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Pilibhit News: 15 फरवरी से ऑनलाइन भेजनी होगी छात्र-छात्राओं की हाजिरी
Tue, 13 Feb 2024 02:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 13 Feb 2024 02:46 AM IST
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पीलीभीत। अब परिषदीय स्कूलों के छात्रों की हाजिरी में खेल नहीं होगा। 15 फरवरी से छात्राें की उपस्थिति ऑनलाइन भेजनी होगी। मिड डे मील की सूचना भी ऑनलाइन देनी होगी। ऑनलाइन होने से छात्रों की उपस्थिति में किया जाने वाला हेरफेर बंद होगा। शासन के इस आदेश से शिक्षकों में खलबली मची हुई है। बीएसए इस नए आदेश से अनजान हैं। जिले के 1499 परिषदीय स्कूलों में 1.92 हजार छात्र पंजीकृत हैं।
बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की हाजिरी और एमडीएम की सूचना अभी तक पंजिका में ही दर्ज होती आ रही है। इसमें काफी हेरफेर भी हो जाता है। स्कूल के सभी रिकाॅर्ड डिजीटल करने के लिए पूर्व में शासन का आदेश जारी हुआ था। शुरुआती दौर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ जिलों में इसे चलाया गया था। अब प्रदेश के सभी जिलों में इसे 15 फरवरी से लागू करने के आदेश दिए गए हैं।
आदेश में कहा गया है कि प्रेरणा पोर्टल पर डिजीटल रजिस्टर्स नाम से मॉड्यूल विकसित किया गया है। जिसमें भौतिक रूप से प्रयुक्त होने वाली पंजिकाओं के समान ही डिजीटल तैयार किया गया है। इसे अब 15 फरवरी से लागू किया जाएगा। आदेश में कहा गया कि छात्र उपस्थित पंजिका में छात्रों की दैनिक हाजिरी को दर्ज किया जाएगा। इसे शिक्षक मौजूदा समय में सुबह नौ बजे से 10 बजे तक स्मार्ट फोन या टेबलेट से अपलोड करेंगे। इसके साथ ही एमडीएम की सूचना भी देनी होगी। यह सूचना दोपहर डेढ़ बजे तक जाएगी। इसका प्रभावी रूप से पालन कराने के आदेश दिए गए हैं। बता दें कि जिले में 1499 परिषदीय स्कूल हैं। इन स्कूलों में 1.92 हजार छात्र पंजीकृत हैं।
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कैसे होगा काम, शिक्षकों की समझ से परे
15 फरवरी से इस तरह से होने वाले कार्य को लेकर शिक्षक परेशान हैं। कुछ शिक्षकों का कहना है कि अभी इसके बारे में उनको जानकारी नहीं है। पोर्टल पर काम कैसे होगा और क्या दर्ज करना होगा। इसके लिए अलग से किसी से जानकारी करनी होगी। वहीं रिटायर होने के करीब आए शिक्षकों का कहना है कि जैसे-तैसे स्मार्ट फोन चलाना सीखा है। अब यह कैसे होगा, चिंता की बात है।
इंडो-नेपाल सीमा पर बाधा बनेगा नेटवर्क
पूरनपुर ब्लाॅक क्षेत्र के करीब 25 गांव नेपाल सीमा पर हैं। यहां पर स्कूल संचालित हो रहे है। अधिकांश गांवों में नेपाल का नेटवर्क काम करता है और भारत का नहीं। ऐसे में 15 से सूचनाओं को पोर्टल पर दर्ज कराना शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती है। इसको लेकर भी अभी कोई विकल्प तय नहीं हो सका है।
वर्जन
अभी उनकी जानकारी में ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। कार्यालय में दिखवाया जाएगा। आदेश आया होगा तो नेटवर्क को लेकर भी कुछ किया जाएगा। - अमित कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
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बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की हाजिरी और एमडीएम की सूचना अभी तक पंजिका में ही दर्ज होती आ रही है। इसमें काफी हेरफेर भी हो जाता है। स्कूल के सभी रिकाॅर्ड डिजीटल करने के लिए पूर्व में शासन का आदेश जारी हुआ था। शुरुआती दौर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ जिलों में इसे चलाया गया था। अब प्रदेश के सभी जिलों में इसे 15 फरवरी से लागू करने के आदेश दिए गए हैं।
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आदेश में कहा गया है कि प्रेरणा पोर्टल पर डिजीटल रजिस्टर्स नाम से मॉड्यूल विकसित किया गया है। जिसमें भौतिक रूप से प्रयुक्त होने वाली पंजिकाओं के समान ही डिजीटल तैयार किया गया है। इसे अब 15 फरवरी से लागू किया जाएगा। आदेश में कहा गया कि छात्र उपस्थित पंजिका में छात्रों की दैनिक हाजिरी को दर्ज किया जाएगा। इसे शिक्षक मौजूदा समय में सुबह नौ बजे से 10 बजे तक स्मार्ट फोन या टेबलेट से अपलोड करेंगे। इसके साथ ही एमडीएम की सूचना भी देनी होगी। यह सूचना दोपहर डेढ़ बजे तक जाएगी। इसका प्रभावी रूप से पालन कराने के आदेश दिए गए हैं। बता दें कि जिले में 1499 परिषदीय स्कूल हैं। इन स्कूलों में 1.92 हजार छात्र पंजीकृत हैं।
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कैसे होगा काम, शिक्षकों की समझ से परे
15 फरवरी से इस तरह से होने वाले कार्य को लेकर शिक्षक परेशान हैं। कुछ शिक्षकों का कहना है कि अभी इसके बारे में उनको जानकारी नहीं है। पोर्टल पर काम कैसे होगा और क्या दर्ज करना होगा। इसके लिए अलग से किसी से जानकारी करनी होगी। वहीं रिटायर होने के करीब आए शिक्षकों का कहना है कि जैसे-तैसे स्मार्ट फोन चलाना सीखा है। अब यह कैसे होगा, चिंता की बात है।
इंडो-नेपाल सीमा पर बाधा बनेगा नेटवर्क
पूरनपुर ब्लाॅक क्षेत्र के करीब 25 गांव नेपाल सीमा पर हैं। यहां पर स्कूल संचालित हो रहे है। अधिकांश गांवों में नेपाल का नेटवर्क काम करता है और भारत का नहीं। ऐसे में 15 से सूचनाओं को पोर्टल पर दर्ज कराना शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती है। इसको लेकर भी अभी कोई विकल्प तय नहीं हो सका है।
वर्जन
अभी उनकी जानकारी में ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। कार्यालय में दिखवाया जाएगा। आदेश आया होगा तो नेटवर्क को लेकर भी कुछ किया जाएगा। - अमित कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी