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यूपीएसएस के निलंबित जिला प्रबंधक के मामले में एआर कोआपरेटिव को सौंपी गई विभागीय जांच

Thu, 14 Apr 2022 11:13 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 11:13 PM IST
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AR Cooperative will conduct departmental inquiry
पीलीभीत। यूपीएसएस के जिला प्रबंधक शिव अवतार कुशवाहा को 1.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। निलंबन आदेश 31 मार्च को जारी गया था। इस मामले में यूपीएसएस के प्रबंध निदेशक ने अब एआर कोऑपरेटिव वीर विक्रम सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
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अब तक यूपीएसएस के क्षेत्रीय प्रबंधक ओमेंद्र सिंह के पास जांच थी लेकिन अब एआर ही विभागीय जांच करेंगे। एआर वीर विक्रम सिंह ने बताया कि वे अभिलेख लेने के बाद जल्दी ही अपनी जांच शुरू करेंगे। निलंबित जिला प्रबंधक शिवअवतार कुशवाहा के स्थान पर यूपीएसएस बरेली के जिला प्रबंधक श्याम प्रसाद द्विवेदी ने मंगलवार को ज्वाइन किया है। वह अब जिले में सरकारी खरीद को रफ्तार देंगे। किसानों से सीधा संपर्क करेंगे। उन्होंने बताया कि शिव अवतार कुशवाहा अभी जिला मुख्यालय से ही संबद्ध हैं।
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दो स्तरीय जांच के घेरे में पूरा मामला
कजरी निरंजनपुर निवासी यूपीएसएस के ठेकेदार गुरविंदर सिंह गोल्डी का आरोप था कि गेहूं ढुलाई के भुगतान के चेक को देने के नाम पर उससे 1.5 लाख रुपये की रिश्वत जिला प्रबंधक शिव अवतार कुशवाहा ने मांगी। इसी पर एंटी करप्शन टीम से शिकायत की गई थी। अब इस मामले में दो स्तर पर जांच शुरू की गई है। पहली जांच विभागीय है और दूसरी जांच एंटी करप्शन का ट्रैप फेल होने की है। जो एंटी करप्शन के डीआईजी करा रहे हैं।
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कोट--
चार्जशीट की प्रति लेने के बाद मैं जांच शुरू करूंगा। प्रबंध निदेशक की ओर से जांच के के आदेश मुझे मिल गए हैं।
वीर विक्रम सिंह, एआर कोआपरेटिव
यूपीएसएस के 36 क्रय केंद्रों पर सरकारी खरीद
खरीद सीजन के एक दिन पहले ही एंटी करप्शन के छापे के बाद यूपीएसएस के कार्य प्रभावित हो गए। निलंबन के तत्काल बाद बरेली के जिला प्रबंधक को अस्थायी तौर पर काम सौंपा गया था लेकिन वह एक दो दिन ही आए। खरीद शुरू नहीं हो सकी। क्षेत्रीय प्रबंधक ओमेंद्र सिंह ने पीलीभीत का दौरा किया और 40 में से चार क्रय केंद्रों पर बमुश्किल खरीद शुरू कराई लेकिन 36 क्रय केंद्रों पर 12 अप्रैल तक खरीद शुरू नहीं हो सकी है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने भी स्वीकार किया कि निलंबन और एंटी करप्शन के छापे की वजह से सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि अब उसे रफ्तार दी जाएगी।
घटनाक्रम
यूपीएसएस के जिला प्रबंधक ने ठेकेदार का भुगतान रोका, देने के लिए 1.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी
25 मार्च- ठेकेदार गुरविंदर सिंह गोल्डी ने एंटी करप्शन टीम से रंगे हाथ पकड़ने का आग्रह किया
31 मार्च- बरेली से एंटी करप्शन टीम रंगे हाथ पकड़ने के लिए पीलीभीत स्थित यूपीएसएस के कार्यालय पहुंची, ट्रैप फेल
01 अप्रैल- यूपीएसएस के क्षेत्रीय प्रबंधक को विभागीय जांच सौंपी गई, ट्रैप फेल होने की जांच सीओ मुरादाबाद को दी गई।
04 अप्रैल डीआईजी ने जांच अधिकारी बदला। लखनऊ स्थित एंटी करप्शन के सीओ को जांच सौंपी गई। वह पीलीभीत और बरेली आकर आठ अप्रैल को जांच कर चुके हैं।
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