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Pilibhit News: लंका दहन की लीला देख गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, बाली वध का भी हुआ मंचन
Sat, 17 Oct 2026 11:53 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 17 Oct 2026 11:53 PM IST
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बीसलपुर रामलीला में मंचन के बीच बाल कलाकार।
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। श्री रामलीला महोत्सव में शनिवार को राम-हनुमान मिलन, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, सुग्रीव राजतिलक, सीता खोज और लंका दहन की लीलाओं का सजीव मंचन किया गया।
हनुमान के लंका पहुंचने, अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट करने और रावण के आदेश पर पूंछ में आग लगाए जाने के बाद लंका दहन के दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान रामलीला मैदान जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारों से गूंज उठा। देर रात वृंदावन के कलाकारों ने श्रीकृष्ण की रासलीला का मंचन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया।
शहर के रामलीला मैदान में लंका दहन का दृश्य देखकर दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। महोत्सव में महंत ओमकार नाथ, सुनील मिश्रा सहित समिति के पदाधिकारी व श्रद्धालु मौजूद रहे।
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बीसलपुर में सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीला का मंचन: बीसलपुर। मेले में शनिवार शाम सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों का सजीव चित्रण कर दर्शकों को भगवान श्रीराम की मित्रता, वचनबद्धता और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
लीला में दिखाया गया कि माता सीता के हरण के बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण उनकी खोज करते हुए किष्किंधा पहुंचते हैं। यहां हनुमान के माध्यम से श्रीराम की सुग्रीव से भेंट होती है और दोनों के बीच मित्रता होती है। सुग्रीव अपने भाई बाली के अत्याचारों की कहानी सुनाते हैं। इसके बाद श्रीराम की योजना के अनुसार सुग्रीव बाली को युद्ध के लिए ललकारते हैं।
गोपाल कृष्ण अग्रवाल और मनोज त्रिपाठी ने चौपाइयों व दोहों का पाठ किया। पंकज अग्रवाल ने बताया कि लीला देखने के लिए दूर-दूर से दर्शक मेले में पहुंच रहे हैं।
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पीलीभीत। श्री रामलीला महोत्सव में शनिवार को राम-हनुमान मिलन, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, सुग्रीव राजतिलक, सीता खोज और लंका दहन की लीलाओं का सजीव मंचन किया गया।
हनुमान के लंका पहुंचने, अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट करने और रावण के आदेश पर पूंछ में आग लगाए जाने के बाद लंका दहन के दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान रामलीला मैदान जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारों से गूंज उठा। देर रात वृंदावन के कलाकारों ने श्रीकृष्ण की रासलीला का मंचन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया।
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शहर के रामलीला मैदान में लंका दहन का दृश्य देखकर दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। महोत्सव में महंत ओमकार नाथ, सुनील मिश्रा सहित समिति के पदाधिकारी व श्रद्धालु मौजूद रहे।
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बीसलपुर में सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीला का मंचन: बीसलपुर। मेले में शनिवार शाम सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों का सजीव चित्रण कर दर्शकों को भगवान श्रीराम की मित्रता, वचनबद्धता और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
लीला में दिखाया गया कि माता सीता के हरण के बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण उनकी खोज करते हुए किष्किंधा पहुंचते हैं। यहां हनुमान के माध्यम से श्रीराम की सुग्रीव से भेंट होती है और दोनों के बीच मित्रता होती है। सुग्रीव अपने भाई बाली के अत्याचारों की कहानी सुनाते हैं। इसके बाद श्रीराम की योजना के अनुसार सुग्रीव बाली को युद्ध के लिए ललकारते हैं।
गोपाल कृष्ण अग्रवाल और मनोज त्रिपाठी ने चौपाइयों व दोहों का पाठ किया। पंकज अग्रवाल ने बताया कि लीला देखने के लिए दूर-दूर से दर्शक मेले में पहुंच रहे हैं।

बीसलपुर रामलीला में मंचन के बीच बाल कलाकार।