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Pilibhit News: बच्चों को उनके आधार कार्ड पर मिलेगा पोषाहार
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अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर माता या पिता के आधार कार्ड पर मिलता था पोषाहार
तीन से छह साल के बच्चों का आधार कार्ड बनाने की तैयारी शुरू
1.70 लाख बच्चे हैं जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत
पीलीभीत। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार माता-पिता के आधार कार्ड के बजाय अब बच्चों के आधार कार्ड पर दिया जाएगा। इसके लिए जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाएंगे। डीपीओ ने सीडीपीओ को इसके लिए कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब तक बच्चों के माता-पिता के आधार कार्ड को ही माना जा रहा था और उसी से पोषाहार भी मिल रहा था। इसमें कई जगह अधिकारियों के पास पोषाहार न देने और घपले की शिकायतें आ रही थीं। इसी समस्या को दूर करने के लिए शासन ने अब सेंटरों पर पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाने के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि सेंटर पर आने वाले तीन से छह साल के बच्चों का कैंप लगाकर आधार कार्ड बनवाए जाएं। शासन से मिले निर्देशों पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार ने सभी सीडीपीओ को इसकी तैयारी करने के आदेश दिए हैं। कहा है कि वह लोग अपने कार्यालयों के अलावा सेंटरों पर जाकर बच्चों का आधार कार्ड बनवाएं।
जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की यह है स्थिति
जिले में कुल 1960 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सेंटरों पर 1717 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 1515 सहायिकाएं तैनात हैं। केंद्रों पर 1.17 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें 70 हजार बच्चे तीन से छह साल के बीच के हैं। इन्हीं बच्चों का आधारकार्ड बनाया जाना हैं।
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सेंटरों पर पंजीकृत बच्चों का आधार कार्ड नहीं है। इसलिए माता या फिर पिता के आधार कार्ड पर भी उन्हें पोषाहार दिया जाता है। अब तीन से छह साल के ऐसे बच्चों का आधार कार्ड बनाया जाएगा, जिनके नहीं बने हैं।
- अरविंद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
मानसिक मंदित आश्रम के 17 बच्चों के बनेंगे आधार कार्ड
पूरनपुर। नगर के मानसिक मंदित आश्रम में जिले के अलावा लखीमपुर, मेरठ, वाराणसी, गाजियाबाद, बरेली, कानपुर आदि जिलों के 17 मानसिक मंदित बच्चे रह रहे हैं। इन बच्चों के पास अपने आधार कार्ड नहीं हैं। एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने बताया कि बच्चों के आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ताकि बच्चों को भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। संवाद
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तीन से छह साल के बच्चों का आधार कार्ड बनाने की तैयारी शुरू
1.70 लाख बच्चे हैं जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत
पीलीभीत। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार माता-पिता के आधार कार्ड के बजाय अब बच्चों के आधार कार्ड पर दिया जाएगा। इसके लिए जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाएंगे। डीपीओ ने सीडीपीओ को इसके लिए कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब तक बच्चों के माता-पिता के आधार कार्ड को ही माना जा रहा था और उसी से पोषाहार भी मिल रहा था। इसमें कई जगह अधिकारियों के पास पोषाहार न देने और घपले की शिकायतें आ रही थीं। इसी समस्या को दूर करने के लिए शासन ने अब सेंटरों पर पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाने के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि सेंटर पर आने वाले तीन से छह साल के बच्चों का कैंप लगाकर आधार कार्ड बनवाए जाएं। शासन से मिले निर्देशों पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार ने सभी सीडीपीओ को इसकी तैयारी करने के आदेश दिए हैं। कहा है कि वह लोग अपने कार्यालयों के अलावा सेंटरों पर जाकर बच्चों का आधार कार्ड बनवाएं।
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जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की यह है स्थिति
जिले में कुल 1960 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सेंटरों पर 1717 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 1515 सहायिकाएं तैनात हैं। केंद्रों पर 1.17 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें 70 हजार बच्चे तीन से छह साल के बीच के हैं। इन्हीं बच्चों का आधारकार्ड बनाया जाना हैं।
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सेंटरों पर पंजीकृत बच्चों का आधार कार्ड नहीं है। इसलिए माता या फिर पिता के आधार कार्ड पर भी उन्हें पोषाहार दिया जाता है। अब तीन से छह साल के ऐसे बच्चों का आधार कार्ड बनाया जाएगा, जिनके नहीं बने हैं।
- अरविंद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
मानसिक मंदित आश्रम के 17 बच्चों के बनेंगे आधार कार्ड
पूरनपुर। नगर के मानसिक मंदित आश्रम में जिले के अलावा लखीमपुर, मेरठ, वाराणसी, गाजियाबाद, बरेली, कानपुर आदि जिलों के 17 मानसिक मंदित बच्चे रह रहे हैं। इन बच्चों के पास अपने आधार कार्ड नहीं हैं। एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने बताया कि बच्चों के आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ताकि बच्चों को भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। संवाद