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समर्थन मूल्य से 660 रुपये कम में नीलाम हो रहा धान
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पूरनपुर मंडी में धान खरीद केंद्र का लगा बैनर।
- फोटो : PILIBHIT
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पूरनपुर। धान खरीद केंद्रों पर मानक का धान न होना बताकर अधिकांश किसानों को टरकाया जा रहा है। मंडी में होने वाली धान की नीलामी में भी मात्र औपचारिकता होने से कुछ आढ़ती ही भाग ले रहे हैं। नीलामी में धान की कीमत गिराकर बोली लगाई जा रही है। शुक्रवार को समर्थन मूल्य से 660 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर किसान का धान नीलाम हुआ। ग्रेड ए के धान का समर्थन मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल तय है। जबकि शुक्रवार को किसान का धान 1300 रुपये प्रति क्विंटल नीलाम में लगी थी।
बता दें कि मंडी समिति में अधिकांश धान खरीद केंद्रों के नाम पर मात्र बैनर लगाकर छोड़े गए है। कर्मचारी खरीद केंद्रों से अक्सर नदारद रहते है। मगर खरीद होना दर्शाई जा रही है। धान की बिक्री को टोकन जारी कराने की होड़ में कई ऐसे किसानों ने टोकन जारी करा लिए। जिनका धान अभी खेतों में खड़ा है। ऐसे में धान कटवा चुके किसानों को टोकन की तिथि 20 से 25 दिन बाद मिलने पर धान कहां बिक्री को ले जाए को लेकर किसान असमंजस में है।
मंडी समिति में 15 और गुड़ मंडी में चार धान खरीद केंद्र लगाए गए है। मगर मंडी समिति के तीन-चार खरीद केंद्रों को छोड़कर अन्य खरीद केंद्रों के नाम पर मात्र बैनर लटक रहे है। इन खरीद केंद्रों पर न तो कर्मचारी बैठते है और न ही कांटा, डस्टर आदि है। जबकि मंगलवार को डीएम ने मंडी समिति के धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया था। इंटरनेट सेवा बंद होने पर उन्होंने उन किसानों के धान की ऑफलाइन खरीद करने के निर्देश दिए थे।
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बता दें कि मंडी समिति में अधिकांश धान खरीद केंद्रों के नाम पर मात्र बैनर लगाकर छोड़े गए है। कर्मचारी खरीद केंद्रों से अक्सर नदारद रहते है। मगर खरीद होना दर्शाई जा रही है। धान की बिक्री को टोकन जारी कराने की होड़ में कई ऐसे किसानों ने टोकन जारी करा लिए। जिनका धान अभी खेतों में खड़ा है। ऐसे में धान कटवा चुके किसानों को टोकन की तिथि 20 से 25 दिन बाद मिलने पर धान कहां बिक्री को ले जाए को लेकर किसान असमंजस में है।
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मंडी समिति में 15 और गुड़ मंडी में चार धान खरीद केंद्र लगाए गए है। मगर मंडी समिति के तीन-चार खरीद केंद्रों को छोड़कर अन्य खरीद केंद्रों के नाम पर मात्र बैनर लटक रहे है। इन खरीद केंद्रों पर न तो कर्मचारी बैठते है और न ही कांटा, डस्टर आदि है। जबकि मंगलवार को डीएम ने मंडी समिति के धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया था। इंटरनेट सेवा बंद होने पर उन्होंने उन किसानों के धान की ऑफलाइन खरीद करने के निर्देश दिए थे।
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