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बरखेड़ा चीनी मिल गन्ने भुगतान में फिसड्डी
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:25 PM IST
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चीनी
- फोटो : self
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मिल पर किसानों का 142 करोड़ बकाया
एलएच ने किया 14 फरवरी तक का भुगतान
गन्ने मूल्य भुगतान में बरखेड़ा स्थित बजाज चीनी मिल सबसे फिसड्डी है। चीनी मिल पर किसानों का 142 करोड़ रुपये बकाया हैं। वहीं शहर स्थित एलएच मिल 14 फरवरी तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान कर चुकी है।
हाईकोर्ट ने चीनी मिलों को किसानों से खरीदे गए गन्ने का भुगतान 14 दिन के अंदर करने के आदेश हैं, लेकिन चीनी मिलों पर इस आदेश का कोई खास असर दिखाई नहीं पड़ रहा। जिले की चारों चीनी मिलों की बात करें तो किसानों का 205 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें सर्वाधिक 142 करोड़ बरखेड़ा की बजाज चीनी मिल पर है। चीनी मिल तक 200 करोड़ का गन्ना खरीद चुकी है। इसके सापेक्ष मात्र 58 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। गन्ने का भुगतान न मिलने से किसानों को दिक्कत हो रही है। गन्ने की बुवाई एवं शादी आदि के लिए उन्हें दूसरों से रुपये उधार लेने पड़ रहे हैं। वहीं अन्य मिलों की बात करें तो शहर स्थित एलएच मिल भुगतान में सबसे आगे है। एलएच ने 14 फरवरी तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान कर दिया है। चीनी मिल अब तक 267.44 करोड़ का भुगतान कर चुकी है उस पर अभी 25.69 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं बीसलपुर व पूरनपुर की सहकारी चीनी मिलों पर 17.22 करोड़ और 20.70 करोड़ रुपये बकाया है।
गन्ना भुगतान में शहर की एलएच और दोनों सहकारी मिलों की स्थिति ठीक है। बरखेड़ा की बजाज मिल से भुगतान में दिक्कत आ रही है। इसके लिए मिल को नोटिस दिया जा चुका है। यदि जल्द भुगतान न किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी
गन्ना मिलों के भुगतान की स्थिति (करोड़ में)
मिल कुल मूल्य भुगतान बकाया
पीलीभीत 293.43 267.74 25.69
बीसलपुर 63.10 45.88 17.22
पूरनपुर 55.44 34.74 20.70
बरखेड़ा 200.51 58.94 141.57
गन्ने खत्म होने तक चलेगी बरखेड़ा मिल
खेतों में गन्ने खड़े होने के कारण गन्ना विभाग के अधिकारियों ने बरखेड़ा चीनी मिल को नो केन प्रमाणपत्र नहीं दिया है। इससे बुधवार को मिल का पेराई सत्र खत्म नहीं किया जा सका। मिल का पेराई सत्र गन्ने खत्म न होने तक जारी रहेगा।
बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा ने तीन दिन पूर्व नोटिस जारी करके 22 फरवरी को पेराई सत्र खत्म करने का ऐलान किया था। साथ ही मिल की ओर से गन्ना विभाग के अधिकारियों से क्षेत्र में गन्ने खत्म होने का प्रमाणपत्र मांगा गया था। गन्ना विभाग के अधिकारियों ने सर्वे कराया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि बरखेड़ा क्षेत्र में गन्ने की फसल अभी खत्म नहीं हुई है। इससे अधिकारियों ने मिल को नो केन का प्रमाण पत्र नहीं दिया। नो केन का सर्टिफिकेट न मिल पाने के कारण बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल का पेराई सत्र बुधवार को खत्म नहीं किया गया। मिल के गन्ना महाप्रबंधक ललित तोमर ने बताया कि गन्ने खत्म होने तक मिल का पेराई सत्र जारी रहेगा। इधर, सहकारी गन्ना विकास समिति सचिव जितेंद्र कुमार ने भी दोहराया कि जब तक पूरा गन्ना खत्म नहीं हो जाता तब तक मिल का पेराई सत्र चलता रहेगा।
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एलएच ने किया 14 फरवरी तक का भुगतान
गन्ने मूल्य भुगतान में बरखेड़ा स्थित बजाज चीनी मिल सबसे फिसड्डी है। चीनी मिल पर किसानों का 142 करोड़ रुपये बकाया हैं। वहीं शहर स्थित एलएच मिल 14 फरवरी तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान कर चुकी है।
हाईकोर्ट ने चीनी मिलों को किसानों से खरीदे गए गन्ने का भुगतान 14 दिन के अंदर करने के आदेश हैं, लेकिन चीनी मिलों पर इस आदेश का कोई खास असर दिखाई नहीं पड़ रहा। जिले की चारों चीनी मिलों की बात करें तो किसानों का 205 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें सर्वाधिक 142 करोड़ बरखेड़ा की बजाज चीनी मिल पर है। चीनी मिल तक 200 करोड़ का गन्ना खरीद चुकी है। इसके सापेक्ष मात्र 58 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। गन्ने का भुगतान न मिलने से किसानों को दिक्कत हो रही है। गन्ने की बुवाई एवं शादी आदि के लिए उन्हें दूसरों से रुपये उधार लेने पड़ रहे हैं। वहीं अन्य मिलों की बात करें तो शहर स्थित एलएच मिल भुगतान में सबसे आगे है। एलएच ने 14 फरवरी तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान कर दिया है। चीनी मिल अब तक 267.44 करोड़ का भुगतान कर चुकी है उस पर अभी 25.69 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं बीसलपुर व पूरनपुर की सहकारी चीनी मिलों पर 17.22 करोड़ और 20.70 करोड़ रुपये बकाया है।
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गन्ना भुगतान में शहर की एलएच और दोनों सहकारी मिलों की स्थिति ठीक है। बरखेड़ा की बजाज मिल से भुगतान में दिक्कत आ रही है। इसके लिए मिल को नोटिस दिया जा चुका है। यदि जल्द भुगतान न किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी
गन्ना मिलों के भुगतान की स्थिति (करोड़ में)
मिल कुल मूल्य भुगतान बकाया
पीलीभीत 293.43 267.74 25.69
बीसलपुर 63.10 45.88 17.22
पूरनपुर 55.44 34.74 20.70
बरखेड़ा 200.51 58.94 141.57
गन्ने खत्म होने तक चलेगी बरखेड़ा मिल
खेतों में गन्ने खड़े होने के कारण गन्ना विभाग के अधिकारियों ने बरखेड़ा चीनी मिल को नो केन प्रमाणपत्र नहीं दिया है। इससे बुधवार को मिल का पेराई सत्र खत्म नहीं किया जा सका। मिल का पेराई सत्र गन्ने खत्म न होने तक जारी रहेगा।
बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा ने तीन दिन पूर्व नोटिस जारी करके 22 फरवरी को पेराई सत्र खत्म करने का ऐलान किया था। साथ ही मिल की ओर से गन्ना विभाग के अधिकारियों से क्षेत्र में गन्ने खत्म होने का प्रमाणपत्र मांगा गया था। गन्ना विभाग के अधिकारियों ने सर्वे कराया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि बरखेड़ा क्षेत्र में गन्ने की फसल अभी खत्म नहीं हुई है। इससे अधिकारियों ने मिल को नो केन का प्रमाण पत्र नहीं दिया। नो केन का सर्टिफिकेट न मिल पाने के कारण बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल का पेराई सत्र बुधवार को खत्म नहीं किया गया। मिल के गन्ना महाप्रबंधक ललित तोमर ने बताया कि गन्ने खत्म होने तक मिल का पेराई सत्र जारी रहेगा। इधर, सहकारी गन्ना विकास समिति सचिव जितेंद्र कुमार ने भी दोहराया कि जब तक पूरा गन्ना खत्म नहीं हो जाता तब तक मिल का पेराई सत्र चलता रहेगा।