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Pilibhit News: बास्केटबॉल कोर्ट बना, पर कोच नहीं... खेल प्रतिभाएं परेशान
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अभ्यास के लिए सीनियर साथियों का सहारा लेने के लिए मजबूर खिलाड़ी
पीलीभीत। स्टेडियम परिसर में बास्केटबॉल कोर्ट बनवा दिया गया है, लेकिन कोच के न होने से यहां पहुंचने वाले प्रतिभाएं इसका अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। अभ्यास के लिए यहां पहुंचने वाले खिलाड़ी सीनियर साथियों का सहारा ले रहे हैं। इससे खेल प्रतिभाएं भी नहीं निखर पा रही हैं।
जिले की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए लगातार शासन स्तर से जोर दिया जा रहा है, लेकिन अव्यवस्थाओं के बीच बच्चों को खेल का अभ्यास भी नहीं हो रहा है। शहर में बने गांधी स्टेडियम में करीब एक साल पूर्व बास्केटबॉल कोर्ट को बनवाया गया, जिससे यहां के विद्यार्थी इस कोर्ट में अभ्यास कर अपनी प्रतिभाओं को निखार सके। एक साल बीत जाने के बाद भी इस कोर्ट के लिए कोच नहीं मिल सका। इससे ये प्रतिभाएं अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। शहर के जो भी विद्यार्थी यहां पर बास्केटबॉल खेलने के लिए पहुंचते हैं। वे सीनियर के साथ अभ्यास कर रहे हैं। संवाद
नहीं बढ़ रही बच्चों की संख्या
आलम यह है कि कोच के न होने से यहां पर बच्चों की संख्या भी नहीं बढ़ पा रही है। वहीं, इस खेल के बच्चे भी बाहर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग नहीं कर पा रहे हैं। जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि खेल के कोच न होने के लिए लगातार विभागीय स्तर से पत्राचार किया जा रहा है। जल्द ही कोच को तैनाती कर दी जाएगी।
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पीलीभीत। स्टेडियम परिसर में बास्केटबॉल कोर्ट बनवा दिया गया है, लेकिन कोच के न होने से यहां पहुंचने वाले प्रतिभाएं इसका अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। अभ्यास के लिए यहां पहुंचने वाले खिलाड़ी सीनियर साथियों का सहारा ले रहे हैं। इससे खेल प्रतिभाएं भी नहीं निखर पा रही हैं।
जिले की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए लगातार शासन स्तर से जोर दिया जा रहा है, लेकिन अव्यवस्थाओं के बीच बच्चों को खेल का अभ्यास भी नहीं हो रहा है। शहर में बने गांधी स्टेडियम में करीब एक साल पूर्व बास्केटबॉल कोर्ट को बनवाया गया, जिससे यहां के विद्यार्थी इस कोर्ट में अभ्यास कर अपनी प्रतिभाओं को निखार सके। एक साल बीत जाने के बाद भी इस कोर्ट के लिए कोच नहीं मिल सका। इससे ये प्रतिभाएं अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। शहर के जो भी विद्यार्थी यहां पर बास्केटबॉल खेलने के लिए पहुंचते हैं। वे सीनियर के साथ अभ्यास कर रहे हैं। संवाद
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नहीं बढ़ रही बच्चों की संख्या
आलम यह है कि कोच के न होने से यहां पर बच्चों की संख्या भी नहीं बढ़ पा रही है। वहीं, इस खेल के बच्चे भी बाहर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग नहीं कर पा रहे हैं। जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि खेल के कोच न होने के लिए लगातार विभागीय स्तर से पत्राचार किया जा रहा है। जल्द ही कोच को तैनाती कर दी जाएगी।
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