषित कर दिया। आदेश की प्रति जिला पंचायत राज अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को भेजी गई है। एक महीने में सुनवाई पूरी करने के हाईकोर्ट के आदेश पर प्रतिदिन मामले की सुनवाई की गई।
पंचायत चुनाव में गांव सिमराया ताल्लुके घुंघचाई निवासी मंगूलाल निर्वाचित हुए थे। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी पूरनलाल को चार मतों से पराजित किया था। पूरनलाल ने मंगूलाल के लाभ के पद (पुलिस का चौकीदार) तैनात होने के बाद भी प्रधानी का चुनाव लड़ने की 12 जुलाई 2021 को याचिका दायर की। इसमें मात्र चार वोटों का अंतर रहा और 100 मतपत्र निरस्त होने, चुनाव में मतदाता वाली मोहर गायब रहने पर कई मतदाताओं की ओर वोट देने को अंगूठे का प्रयोग करने आदि का तर्क दिया। एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मामला दो बार हाईकोर्ट तक पहुंचा। हाईकोर्ट ने 22 अगस्त 2022 को मामले की सुनवाई एक महीने में पूरी करने के आदेश दिए। इस पर याचिका की रोज सुनवाई शुरू की गई। सात सितंबर को सुनवाई पूरी कर एसडीएम ने मंगूलाल की प्रधानी को निरस्त कर पूरनलाल को प्रधान घोषित किया। आदेश की प्रतिलिपि डीपीआरओ और बीडीओ को भेजी गई है।
‘प्रधानी के पद पर रहते हुए लाभ के पद पर तैनात होने का मामला सुनवाई में पाया गया। मंगूलाल की प्रधानी निरस्त कर पूरनलाल को प्रधान घोषित किया गया है। इसकी सूचना विकास विभाग के अफसरों को भेज दी गई है।’
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- आशुतोष गुप्ता, एसडीएम
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पंचायत चुनाव में गांव सिमराया ताल्लुके घुंघचाई निवासी मंगूलाल निर्वाचित हुए थे। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी पूरनलाल को चार मतों से पराजित किया था। पूरनलाल ने मंगूलाल के लाभ के पद (पुलिस का चौकीदार) तैनात होने के बाद भी प्रधानी का चुनाव लड़ने की 12 जुलाई 2021 को याचिका दायर की। इसमें मात्र चार वोटों का अंतर रहा और 100 मतपत्र निरस्त होने, चुनाव में मतदाता वाली मोहर गायब रहने पर कई मतदाताओं की ओर वोट देने को अंगूठे का प्रयोग करने आदि का तर्क दिया। एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मामला दो बार हाईकोर्ट तक पहुंचा। हाईकोर्ट ने 22 अगस्त 2022 को मामले की सुनवाई एक महीने में पूरी करने के आदेश दिए। इस पर याचिका की रोज सुनवाई शुरू की गई। सात सितंबर को सुनवाई पूरी कर एसडीएम ने मंगूलाल की प्रधानी को निरस्त कर पूरनलाल को प्रधान घोषित किया। आदेश की प्रतिलिपि डीपीआरओ और बीडीओ को भेजी गई है।
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‘प्रधानी के पद पर रहते हुए लाभ के पद पर तैनात होने का मामला सुनवाई में पाया गया। मंगूलाल की प्रधानी निरस्त कर पूरनलाल को प्रधान घोषित किया गया है। इसकी सूचना विकास विभाग के अफसरों को भेज दी गई है।’
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- आशुतोष गुप्ता, एसडीएम