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धार्मिक स्थल पर दोबारा कब्जा लेने में छूटे अफसरों के पसीने
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पूरनपुर (पीलीभीत)। बीते साल सील किए गए धार्मिक स्थल के मंगलवार रात ताले तोड़कर भीतर घुसे लोगों को बाहर निकालने में प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। हंगामे के बीच प्रशासनिक टीम से अभद्रता की गई। यही नहीं महिला सिपाही से मारपीट भी की गई। कोतवाली पुलिस ने नायब तहसीलदार की ओर से पांच नामजद और 60 अन्य के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़, सामान खुर्दबुर्द कर चोरी करने, महिला कांस्टेबल से अभद्रता करने की रिपोर्ट दर्ज की है। तनाव को देखते हुए धार्मिक स्थल के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया है।
नायब तहसीलदार अनुराग सिंह ने बताया कि कीरतपुर जैनपुर निवासी अमरजीत सिंह और बलजीत सिंह में कृषि भूमि और धार्मिक स्थल के भवन पर स्वामित्व को लेकर कई सालों से विवाद चल रहा है। विवाद न निपटने पर एसडीएम ने विवादित भूमि और भवन को 30 अगस्त 2018 को प्रशासन के कब्जे में लेकर नायब तहसीलदार को रिसीवर बना दिया था। अमरजीत सिंह पक्ष ने 29 अक्तूबर को उच्च न्यायालय में अपील की। कोर्ट ने एसडीएम को धार्मिक स्थल में ग्रंथी नियुक्त करने के निर्देश दिए। ग्रंथी न मिलने से धार्मिक स्थल में पवित्र धर्मग्रंथ नहीं रखा जा सका। इस दौरान बलजीत सिंह ने सिविल डिवीजन में वाद दायर किया। इस दौरान अमरजीत सिंह ने दूसरे पक्ष पर कब्जे के प्रयास का आरोप लगाया। सिविल जज ने सुनवाई की और अगली तिथि 12 सितंबर, 2019 नियत कर दी। कोर्ट ने अमरजीत और उनके पक्ष को अवैध कब्जा न करने के आदेश दिए। आरोप है कि मंगलवार को बलजीत सिंह ने अपने पक्ष के लोगों के साथ धार्मिक स्थल में लगे सरकारी तालों को तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया। सामान खुर्दबुर्द किया और तोड़फोड़ की। आरोप है कि कुछ सामान भी चोरी किया गया। इसकी जानकारी मिलने पर दूसरे पक्ष के सैकड़ों लोग मंगलवार शाम को जमा हो गए। दोनों ओर से भीड़ जमा होने पर तनावपूर्ण हालात बन गए। सूचना मिलने पर एडीएम अतुल सिंह, सीओ बीसलपुर प्रवीण मलिक समेत कई अफसर मौके पर पहुंच गए। कोतवाली के अलावा आसपास के कई थानों की पुलिस भी बुलाई गई। भवन में घुसे लोगों को निकालने के लिए अधिकारियों ने सख्ती दिखाई तो हंगामा हो गया। टीम से अभद्रता की गई और कुछ महिलाओं ने महिला कांस्टेबल संगीता यादव की पिटाई कर दी। देर रात करीब 11 बजे बमुश्किल भवन को खाली करवाया जा सका और उसे दोबारा सीलबंद कर दिया। तनाव को देखते हुए मौके पर एक दरोगा समेत दर्जन भर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। एडीएम ने बताया कि विवादित स्थल को दोबारा सील कर दिया गया है। नायब तहसीलदार की ओर से रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
इन पर की गई कानूनी कार्रवाई
कोतवाली पुलिस ने नायब तहसीलदार/रिसीवर अनुराग सिंह की तहरीर पर बलजीत सिंह, रणजीत सिंह, हरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, बलजीत सिंह की मां और 15 महिलाओं समेत साठ अन्य के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, चोरी, तोड़फोड़, अभद्रता करने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
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ये है पूरा मामला
कीतरपुर जैनपुर में एक धार्मिक स्थल को लेकर सिख समुदाय के दो पक्षों में विवाद था। धार्मिक स्थल में श्री गुरुग्रंथ साहिब रखा गया था। निशान साहिब नहीं लगा था। इस पर सिख समाज के लोगों ने इसका विरोध किया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि जिस स्थान पर निशान साहिब नहीं लगा है। उस स्थान पर श्री गुरुग्रंथ साहिब नहीं रखा जा सकता। विवाद को लेकर तत्कालीन डीएम, एसपी मौके पर पहुंचे थे। वार्ता में तय हुए निर्णय के तहत श्री गुरुग्रंथ साहिब को नानकमता पहुंचा दिया गया था। इसके बाद 30 अगस्त 2018 को भवन को सील कर दिया गया।
प्रशासन की कार्रवाई पर व्यक्त किया गया संतोष
नगर के गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में सिख समाज के लोगों की बैठक हुई। बैठक में गाव कीरतपुर जैनपुर में धार्मिक स्थल पर ताले तोड़कर कब्जा, लूटपाट का आरोप लगाते हुए घटना की निंदा की गई। साथ ही प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। बैठक में गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के प्रधान वलजीत सिंह खैरा, डॉ. गुरदेव सिंह, सुखदेव सिंह, गुरवीर सिंह, हरदेव सिंह आदि थे।
पुलिस ने सूचना पर सही कार्रवाई की इससे संतुष्ट हूं। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हो गई है। आगे भी प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करेगा, इसका विश्वास है।
-अमरजीत सिंह
बाबा महेंद्र सिंह ने वर्ष 1989 में चार एकड़ भूमि डेरे के लिए खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री भी करवाई गई। भूमि का टुकड़ा सोलह एकड़ का था। उस पर कब्जा न देकर समीप की भूमि पर यह कहते हुए कब्जा दिया गया कि कोई बेईमानी नहीं होगी। विवाद को लेकर कोर्ट ने स्टे भी किया, लेकिन प्रशासन ने स्टे को नहीं माना। पूरे विवाद की जड़ एक पूर्व प्रधान का बेटा है। चुनाव में डेरे पर उसको बैठक करने से मना कर दिया गया था। इस पर वह लोगों को बेवजह भड़का रहा है।
-बलजीत सिंह, आरोपी पक्ष
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नायब तहसीलदार अनुराग सिंह ने बताया कि कीरतपुर जैनपुर निवासी अमरजीत सिंह और बलजीत सिंह में कृषि भूमि और धार्मिक स्थल के भवन पर स्वामित्व को लेकर कई सालों से विवाद चल रहा है। विवाद न निपटने पर एसडीएम ने विवादित भूमि और भवन को 30 अगस्त 2018 को प्रशासन के कब्जे में लेकर नायब तहसीलदार को रिसीवर बना दिया था। अमरजीत सिंह पक्ष ने 29 अक्तूबर को उच्च न्यायालय में अपील की। कोर्ट ने एसडीएम को धार्मिक स्थल में ग्रंथी नियुक्त करने के निर्देश दिए। ग्रंथी न मिलने से धार्मिक स्थल में पवित्र धर्मग्रंथ नहीं रखा जा सका। इस दौरान बलजीत सिंह ने सिविल डिवीजन में वाद दायर किया। इस दौरान अमरजीत सिंह ने दूसरे पक्ष पर कब्जे के प्रयास का आरोप लगाया। सिविल जज ने सुनवाई की और अगली तिथि 12 सितंबर, 2019 नियत कर दी। कोर्ट ने अमरजीत और उनके पक्ष को अवैध कब्जा न करने के आदेश दिए। आरोप है कि मंगलवार को बलजीत सिंह ने अपने पक्ष के लोगों के साथ धार्मिक स्थल में लगे सरकारी तालों को तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया। सामान खुर्दबुर्द किया और तोड़फोड़ की। आरोप है कि कुछ सामान भी चोरी किया गया। इसकी जानकारी मिलने पर दूसरे पक्ष के सैकड़ों लोग मंगलवार शाम को जमा हो गए। दोनों ओर से भीड़ जमा होने पर तनावपूर्ण हालात बन गए। सूचना मिलने पर एडीएम अतुल सिंह, सीओ बीसलपुर प्रवीण मलिक समेत कई अफसर मौके पर पहुंच गए। कोतवाली के अलावा आसपास के कई थानों की पुलिस भी बुलाई गई। भवन में घुसे लोगों को निकालने के लिए अधिकारियों ने सख्ती दिखाई तो हंगामा हो गया। टीम से अभद्रता की गई और कुछ महिलाओं ने महिला कांस्टेबल संगीता यादव की पिटाई कर दी। देर रात करीब 11 बजे बमुश्किल भवन को खाली करवाया जा सका और उसे दोबारा सीलबंद कर दिया। तनाव को देखते हुए मौके पर एक दरोगा समेत दर्जन भर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। एडीएम ने बताया कि विवादित स्थल को दोबारा सील कर दिया गया है। नायब तहसीलदार की ओर से रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
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इन पर की गई कानूनी कार्रवाई
कोतवाली पुलिस ने नायब तहसीलदार/रिसीवर अनुराग सिंह की तहरीर पर बलजीत सिंह, रणजीत सिंह, हरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, बलजीत सिंह की मां और 15 महिलाओं समेत साठ अन्य के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, चोरी, तोड़फोड़, अभद्रता करने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
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ये है पूरा मामला
कीतरपुर जैनपुर में एक धार्मिक स्थल को लेकर सिख समुदाय के दो पक्षों में विवाद था। धार्मिक स्थल में श्री गुरुग्रंथ साहिब रखा गया था। निशान साहिब नहीं लगा था। इस पर सिख समाज के लोगों ने इसका विरोध किया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि जिस स्थान पर निशान साहिब नहीं लगा है। उस स्थान पर श्री गुरुग्रंथ साहिब नहीं रखा जा सकता। विवाद को लेकर तत्कालीन डीएम, एसपी मौके पर पहुंचे थे। वार्ता में तय हुए निर्णय के तहत श्री गुरुग्रंथ साहिब को नानकमता पहुंचा दिया गया था। इसके बाद 30 अगस्त 2018 को भवन को सील कर दिया गया।
प्रशासन की कार्रवाई पर व्यक्त किया गया संतोष
नगर के गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में सिख समाज के लोगों की बैठक हुई। बैठक में गाव कीरतपुर जैनपुर में धार्मिक स्थल पर ताले तोड़कर कब्जा, लूटपाट का आरोप लगाते हुए घटना की निंदा की गई। साथ ही प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। बैठक में गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के प्रधान वलजीत सिंह खैरा, डॉ. गुरदेव सिंह, सुखदेव सिंह, गुरवीर सिंह, हरदेव सिंह आदि थे।
पुलिस ने सूचना पर सही कार्रवाई की इससे संतुष्ट हूं। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हो गई है। आगे भी प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करेगा, इसका विश्वास है।
-अमरजीत सिंह
बाबा महेंद्र सिंह ने वर्ष 1989 में चार एकड़ भूमि डेरे के लिए खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री भी करवाई गई। भूमि का टुकड़ा सोलह एकड़ का था। उस पर कब्जा न देकर समीप की भूमि पर यह कहते हुए कब्जा दिया गया कि कोई बेईमानी नहीं होगी। विवाद को लेकर कोर्ट ने स्टे भी किया, लेकिन प्रशासन ने स्टे को नहीं माना। पूरे विवाद की जड़ एक पूर्व प्रधान का बेटा है। चुनाव में डेरे पर उसको बैठक करने से मना कर दिया गया था। इस पर वह लोगों को बेवजह भड़का रहा है।
-बलजीत सिंह, आरोपी पक्ष