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Pilibhit News: वृद्धावस्था पेंशन में जीवित व्यक्ति को दिखाया मृत, ग्राम विकास अधिकारी निलंबित
Wed, 07 Oct 2026 12:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 07 Oct 2026 12:23 AM IST
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जनसुनवाई में शिकायत के बाद हुई जांच में सामने आई लापरवाही, डीएम ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। विकास खंड मरौरी की ग्राम पंचायत पुरवा भूड़ा में वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन में जीवित लाभार्थी को मृत दर्शाने के मामले में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने ग्राम विकास अधिकारी पवन पटेल को निलंबित कर दिया है। लाभार्थी की पेंशन इसी कारण रोक दी गई थी।
ग्राम पुरवा भूड़ा निवासी बीरवल पुत्र दुलीराम ने कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि पेंशन सत्यापन में उन्हें मृत दर्शाकर वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई है। डीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी के पत्र और खंड विकास अधिकारी मरौरी की जांच आख्या के आधार पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने प्रकरण की जांच की। इसमें पाया गया कि ग्राम विकास अधिकारी पवन पटेल ने पेंशन सत्यापन के दौरान बीरवल को मृत दर्शाया था। इससे वह पेंशन के लाभ से वंचित हो गए।
जांच में ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि पंचायत सहायक और प्रधान पुत्र से मिली जानकारी के आधार पर लाभार्थी को मृत दर्शाया गया था। बाद में ग्राम पंचायत स्तर पर जानकारी करने पर बीरवल के जीवित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पेंशन दोबारा शुरू कराने की कार्रवाई की गई। जांच में ग्राम विकास अधिकारी की लापरवाही और पदीय दायित्वों के समुचित निर्वहन न करने की बात प्रथम दृष्टया सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने पवन पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। डीएम आलोक कुमार ने बताया कि पदीय दायित्वों में लापरवाही पर ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित किया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। विकास खंड मरौरी की ग्राम पंचायत पुरवा भूड़ा में वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन में जीवित लाभार्थी को मृत दर्शाने के मामले में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने ग्राम विकास अधिकारी पवन पटेल को निलंबित कर दिया है। लाभार्थी की पेंशन इसी कारण रोक दी गई थी।
ग्राम पुरवा भूड़ा निवासी बीरवल पुत्र दुलीराम ने कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि पेंशन सत्यापन में उन्हें मृत दर्शाकर वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई है। डीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी के पत्र और खंड विकास अधिकारी मरौरी की जांच आख्या के आधार पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने प्रकरण की जांच की। इसमें पाया गया कि ग्राम विकास अधिकारी पवन पटेल ने पेंशन सत्यापन के दौरान बीरवल को मृत दर्शाया था। इससे वह पेंशन के लाभ से वंचित हो गए।
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जांच में ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि पंचायत सहायक और प्रधान पुत्र से मिली जानकारी के आधार पर लाभार्थी को मृत दर्शाया गया था। बाद में ग्राम पंचायत स्तर पर जानकारी करने पर बीरवल के जीवित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पेंशन दोबारा शुरू कराने की कार्रवाई की गई। जांच में ग्राम विकास अधिकारी की लापरवाही और पदीय दायित्वों के समुचित निर्वहन न करने की बात प्रथम दृष्टया सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने पवन पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। डीएम आलोक कुमार ने बताया कि पदीय दायित्वों में लापरवाही पर ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित किया गया है।
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