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चूका बीच के निकट बाघ के संघर्ष में भालू की मौत
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संघर्ष के दौरान भालू पर हमलावर बाघ।
- फोटो : PILIBHIT
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कलीनगर। महोफ रेंज स्थित पर्यटन स्थल चूका बीच के निकट बुधवार सुबह सात बजे बाघ से संघर्ष में भालू की मौत हो गई। घटना के बाद कई घंटे तक बाघ भालू के शव के आसपास घूमता रहा। इसके चलते देर शाम तक भालू के शव को कब्जे में नहीं लिया जा सका। हालांकि अफसरों के निर्देश पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
इको टूरिज्म चूका बीच टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के कोर जोन में स्थित है। कोर जोन होने के चलते इस इलाके में बाघ, भालू समेत हिंसक वन्यजीवों की मौजूदगी अधिक रहती है। पर्यटन सत्र के दौरान जंगल की सैर करने वाले सैलानियों को अक्सर बाघ और भालू के दीदार होते रहे हैं। करीब सात बजे चूका बीच के निकट कंपार्टमेंट 58 के क्षेत्र में बाघ और भालू की मौजूदगी देखी गई। कुछ ही देर में दोनों में संघर्ष शुरू हो गया।
कुछ देर तक बाघ और भालू में संघर्ष चला लेकिन फिर भालू की मौत हो गई। मौत के बाद बाघ कुछ देर तक बाघ भालू के शव के निकट बैठा रहा। जंगल भ्रमण के दौरान सैलानियों की बाघ पर नजर पड़ी तो घटना की जानकारी हो सकी। गाइड और परिचालकों ने सूचना अफसरों को दी। इसके बाद रेंजर वजीर हसन टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखने के बाद निगरानी बढ़ा दी गई।
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सैलानियों की सुरक्षा के लिए वाहनों की बढ़ाई चौकसी
चूका बीच के निकट बाघ के संघर्ष में भालू की मौत की घटना के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन गंभीर हो गया। दरअसल बुधवार को पर्यटन सत्र का अंतिम दिन होने से सैलानियों की संख्या अधिक रही। तड़के घटना के बाद सैलानियों की सुरक्षा के लिए जंगल भ्रमण वाहन को घटना स्थल के आसपास नहीं रुकने दिया गया। इसके लिए वनकर्मियों की टीम देर शाम तक निगरानी में जुटी रही।
‘बाघ से संघर्ष में भालू की मौत हुई है। घटना स्थल के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है।’
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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इको टूरिज्म चूका बीच टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के कोर जोन में स्थित है। कोर जोन होने के चलते इस इलाके में बाघ, भालू समेत हिंसक वन्यजीवों की मौजूदगी अधिक रहती है। पर्यटन सत्र के दौरान जंगल की सैर करने वाले सैलानियों को अक्सर बाघ और भालू के दीदार होते रहे हैं। करीब सात बजे चूका बीच के निकट कंपार्टमेंट 58 के क्षेत्र में बाघ और भालू की मौजूदगी देखी गई। कुछ ही देर में दोनों में संघर्ष शुरू हो गया।
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कुछ देर तक बाघ और भालू में संघर्ष चला लेकिन फिर भालू की मौत हो गई। मौत के बाद बाघ कुछ देर तक बाघ भालू के शव के निकट बैठा रहा। जंगल भ्रमण के दौरान सैलानियों की बाघ पर नजर पड़ी तो घटना की जानकारी हो सकी। गाइड और परिचालकों ने सूचना अफसरों को दी। इसके बाद रेंजर वजीर हसन टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखने के बाद निगरानी बढ़ा दी गई।
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सैलानियों की सुरक्षा के लिए वाहनों की बढ़ाई चौकसी
चूका बीच के निकट बाघ के संघर्ष में भालू की मौत की घटना के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन गंभीर हो गया। दरअसल बुधवार को पर्यटन सत्र का अंतिम दिन होने से सैलानियों की संख्या अधिक रही। तड़के घटना के बाद सैलानियों की सुरक्षा के लिए जंगल भ्रमण वाहन को घटना स्थल के आसपास नहीं रुकने दिया गया। इसके लिए वनकर्मियों की टीम देर शाम तक निगरानी में जुटी रही।
‘बाघ से संघर्ष में भालू की मौत हुई है। घटना स्थल के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है।’
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व