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मनरेगा श्रमिकों के 3.67 करोड़ रुपये दबाए बैठे हैं बीडीओ
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Tue, 25 Apr 2017 11:28 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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डीएम ने नोटिस देकर 24 घंटे में भुगतान के दिए आदेश
जिले के सातों ब्लाकों में मनरेगा श्रमिक भुगतान न होने से परेशान हैं। श्रमिकों का करीब 3.67 करोड़ रुपया बकाया है, लेकिन बीडीओ की ओर से डोंगल न लगने के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है। डीएम ने इसको गंभीरता से लेकर सभी बीडीओ को नोटिस जारी कर 24 घंटे में भुगतान कर पत्रावली प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में मजदूरों को रोजगार देने के लिए मनरेगा से कार्य कराए जा रहे हैं। काम होने के बाद श्रमिकों को उनकी मजदूरी मिल जानी चाहिए लेकिन लंबी सरकारी प्रक्रिया और विभागीय हीलाहवाली के चलते मजदूरों को समय से भुगतान नहीं मिल पाता। वर्तमान में जिले के सातों ब्लाकों में मनरेगा मजदूरों का 3.67 करोड़ रुपया बकाया है। इसमें सर्वाधिक 82 लाख ललौरीखेड़ा ब्लाक में और सबसे कम 21 लाख पूरनपुर ब्लाक का है। दरअसल मजदूरों का यह भुगतान कंप्यूटर में फीड होने के बाद संबंधित बीडीओ को अपना डोंगल लगाकर पास करना होता है इसके बाद शासन से मजदूरी की धनराशि सीधे श्रमिकों के खाते में आती है लेकिन जिले के विकास खंड अधिकारियों द्वारा डोंगल का प्रयोग न करने के कारण भुगतान अटका हुआ है। भुगतान न होने से परेशान मनरेगा मजदूर अक्सर तहसील दिवस अथवा डीएम कार्यालय में उपस्थित होकर मजदूरी दिलाने की मांग करते रहते हैं। इस पर डीएम ने सभी ब्लाकों की रिपोर्ट तलब की। इसमें जिले में 3.67 करोड़ बकाया होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और सभी बीडीओ को नोटिस जारी कर 24 घंटे में भुगतान करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर मजदूरी की बकाया धनराशि पर 0.05 प्रतिशत की दर से ब्याज के रूप में बीडीओ से वसूलने की चेतावनी भी दी गई है। सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने बताया कि सभी बीडीओ को नोटिस भेज दिया गया है। आदेश का पालन न होने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
मनरेगा भुगतान बकाए की स्थिति
ब्लाक बकाया (लाख में)
अमरिया 74.00
बरखेड़ा 67.00
बिलसंडा 40.00
बीसलपुर 27.00
ललौरीखेड़ा 82.00
मरौरी 56.00
पूरनपुर 21.00
कुल 367
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जिले के सातों ब्लाकों में मनरेगा श्रमिक भुगतान न होने से परेशान हैं। श्रमिकों का करीब 3.67 करोड़ रुपया बकाया है, लेकिन बीडीओ की ओर से डोंगल न लगने के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है। डीएम ने इसको गंभीरता से लेकर सभी बीडीओ को नोटिस जारी कर 24 घंटे में भुगतान कर पत्रावली प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में मजदूरों को रोजगार देने के लिए मनरेगा से कार्य कराए जा रहे हैं। काम होने के बाद श्रमिकों को उनकी मजदूरी मिल जानी चाहिए लेकिन लंबी सरकारी प्रक्रिया और विभागीय हीलाहवाली के चलते मजदूरों को समय से भुगतान नहीं मिल पाता। वर्तमान में जिले के सातों ब्लाकों में मनरेगा मजदूरों का 3.67 करोड़ रुपया बकाया है। इसमें सर्वाधिक 82 लाख ललौरीखेड़ा ब्लाक में और सबसे कम 21 लाख पूरनपुर ब्लाक का है। दरअसल मजदूरों का यह भुगतान कंप्यूटर में फीड होने के बाद संबंधित बीडीओ को अपना डोंगल लगाकर पास करना होता है इसके बाद शासन से मजदूरी की धनराशि सीधे श्रमिकों के खाते में आती है लेकिन जिले के विकास खंड अधिकारियों द्वारा डोंगल का प्रयोग न करने के कारण भुगतान अटका हुआ है। भुगतान न होने से परेशान मनरेगा मजदूर अक्सर तहसील दिवस अथवा डीएम कार्यालय में उपस्थित होकर मजदूरी दिलाने की मांग करते रहते हैं। इस पर डीएम ने सभी ब्लाकों की रिपोर्ट तलब की। इसमें जिले में 3.67 करोड़ बकाया होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और सभी बीडीओ को नोटिस जारी कर 24 घंटे में भुगतान करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर मजदूरी की बकाया धनराशि पर 0.05 प्रतिशत की दर से ब्याज के रूप में बीडीओ से वसूलने की चेतावनी भी दी गई है। सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने बताया कि सभी बीडीओ को नोटिस भेज दिया गया है। आदेश का पालन न होने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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मनरेगा भुगतान बकाए की स्थिति
ब्लाक बकाया (लाख में)
अमरिया 74.00
बरखेड़ा 67.00
बिलसंडा 40.00
बीसलपुर 27.00
ललौरीखेड़ा 82.00
मरौरी 56.00
पूरनपुर 21.00
कुल 367