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मनरेगा में खराब प्रगति पर बिफरे डीएम, गड़बड़ी पर एपीओ दंपति फटकारे गए
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पीलीभीत। मनरेगा की खराब प्रगति देख समीक्षा बैठक में डीएम वैभव श्रीवास्तव का पारा चढ़ गया। एपीओ समेत कई की फटकार लगाई। श्रमिक दिवस के मामले में जनपद की स्थिति ठीक नहीं होने पर अफसरों को सुधार के निर्देश दिए। एपीओ दंपती की सेवाएं समाप्त करने की चर्चा है।
गुरुवार को कलक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में मनरेगा योजना की समीक्षा के दौरान मरौरी ब्लॉक की एपीओ और उनके एपीओ पति डीएम के निशाने पर रहे। बताया जाता है कि मनरेगा समेत अन्य कई योजनाओं से हुए कार्यों में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा मरौरी ब्लाक में हुआ। प्रधान से लेकर सचिव, रोजगार सेवक और एपीओ ने जमकर धांधली की। इससे जुड़ी शिकायतें अफसरों तक पहुंची, लेकिन सत्ता के करीबी होने का फायदा उठाकर मामले दबा दिए गए। मरौरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिठौरा कला में करीब 16 लाख के घोटाले में सचिव और प्रधान पर एफआईआर दर्ज कर एपीओ को बचाने का मामला भी खासा सुर्खियों में रहा। यह मामला भी डीएम के संज्ञान में था। बैठक में मनरेगा की खराब प्रगति और पूर्व में हुई गड़बड़ी की शिकायतों के मामलों में जब मरौरी ब्लाक की एपीओ अनामिका सक्सेना का नाम प्रकाश में आया तो डीएम ने उनसे सवाल जवाब किए। इस पर वह बेतुका बयान दे गईं। सूत्रों की मानें तो इसी बात पर डीएम का पारा चढ़ गया। डीएम ने फटकार लगाई तो बैठक में मौजूद एपीओ पति भी हस्तक्षेप करने लगे। इससे नाराज डीएम ने तुरंत डीडीओ को बुला लिया। डीसी मनरेगा को कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। इधर, डीसी मनरेगा भले ही इस मामले मेें किसी भी तरीके की कार्रवाई किए जाने की बात से बचते नजर आए। वहीं डीडीओ योगेंद्र पाठक ने एपीओ की फटकार लगाने की बात स्वीकार की। यह भी बताया कि डीएम ने उनको बैठक में बुला लिया था। कहा- एपीओ दंपती की सेवाएं समाप्त नहीं उनका जवाब तलब किया है। एपीओ दपंती के खिलाफ हुई शिकायतों से संबंधित पत्रावलियां भी डीएम ने तलब की है।
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गुरुवार को कलक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में मनरेगा योजना की समीक्षा के दौरान मरौरी ब्लॉक की एपीओ और उनके एपीओ पति डीएम के निशाने पर रहे। बताया जाता है कि मनरेगा समेत अन्य कई योजनाओं से हुए कार्यों में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा मरौरी ब्लाक में हुआ। प्रधान से लेकर सचिव, रोजगार सेवक और एपीओ ने जमकर धांधली की। इससे जुड़ी शिकायतें अफसरों तक पहुंची, लेकिन सत्ता के करीबी होने का फायदा उठाकर मामले दबा दिए गए। मरौरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिठौरा कला में करीब 16 लाख के घोटाले में सचिव और प्रधान पर एफआईआर दर्ज कर एपीओ को बचाने का मामला भी खासा सुर्खियों में रहा। यह मामला भी डीएम के संज्ञान में था। बैठक में मनरेगा की खराब प्रगति और पूर्व में हुई गड़बड़ी की शिकायतों के मामलों में जब मरौरी ब्लाक की एपीओ अनामिका सक्सेना का नाम प्रकाश में आया तो डीएम ने उनसे सवाल जवाब किए। इस पर वह बेतुका बयान दे गईं। सूत्रों की मानें तो इसी बात पर डीएम का पारा चढ़ गया। डीएम ने फटकार लगाई तो बैठक में मौजूद एपीओ पति भी हस्तक्षेप करने लगे। इससे नाराज डीएम ने तुरंत डीडीओ को बुला लिया। डीसी मनरेगा को कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। इधर, डीसी मनरेगा भले ही इस मामले मेें किसी भी तरीके की कार्रवाई किए जाने की बात से बचते नजर आए। वहीं डीडीओ योगेंद्र पाठक ने एपीओ की फटकार लगाने की बात स्वीकार की। यह भी बताया कि डीएम ने उनको बैठक में बुला लिया था। कहा- एपीओ दंपती की सेवाएं समाप्त नहीं उनका जवाब तलब किया है। एपीओ दपंती के खिलाफ हुई शिकायतों से संबंधित पत्रावलियां भी डीएम ने तलब की है।
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