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भाजपा विधायक ने जिला योजना बैठक का किया बहिष्कार
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Sat, 28 May 2016 11:38 PM IST
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प्रभारी मंत्री बलराम सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई जिला योजना समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जमकर हंगामा किया। प्रोटोकॉल के उल्लंघन की शिकायत पर भाजपा विधायक रामसरन वर्मा और स्वतंत्र प्रभार मंत्री हाजी रियाज में में तीखी झड़प हुई। इस पर विधायक ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद महिला जिला पंचायत सदस्य अर्चना वर्मा भी सपाइयों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बैठक से बाहर निकल गईं। जबकि वार्ड तीन के सदस्य रामौतार हिटलर को राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद ने बाहर निकाल दिया। बैठक से बाहर निकालने से नाराज सदस्य ने गेट पर बैठकर विरोध जताया। बैठक में जिले के विकास के लिए 250 करोड़ का प्रस्ताव पास हुआ।
जिले के विकास के लिए पिछले दिनों जिला पंचायत की बोर्ड में जिला योजना के लिए 2 अरब 50 करोड़ 31 लाख के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया था। इस अनुमोदन को स्वीकृत करने के लिए शनिवार को जिला योजना समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सत्ता पक्ष की हनक साफ दिखी। भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने बैठक में की सिटिंग प्लान में प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मामला उठाया। उनका आरोप था कि विधायक को मंत्री के पास वाली सीट पर बैठाना चाहिए, जबकि उस जगह अन्य लोग बैठे हैं। इस पर स्वतंत्र प्रभार मंत्री हाजी रियाज अहमद से उनकी नोंकझोंक शुरू हो गई। बताते हैं कि राज्यमंत्री ने उन्हें चुप होकर बैठ जाने को कहा। भरी बैठक में मंत्री द्वारा इस तरह अपमानित किए जाने से नाराज भाजपा विधायक बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए। उनके जाने के बाद कार्रवाई शुरू होने पर पूरनपुर क्षेत्र के वार्ड आठ की जिला पंचायत सदस्य अर्चना वर्मा ने अपना सवाल रखने का प्रयास किया, जिस पर उन्हें भी चुप करा दिया गया। इस व्यवहार पर उन्होंने भी बैठक का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद माधोटांडा क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य रामौतार हिटलर को भी अपनी बात नहीं रखने दी गई। उन्हें भी सत्ता पक्ष के मौजूद नेताओं ने बैठक से बाहर भगा दिया। बैठक से निकाले जाने से नाराज जिला पंचायत सदस्य ने गेट पर बैठकर अपना विरोध जताया और मामले की जांच कराने की मांग की। हंगामे के चलते करीब एक घंटे तक कार्रवाई ठप रही। इसके बाद जिला योजना के प्रस्तावों को औपचारिक चर्चा के बाद ध्वनि मत से स्वीकृति दे दी गई। इसमें जिले के विकास को दो अरब 50 करोड़ 31 लाख के प्रस्ताव पास किए गए।
अज्ञानी हैं प्रोटोकॉल की बात करने वाले
बैठक के बाद पत्रकारों ने जब प्रभारी मंत्री बलराम सिंह यादव से प्रोटोकॉल के उल्लंघन के बावत जानकारी की तो उन्होंने कहा कि किसी प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हुआ है। ऐसा करने वाले अज्ञानी हैं और उन्हें इसकी समझ नहीं है।
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विधानसभा में उठेगा मामला
भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने कहा कि बैठक में पद के अनुसार बैठने की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। लेकिन बैठक में सपाई हावी थे। राज्यमंत्री ने भरी बैठक में उनका अपमान किया है। वह मामले को विधानसभा में उठाने के साथ राज्यपाल से भी इसकी शिकायत करेंगे।
समिति की हैसियत से मिला था बुलावा
रामौतार हिटलर ने बताया कि वह जिला योजना समिति के सदस्य हैं और सीडीओ की ओर से पत्र भेजकर आमंत्रित किया गया था। राज्यमंत्री ने उन्हें अपमानित कर सदन से बाहर निकाला है। मामले की जांच कराई जानी चाहिए।
- रामौतार हिटलर, जिला योजना समिति के सदस्य
जब नहीं सुनना तो क्यों बुलाया
जिला पंचायत सदस्य अर्चना वर्मा का कहना है कि बैठक में गैर सपाई सदस्यों की बात सुनी ही नहीं जाती है तो उन्हें बुलाया क्यों जाता है। क्षेत्र की समस्याएं रखना चाहती थीं, जिसके बदले अपमान सहना पड़ा।
- अर्चना वर्मा, जिला पंचायत सदस्य
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जिले के विकास के लिए पिछले दिनों जिला पंचायत की बोर्ड में जिला योजना के लिए 2 अरब 50 करोड़ 31 लाख के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया था। इस अनुमोदन को स्वीकृत करने के लिए शनिवार को जिला योजना समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सत्ता पक्ष की हनक साफ दिखी। भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने बैठक में की सिटिंग प्लान में प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मामला उठाया। उनका आरोप था कि विधायक को मंत्री के पास वाली सीट पर बैठाना चाहिए, जबकि उस जगह अन्य लोग बैठे हैं। इस पर स्वतंत्र प्रभार मंत्री हाजी रियाज अहमद से उनकी नोंकझोंक शुरू हो गई। बताते हैं कि राज्यमंत्री ने उन्हें चुप होकर बैठ जाने को कहा। भरी बैठक में मंत्री द्वारा इस तरह अपमानित किए जाने से नाराज भाजपा विधायक बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए। उनके जाने के बाद कार्रवाई शुरू होने पर पूरनपुर क्षेत्र के वार्ड आठ की जिला पंचायत सदस्य अर्चना वर्मा ने अपना सवाल रखने का प्रयास किया, जिस पर उन्हें भी चुप करा दिया गया। इस व्यवहार पर उन्होंने भी बैठक का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद माधोटांडा क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य रामौतार हिटलर को भी अपनी बात नहीं रखने दी गई। उन्हें भी सत्ता पक्ष के मौजूद नेताओं ने बैठक से बाहर भगा दिया। बैठक से निकाले जाने से नाराज जिला पंचायत सदस्य ने गेट पर बैठकर अपना विरोध जताया और मामले की जांच कराने की मांग की। हंगामे के चलते करीब एक घंटे तक कार्रवाई ठप रही। इसके बाद जिला योजना के प्रस्तावों को औपचारिक चर्चा के बाद ध्वनि मत से स्वीकृति दे दी गई। इसमें जिले के विकास को दो अरब 50 करोड़ 31 लाख के प्रस्ताव पास किए गए।
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अज्ञानी हैं प्रोटोकॉल की बात करने वाले
बैठक के बाद पत्रकारों ने जब प्रभारी मंत्री बलराम सिंह यादव से प्रोटोकॉल के उल्लंघन के बावत जानकारी की तो उन्होंने कहा कि किसी प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हुआ है। ऐसा करने वाले अज्ञानी हैं और उन्हें इसकी समझ नहीं है।
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विधानसभा में उठेगा मामला
भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने कहा कि बैठक में पद के अनुसार बैठने की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। लेकिन बैठक में सपाई हावी थे। राज्यमंत्री ने भरी बैठक में उनका अपमान किया है। वह मामले को विधानसभा में उठाने के साथ राज्यपाल से भी इसकी शिकायत करेंगे।
समिति की हैसियत से मिला था बुलावा
रामौतार हिटलर ने बताया कि वह जिला योजना समिति के सदस्य हैं और सीडीओ की ओर से पत्र भेजकर आमंत्रित किया गया था। राज्यमंत्री ने उन्हें अपमानित कर सदन से बाहर निकाला है। मामले की जांच कराई जानी चाहिए।
- रामौतार हिटलर, जिला योजना समिति के सदस्य
जब नहीं सुनना तो क्यों बुलाया
जिला पंचायत सदस्य अर्चना वर्मा का कहना है कि बैठक में गैर सपाई सदस्यों की बात सुनी ही नहीं जाती है तो उन्हें बुलाया क्यों जाता है। क्षेत्र की समस्याएं रखना चाहती थीं, जिसके बदले अपमान सहना पड़ा।
- अर्चना वर्मा, जिला पंचायत सदस्य