{"_id":"60f4734c8ebc3e79be17cd9d","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly453571020","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्रवाई से बचने के लिए हथकंडे अपना रहे आरोपी, बारिश में डलवा रहे लिंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्रवाई से बचने के लिए हथकंडे अपना रहे आरोपी, बारिश में डलवा रहे लिंटर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरनपुर। आंगनबाड़ी केंद्र भवन न बनाकर पौने सात लाख रुपये का गबन करने के मामले में आरोपी आनन-फानन में भवन निर्माण करने में जुटे है। ताकि किसी तरह कार्रवाई से बचा जा सके। लगातार हो रही बारिश में लिंटर डलवाने का हुआ काम ग्राम पंचायत के लोगों में चर्चा का विषय बना रहा।
ग्राम पंचायत शहबाजपुर के प्राथमिक स्कूल, ग्राम पंचायत के गांव घाटमपुर के जूनियर हाईस्कूल में सीएण्डडीएस संस्था की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कराया गया था। ग्राम पंचायत में दो आंगनबाड़ी केंद्र भवन होने के बाद भी ग्राम पंचायत ने गलत ढंग से आंगनबाड़ी केंद्र भवन का प्रस्ताव पास किया। वर्ष 2018-19 में ग्राम पंचायत में एक आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हुआ। इस आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण ग्राम पंचायत को कराना था। मगर योजनाबद्ध ढंग से बगैर आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कराए पौने सात लाख रुपये का गबन कर लिया गया। भवन निर्माण हुआ नहीं, मनरेगा मजदूरों ने मजदूरी की नहीं। मगर रोजगार सेवक ने मस्टररोल बनाकर खेल कर लिया। तकनीकी सहायक ने बगैर भवन निर्माण के ही मेजरमेंट बुक तैयार कर ली। सांठगांठ से धनराशि का गबन कर लिया और पुराने बने भवन को नया बताया जाने लगा। शिकायत पर हुई जांच में बगैर आंगनबाड़ी भवन निर्माण कराए एक साल पहले ही सारे भुगतान करा लेना पाया गया। जांच के बाद अब कार्रवाई से बचने को आनन फानन में आरोपी घाटमपुर के प्राइमरी स्कूल परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाने में जुटे हैं। तेजी से कराए जा रहे निर्माण कार्य में बेहद घटिया निर्माण सामग्री लगाई जा रही है। रविवार को बारिश में ही लिंटर डालने का काम कराया गया।
जनता विश्वास कर अपना प्रतिनिधि चुनती है। ताकि क्षेत्र का विकास हो। मगर आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण न कराकर पौने सात लाख रुपये हड़पने का मामला बेहद निंदनीय है। इसमें ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो घपला करने वालों के लिए एक नजीर बने। - परमजीत सिंह, प्रधान
विज्ञापन
कार्रवाई से बचने को घटिया निर्माण सामग्री से भवन निर्माण होने की जानकारी है। मगर अब इस भवन का कोई औचित्य ही नहीं है। आंगनबाड़ी भवन निर्माण की धनराशि तो एक साल पहले ही निकालकर गबन कर ली गई। पूर्व प्रधान, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक जांच में आरोपी निकले है। रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ चारों से वसूली कराई जाएगी। - सुनील जायसवाल, बीडीओ
विज्ञापन
ग्राम पंचायत शहबाजपुर के प्राथमिक स्कूल, ग्राम पंचायत के गांव घाटमपुर के जूनियर हाईस्कूल में सीएण्डडीएस संस्था की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कराया गया था। ग्राम पंचायत में दो आंगनबाड़ी केंद्र भवन होने के बाद भी ग्राम पंचायत ने गलत ढंग से आंगनबाड़ी केंद्र भवन का प्रस्ताव पास किया। वर्ष 2018-19 में ग्राम पंचायत में एक आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हुआ। इस आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण ग्राम पंचायत को कराना था। मगर योजनाबद्ध ढंग से बगैर आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कराए पौने सात लाख रुपये का गबन कर लिया गया। भवन निर्माण हुआ नहीं, मनरेगा मजदूरों ने मजदूरी की नहीं। मगर रोजगार सेवक ने मस्टररोल बनाकर खेल कर लिया। तकनीकी सहायक ने बगैर भवन निर्माण के ही मेजरमेंट बुक तैयार कर ली। सांठगांठ से धनराशि का गबन कर लिया और पुराने बने भवन को नया बताया जाने लगा। शिकायत पर हुई जांच में बगैर आंगनबाड़ी भवन निर्माण कराए एक साल पहले ही सारे भुगतान करा लेना पाया गया। जांच के बाद अब कार्रवाई से बचने को आनन फानन में आरोपी घाटमपुर के प्राइमरी स्कूल परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाने में जुटे हैं। तेजी से कराए जा रहे निर्माण कार्य में बेहद घटिया निर्माण सामग्री लगाई जा रही है। रविवार को बारिश में ही लिंटर डालने का काम कराया गया।
विज्ञापन
जनता विश्वास कर अपना प्रतिनिधि चुनती है। ताकि क्षेत्र का विकास हो। मगर आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण न कराकर पौने सात लाख रुपये हड़पने का मामला बेहद निंदनीय है। इसमें ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो घपला करने वालों के लिए एक नजीर बने। - परमजीत सिंह, प्रधान
विज्ञापन
कार्रवाई से बचने को घटिया निर्माण सामग्री से भवन निर्माण होने की जानकारी है। मगर अब इस भवन का कोई औचित्य ही नहीं है। आंगनबाड़ी भवन निर्माण की धनराशि तो एक साल पहले ही निकालकर गबन कर ली गई। पूर्व प्रधान, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक जांच में आरोपी निकले है। रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ चारों से वसूली कराई जाएगी। - सुनील जायसवाल, बीडीओ