{"_id":"5d8663218ebc3e0157421f46","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly377154542","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौकी के नजदीक पहुंचे हाथी तो वनकर्मियों के हाथ-पांव फूले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौकी के नजदीक पहुंचे हाथी तो वनकर्मियों के हाथ-पांव फूले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। नेपाल की ओर लग्गा-भग्गा क्षेत्र में शरण लिए दो हाथियों का कहर जारी है। शुक्रवार रात हाथी जंगल से बाहर निकलकर आबादी के निकट आ गए। वन चौकी के पास हाथियों के पहुंचते ही वहां मौजूद कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। वनकर्मी दहशत में छत पर चले गए। वहां से नीचे ही नहीं उतरे। इसके बाद हाथियों ने ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव में पहुंचकर फसलें रौंद दीं।
टाइगर रिजर्व की बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार नेपाल की ओर से आए दो हाथी कई दिन से उत्पात मचा रहे हैं। दिन में लग्गा भग्गा जंगल में शरण लेकर रात होते ही हाथी ढकिया ताल्लुके महाराजपुर व गोरख डिब्बी गांव की सीमा में दस्तक देकर किसानों की फसलें रौंद रहे हैं। एक माह पूर्व से जारी हाथियों के उत्पात का सिलसिला लगातार जारी है। वहीं टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रयास न करने के चलते फसलों को बचाने के लिए खुद ग्रामीण आगे तो आ रहे है, हाथियों की सक्रियता के चलते सफलता नहीं मिल रही है। खदेड़ने के प्रयास करते समय हाथी ग्रामीणों को दौड़ा रहे हैं। इधर, शुक्रवार शाम हाथी जंगल से बाहर निकलकर वन चौकी के निकट पहुंच गए। दस्तक की आहट होते ही चौकी पर मौजूद वन वाचरों में खलबली मच गई। दहशत के चलते वाचर चौकी की छत पर बैठ गए और सारी रात वहीं काटी दी। हालांकि रात को हाथी वहां से निकलकर ढकिया गांव की ओर पहुंच गए और फसलों को रौंदना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने शोर-शराबा किया जिसपर काफी देर के बाद हाथी वहां से जंगल की ओर निकल गए।
शारदा नदी के पार ढकिया क्षेत्र में हाथी रात को आ जाते हैं और कुछ घंटे रुकने के बाद चले जाते हैं। ट्रैक्टर का साइलेंसर निकालकर उनको खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। टीम लगातार निगरानी में जुटे है। - दिनेश कुमार गोयल, रेंजर, बराही
विज्ञापन
विज्ञापन
टाइगर रिजर्व की बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार नेपाल की ओर से आए दो हाथी कई दिन से उत्पात मचा रहे हैं। दिन में लग्गा भग्गा जंगल में शरण लेकर रात होते ही हाथी ढकिया ताल्लुके महाराजपुर व गोरख डिब्बी गांव की सीमा में दस्तक देकर किसानों की फसलें रौंद रहे हैं। एक माह पूर्व से जारी हाथियों के उत्पात का सिलसिला लगातार जारी है। वहीं टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रयास न करने के चलते फसलों को बचाने के लिए खुद ग्रामीण आगे तो आ रहे है, हाथियों की सक्रियता के चलते सफलता नहीं मिल रही है। खदेड़ने के प्रयास करते समय हाथी ग्रामीणों को दौड़ा रहे हैं। इधर, शुक्रवार शाम हाथी जंगल से बाहर निकलकर वन चौकी के निकट पहुंच गए। दस्तक की आहट होते ही चौकी पर मौजूद वन वाचरों में खलबली मच गई। दहशत के चलते वाचर चौकी की छत पर बैठ गए और सारी रात वहीं काटी दी। हालांकि रात को हाथी वहां से निकलकर ढकिया गांव की ओर पहुंच गए और फसलों को रौंदना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने शोर-शराबा किया जिसपर काफी देर के बाद हाथी वहां से जंगल की ओर निकल गए।
विज्ञापन
शारदा नदी के पार ढकिया क्षेत्र में हाथी रात को आ जाते हैं और कुछ घंटे रुकने के बाद चले जाते हैं। ट्रैक्टर का साइलेंसर निकालकर उनको खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। टीम लगातार निगरानी में जुटे है। - दिनेश कुमार गोयल, रेंजर, बराही
विज्ञापन