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Pilibhit News: सिर्फ नाम की सीएचसी .. दियोरिया में जांच होती है न इलाज
Mon, 11 Nov 2024 03:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 11 Nov 2024 03:01 AM IST
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दियोरिया का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।फाइल फोटो
बीसलपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दियोरिया की स्वास्थ्य सेवाएं खुद बीमार हैं। स्टॉफ और संसाधनों के अभाव में मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे में इस स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े 40 गांवों की 40 हजार से अधिक आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दियोरिया में स्टॉफ का अभाव है। मरीजों को निजी अस्पतालों या फिर भी झोलाछाप से इलाज कराना पड़ता है। संविदा चिकित्साधिकारी डॉ. अनुपम जायसवाल प्रभारी अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र में स्टॉफ नर्स के दोनों पद खाली हैं। विभाग के निर्देश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव की स्टॉफ नर्स पवनदीप सप्ताह में तीन दिन बड़ागांव और तीन दिन दियोरिया के अस्पताल में ड्यूटी करती हैं।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं न होने से स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों की संख्या भी घट गई है। रोजाना बमुश्किल 100 मरीज ही आ पाते हैं। भवन निर्माण होने के बाद भी लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।
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डॉक्टरों के पद रिक्त, फार्मासिस्ट की भी कमी
सीएचसी के मानकों के अनुसार दियोरिया में चार एमबीबीएस डॉक्टर होने चाहिए, लेकिन यहां एक की भी तैनाती नहीं है। महिला चिकित्साधिकारी भी नहीं है। सीएचसी अधीक्षक का पद भी रिक्त है। संविदा डॉक्टर सीएचसी अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहा है। सर्जन की तैनाती भी नहीं है। कार्यक्रम प्रबंधक, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी और फार्मासिस्ट का पद भी रिक्त है। यहां सिर्फ एक वार्ड बॉय है। एक्सरे टेक्नीशियन का पद भी रिक्त है।
इन गांवों के मरीजों को हो रही दिक्कत
दियोरिया, बसेंगा, पिपरिया संजरपुर, बुहिता, जमुनिया महुआ, पकड़िया, लमौआ, कामघाट, रंभोजा, पैनिया हिम्मत, बसई पुरैना, चकशिवपुरी, मधवापुर, अजान, खरदाह, खरदहाई, जयनगर, दियोहना, बढ़ारा, मकरंदपुर, बकैनिया दीक्षित, सुजनी, परसंडी, टेहरी, वहादियां, मनकापुर, इलाबांस, मीरपुर रतनपुर, पट्टी बल्देवपुर, बेनीपुर, बरखेड़ा कटा, गुलडिय़ा ताल्लुके सुजनी, गुलड़िया राधे, गाजना, किशनपुर, दियोराजपुर, रामनगर, जगतपुर, कुसुमा, बढ़ेपुरा, भगौतीपुर, अकोड़ा, नौगमियां, मुड़िया भगवंत, उदराह, ढकिया रंंजीत।
नहीं चलता है आपातकालीन कक्ष
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दियोरिया में आपातकालीन कक्ष भी नहीं चलता है। इस कारण दियोरिया कोतवाली क्षेत्र में होने वाली आपराधिक घटनाओं के घायलों का मेडिकल परीक्षण भी नही हो पाता है। घायलों को दियोरिया से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसंडा भेजा जाता है।
फोटो: 06
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दियोरिया में मानक के अनुरूप स्टॉफ और संसाधन न होने से मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है। विभागीय अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
-महेंद्रपाल गंगवार, गांव बेनीपुर
फोटो: 07
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दियोरिया में अपेक्षित सुविधाएं न होने का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन है।
- ज्योति दीक्षित, गांव रंभोजा
-- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दियोरिया मे बहुत जल्द मानक के अनुरूप स्टॉफ तैनात हो जाएगा और संंसाधन भी उपलब्ध करा दिए जाएंगे। स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े मरीजों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दियोरिया में स्टॉफ का अभाव है। मरीजों को निजी अस्पतालों या फिर भी झोलाछाप से इलाज कराना पड़ता है। संविदा चिकित्साधिकारी डॉ. अनुपम जायसवाल प्रभारी अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र में स्टॉफ नर्स के दोनों पद खाली हैं। विभाग के निर्देश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव की स्टॉफ नर्स पवनदीप सप्ताह में तीन दिन बड़ागांव और तीन दिन दियोरिया के अस्पताल में ड्यूटी करती हैं।
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बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं न होने से स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों की संख्या भी घट गई है। रोजाना बमुश्किल 100 मरीज ही आ पाते हैं। भवन निर्माण होने के बाद भी लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।
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डॉक्टरों के पद रिक्त, फार्मासिस्ट की भी कमी
सीएचसी के मानकों के अनुसार दियोरिया में चार एमबीबीएस डॉक्टर होने चाहिए, लेकिन यहां एक की भी तैनाती नहीं है। महिला चिकित्साधिकारी भी नहीं है। सीएचसी अधीक्षक का पद भी रिक्त है। संविदा डॉक्टर सीएचसी अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहा है। सर्जन की तैनाती भी नहीं है। कार्यक्रम प्रबंधक, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी और फार्मासिस्ट का पद भी रिक्त है। यहां सिर्फ एक वार्ड बॉय है। एक्सरे टेक्नीशियन का पद भी रिक्त है।
इन गांवों के मरीजों को हो रही दिक्कत
दियोरिया, बसेंगा, पिपरिया संजरपुर, बुहिता, जमुनिया महुआ, पकड़िया, लमौआ, कामघाट, रंभोजा, पैनिया हिम्मत, बसई पुरैना, चकशिवपुरी, मधवापुर, अजान, खरदाह, खरदहाई, जयनगर, दियोहना, बढ़ारा, मकरंदपुर, बकैनिया दीक्षित, सुजनी, परसंडी, टेहरी, वहादियां, मनकापुर, इलाबांस, मीरपुर रतनपुर, पट्टी बल्देवपुर, बेनीपुर, बरखेड़ा कटा, गुलडिय़ा ताल्लुके सुजनी, गुलड़िया राधे, गाजना, किशनपुर, दियोराजपुर, रामनगर, जगतपुर, कुसुमा, बढ़ेपुरा, भगौतीपुर, अकोड़ा, नौगमियां, मुड़िया भगवंत, उदराह, ढकिया रंंजीत।
नहीं चलता है आपातकालीन कक्ष
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दियोरिया में आपातकालीन कक्ष भी नहीं चलता है। इस कारण दियोरिया कोतवाली क्षेत्र में होने वाली आपराधिक घटनाओं के घायलों का मेडिकल परीक्षण भी नही हो पाता है। घायलों को दियोरिया से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसंडा भेजा जाता है।
फोटो: 06
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दियोरिया में मानक के अनुरूप स्टॉफ और संसाधन न होने से मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है। विभागीय अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
-महेंद्रपाल गंगवार, गांव बेनीपुर
फोटो: 07
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दियोरिया में अपेक्षित सुविधाएं न होने का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन है।
- ज्योति दीक्षित, गांव रंभोजा
- डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ

दियोरिया का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।फाइल फोटो

दियोरिया का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।फाइल फोटो