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बैंकर्स बीमित कर फसलों को दें सुरक्षा
पीलीभीत।
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:59 PM IST
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राष्ट्रीय संशोधित कृषि बीमा योजना के तहत हुई कार्यशाला में डीएम ने
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किसानों को बीमित कर फसलों को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए।
गांधी प्रेक्षागृह में सोमवार को हुई कार्यशाला में कहा गया कि केसीसी धारक किसानों का बीमा प्रीमियम जमा न होने के कारण नष्ट फसलों की प्रतिपूर्ति किसानों को नहीं प्राप्त हो रही है और उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान डीएम ओएन सिंह ने कहा कि सोशल सेक्टर की योजनाओं में किसानों व गरीबों की मदद करें तथा बैंक वास्तविक लाभार्थी का ही लोन करें। किसानों को बीमित कर फसलों की सुरक्षा प्रदान करें। कहा कि ब्लाक लेबिल पर मीटिंग कर किसानों को बीमा कराने को प्रेरित करें।
कहा कि जिले में करीब डेढ़ लाख केसीसी धारक हैं। यदि संशोधित बीमा योजना से यह कवर होता तो उन्हें क्षतिपूर्ति का लाभ मिल सकता था, पर यह बीमित नहीं हुए। कहा कि यदि इस वर्ष भी कोई लापरवाही पाई गई तो संबंाधित बैंकों से किसापों को क्षतिपूर्ति का भुगतान कराया जाएगा। सभी बैंक केसीसी धारक किसान का बीमा करें। यदि किसान आनाकानी करता है उसे प्रोत्साहित करें।
उपनिदेशक कृषि एके सिंह ने विभिन्न सोशल सेक्टर की योजनाओं के तहत वास्तविक लाभार्थी की फाइल पर लोन करने के निर्देश दिए। डीडीएम नाबार्ड एके रावत ने प्रोजेक्टर के माध्यम से बैंकर्स की जानकारी दी। आईसीआईसीआई के प्रतिनिधि ने भी संशोधित कृषि बीमा योजना की जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंकोें को जिम्मेदारी से किसानों की सहायता करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम आलोक कुमार सिंह, सीडीओ इंद्रकांत द्विवेदी, लीड बैंक मैनेजर केडी नौटियाल समेत सभी बैंक शाखाओं के शाखा प्रबंधक मौजूद रहे।
गांधी प्रेक्षागृह में सोमवार को हुई कार्यशाला में कहा गया कि केसीसी धारक किसानों का बीमा प्रीमियम जमा न होने के कारण नष्ट फसलों की प्रतिपूर्ति किसानों को नहीं प्राप्त हो रही है और उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान डीएम ओएन सिंह ने कहा कि सोशल सेक्टर की योजनाओं में किसानों व गरीबों की मदद करें तथा बैंक वास्तविक लाभार्थी का ही लोन करें। किसानों को बीमित कर फसलों की सुरक्षा प्रदान करें। कहा कि ब्लाक लेबिल पर मीटिंग कर किसानों को बीमा कराने को प्रेरित करें।
कहा कि जिले में करीब डेढ़ लाख केसीसी धारक हैं। यदि संशोधित बीमा योजना से यह कवर होता तो उन्हें क्षतिपूर्ति का लाभ मिल सकता था, पर यह बीमित नहीं हुए। कहा कि यदि इस वर्ष भी कोई लापरवाही पाई गई तो संबंाधित बैंकों से किसापों को क्षतिपूर्ति का भुगतान कराया जाएगा। सभी बैंक केसीसी धारक किसान का बीमा करें। यदि किसान आनाकानी करता है उसे प्रोत्साहित करें।
उपनिदेशक कृषि एके सिंह ने विभिन्न सोशल सेक्टर की योजनाओं के तहत वास्तविक लाभार्थी की फाइल पर लोन करने के निर्देश दिए। डीडीएम नाबार्ड एके रावत ने प्रोजेक्टर के माध्यम से बैंकर्स की जानकारी दी। आईसीआईसीआई के प्रतिनिधि ने भी संशोधित कृषि बीमा योजना की जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंकोें को जिम्मेदारी से किसानों की सहायता करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम आलोक कुमार सिंह, सीडीओ इंद्रकांत द्विवेदी, लीड बैंक मैनेजर केडी नौटियाल समेत सभी बैंक शाखाओं के शाखा प्रबंधक मौजूद रहे।