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नए मास्टर प्लान के साथ नगरपालिका में शामिल होंगे 43 गांव
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पीलीभीत। जिले की नई महायोजना 2031 का खाका अब तैयार हो रहा है। इसमें अब नगरपालिका में 43 नए गांवों को शामिल करने को मंजूरी मिल गई है, लेकिन 1985 की पुरानी महायोजना के ग्रीन बेल्ट और खेल की भूमि में कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। सभी विभागों से उनकी जमीन की सूची मांगी जाएगी। इसके बाद ही उन पर निर्णय होगा। एक प्राइवेट कंपनी के द्वारा सेटेलाइट की मदद से मैप तैयार कराया जा रहा है।
शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद तेजी से चल रही है। अब नया मास्टर प्लान तैयार कराया जा रहा है। नगरपालिका की अर्बन प्लानर के मुताबिक इस प्लान की मदद से अवैध कॉलोनी, आवासीय इलाके में दुकानें बेसमेंट और रिहायशी इलाकों में गलत तरीके से होने वाले निर्माण पर रोक लगेगी। यह मास्टर प्लान वर्ष 2031 तक लागू रहेगा। नए प्लान में शहर के अलावा आसपास के 43 गांवों को भी शामिल किया है। विकास प्राधिकरण बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू हो चुका है। शासन ने बंगलुरू की एक प्राइवेट कंपनी को मास्टर प्लान बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। लगभग शहरी क्षेत्र में 20 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कंपनी एक टीम सेटेलाइट की मदद से कार्ययोजना बनाने में जुटी है। इस प्लान में आवासीय और कर्मिशियल रेंजीडेंस एरिया का सेटेलाइट की मदद से अलग-अलग नक्शा तैयार करने में जुटी है। ताकि आसानी से भौगोलिक स्थिति का पता चल सके। प्लान बनने के बाद इस मास्टर प्लान के हिसाब से ही आगे निर्माण के नक्शे भी पास किए जाएंगे।
यह गांव होंगे शामिल
मंगदपुर, सैदपुर, कुवरपुर, पुरानी पीलीभीत, खरुआ ऐतमाली, बालपुर पट्टी, खरुआ मुस्तकील, खेड़ा, पिपरा वाले, रुपपुर कृपा, रुपपुर कमालू, कुंडरी दहगला, आरजी जाधोपुर, चंदोई, बक्शपुर, केसरपुर, डांग, कुर्री, मोहम्मदगंज, हिम्मत नगर, टंडोला, बिलगंवा, देशनगर, चिड़ियादाह, गौहनिया, पीलीभीत ऐतमाली, पीलीभीत मुस्तकील मुड़िया पैनिया, मीरापुर ऐतमाली, मीरापुर मुस्तकील, ललौरीखेड़ा, सियाबाड़ी, दौलतगंज, मुस्तकील, दौलतगंज ऐतमाली, बालपुर पट्टी, पकडिय़ा नौगंवा, समेत 43 गांव को शामिल किया है।
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अभी तक 1985 में तैयार किए गए मास्टर प्लान के हिसाब से काम किया जा रहा था। शासन के निर्देश पर अब नया मास्टर प्लान तैयार कराया जा रहा है। इस प्लान से अवैध निर्माण पर रोक लगाई जाएगी। साथी मैप की मदद से टूरिज्म को भी बढ़ावा दे सकते हैं। - सुरेंद्र प्रताप, ईओ नगरपालिका
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शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद तेजी से चल रही है। अब नया मास्टर प्लान तैयार कराया जा रहा है। नगरपालिका की अर्बन प्लानर के मुताबिक इस प्लान की मदद से अवैध कॉलोनी, आवासीय इलाके में दुकानें बेसमेंट और रिहायशी इलाकों में गलत तरीके से होने वाले निर्माण पर रोक लगेगी। यह मास्टर प्लान वर्ष 2031 तक लागू रहेगा। नए प्लान में शहर के अलावा आसपास के 43 गांवों को भी शामिल किया है। विकास प्राधिकरण बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू हो चुका है। शासन ने बंगलुरू की एक प्राइवेट कंपनी को मास्टर प्लान बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। लगभग शहरी क्षेत्र में 20 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कंपनी एक टीम सेटेलाइट की मदद से कार्ययोजना बनाने में जुटी है। इस प्लान में आवासीय और कर्मिशियल रेंजीडेंस एरिया का सेटेलाइट की मदद से अलग-अलग नक्शा तैयार करने में जुटी है। ताकि आसानी से भौगोलिक स्थिति का पता चल सके। प्लान बनने के बाद इस मास्टर प्लान के हिसाब से ही आगे निर्माण के नक्शे भी पास किए जाएंगे।
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यह गांव होंगे शामिल
मंगदपुर, सैदपुर, कुवरपुर, पुरानी पीलीभीत, खरुआ ऐतमाली, बालपुर पट्टी, खरुआ मुस्तकील, खेड़ा, पिपरा वाले, रुपपुर कृपा, रुपपुर कमालू, कुंडरी दहगला, आरजी जाधोपुर, चंदोई, बक्शपुर, केसरपुर, डांग, कुर्री, मोहम्मदगंज, हिम्मत नगर, टंडोला, बिलगंवा, देशनगर, चिड़ियादाह, गौहनिया, पीलीभीत ऐतमाली, पीलीभीत मुस्तकील मुड़िया पैनिया, मीरापुर ऐतमाली, मीरापुर मुस्तकील, ललौरीखेड़ा, सियाबाड़ी, दौलतगंज, मुस्तकील, दौलतगंज ऐतमाली, बालपुर पट्टी, पकडिय़ा नौगंवा, समेत 43 गांव को शामिल किया है।
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अभी तक 1985 में तैयार किए गए मास्टर प्लान के हिसाब से काम किया जा रहा था। शासन के निर्देश पर अब नया मास्टर प्लान तैयार कराया जा रहा है। इस प्लान से अवैध निर्माण पर रोक लगाई जाएगी। साथी मैप की मदद से टूरिज्म को भी बढ़ावा दे सकते हैं। - सुरेंद्र प्रताप, ईओ नगरपालिका