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बीमार बंदी की मौत से परिवार में मचा कोहराम
पीलीभीत।
Updated Thu, 13 Aug 2015 11:12 PM IST
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जिला अस्पताल से बरेली ले जाते समय बरेली के थाना देवरनिया के कसबा रिछा
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निवासी बंदी 25 वर्षीय वसीम की रास्ते में मौत हो गई। वह पशु तस्करी के
मामले में 26 मार्च से जिला जेल में बंद था। जेल प्रशासन ने हालत बिगड़ने
पर उसे पांच दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बंदी की मौत से
उसके घर में कोहराम मच गया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव घर
वालों को सौंप दिया।
रिछा निवासी वसीम पर थाना सुनगढ़ी में एक पशु तस्करी व एक एक्सीडेंट का मामला दर्ज है। उसे सुनगढ़ी पुलिस ने 26 मार्च 15 को चालान कर जेल भेजा था। जेलर महेंद्रपाल ने बताया कि बंदी ने चार अगस्त को पेट में दर्द होने की शिकायत की थी। जिस पर जेल अस्पताल से उसे दवाइयां दी गईं, लेकिन छह अगस्त को उसकी हालत बिगड़ गई। जिस पर उसे जिला अस्पताल की ओपीडी में दिखाया गया।
डॉक्टर ने दवा देने के बाद उसे 10 अगस्त को दोबारा बुलाया था। इसी बीच आठ अगस्त को उसकी हालत गंभीर हो गई। जिस पर पुलिस अभिरक्षा में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और परिवार वालों को बीमार होने की खबर दी थी। खबर पर बंदी के पिता हफीजुल्ला व मां अनीसा जिला अस्पताल आ गईं और बंदी की देखभाल कर रहीं थी।
बुधवार को बंदी की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे बरेली हार्ट सेंटर रेफर कर दिया। जिस पर बंदी को उसके माता-पिता के साथ एंबुलेंस से बरेली ले जाया जा रहा था। रास्ते में बंदी ने दम तोड़ दिया। जेलर ने बताया कि बंदी के फेफड़ों में पानी भर गया था। बंदी की मौत से उसके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता हफीजुल्ला ने बताया कि तीन बेटों में उनके बड़े बेटे की तीन साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। दूसरे नंबर का पुत्र नसीम तीन सालों से लापता है। तीसरा पुत्र भी अब इस दुनियां में नहीं रहा।
रिछा निवासी वसीम पर थाना सुनगढ़ी में एक पशु तस्करी व एक एक्सीडेंट का मामला दर्ज है। उसे सुनगढ़ी पुलिस ने 26 मार्च 15 को चालान कर जेल भेजा था। जेलर महेंद्रपाल ने बताया कि बंदी ने चार अगस्त को पेट में दर्द होने की शिकायत की थी। जिस पर जेल अस्पताल से उसे दवाइयां दी गईं, लेकिन छह अगस्त को उसकी हालत बिगड़ गई। जिस पर उसे जिला अस्पताल की ओपीडी में दिखाया गया।
डॉक्टर ने दवा देने के बाद उसे 10 अगस्त को दोबारा बुलाया था। इसी बीच आठ अगस्त को उसकी हालत गंभीर हो गई। जिस पर पुलिस अभिरक्षा में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और परिवार वालों को बीमार होने की खबर दी थी। खबर पर बंदी के पिता हफीजुल्ला व मां अनीसा जिला अस्पताल आ गईं और बंदी की देखभाल कर रहीं थी।
बुधवार को बंदी की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे बरेली हार्ट सेंटर रेफर कर दिया। जिस पर बंदी को उसके माता-पिता के साथ एंबुलेंस से बरेली ले जाया जा रहा था। रास्ते में बंदी ने दम तोड़ दिया। जेलर ने बताया कि बंदी के फेफड़ों में पानी भर गया था। बंदी की मौत से उसके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता हफीजुल्ला ने बताया कि तीन बेटों में उनके बड़े बेटे की तीन साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। दूसरे नंबर का पुत्र नसीम तीन सालों से लापता है। तीसरा पुत्र भी अब इस दुनियां में नहीं रहा।