{"_id":"5d8baa898ebc3e93d100964b","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly3776837116","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजमिस्त्री से मुझे ठेकेदार बनाया फिर घोटाला करके फंसाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजमिस्त्री से मुझे ठेकेदार बनाया फिर घोटाला करके फंसाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में घटिया सामग्री लगाकर शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने का आरोप जांच में सिद्ध होने पर खुद को बचाने के लिए सचिव ने ठेकेदार को हटाने और पुराना निर्माण तुड़वाकर नए सिरे से शुरू कराने की बात कही थी। उधर, कार्रवाई के डर से फरार चल रहा ठेकेदार अब पीलीभीत लौट आया है। ठेकेदार का कहना है कि खुद को बेदाग साबित करने के लिए उसे फंसाया जा रहा है। जबकि वह रजिस्टर्ड ठेकेदार भी नहीं है। निर्माण में सचिव के हिसाब से निर्माण सामग्री लगाई गई थी।
ललौरीखेड़ा की ग्राम पंचायत जिरौनिया के सैमर गौंटिया में करीब सात लाख की लागत से निर्माणधीन आंगनबाड़ी भवन की नींव भरवाने में मानकों की जमकर अनदेखी की गई थी। सचिव और ठेकेदार ने कमीशनखोरी के चक्कर में नींव तैयार कराने में पीली ईंटें और घटिया सामग्री का प्रयोग किया था। पांच दिन पूर्व इसको लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था। अगले दिन मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने पर फजीहत से बचने को सचिव ने ठेकेदार को भगाकर घटिया सामग्री से तैयार नींव तुड़वाकर नए सिर से भरवाने का कार्य शुरू करा दिया। उधर, फजीहत से बचने को अफसरों ने सचिव व ठेकेदार दोनों पर सख्त कार्रवाई का दावा किया था। बाद में मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इधर, सीडीओ रमेश चंद्र पांडेय ने गोपनीय जांच कराकर सख्त एक्शन लेने की बात कही है।
विज्ञापन
ललौरीखेड़ा की ग्राम पंचायत जिरौनिया के सैमर गौंटिया में करीब सात लाख की लागत से निर्माणधीन आंगनबाड़ी भवन की नींव भरवाने में मानकों की जमकर अनदेखी की गई थी। सचिव और ठेकेदार ने कमीशनखोरी के चक्कर में नींव तैयार कराने में पीली ईंटें और घटिया सामग्री का प्रयोग किया था। पांच दिन पूर्व इसको लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था। अगले दिन मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने पर फजीहत से बचने को सचिव ने ठेकेदार को भगाकर घटिया सामग्री से तैयार नींव तुड़वाकर नए सिर से भरवाने का कार्य शुरू करा दिया। उधर, फजीहत से बचने को अफसरों ने सचिव व ठेकेदार दोनों पर सख्त कार्रवाई का दावा किया था। बाद में मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इधर, सीडीओ रमेश चंद्र पांडेय ने गोपनीय जांच कराकर सख्त एक्शन लेने की बात कही है।
विज्ञापन