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नारी गरिमा के प्रति जागरुक करने का महिलाओं ने लिया संकल्प
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अमरिया। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बृहस्पतिवार को इकरा मार्डन इंटर कॉलेज हर्रायपुर में महिला सुरक्षा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं ने एकजुट होकर नारी गरिमा के प्रति जागरुक और संवेदनशील रहने का संकल्प किया।
कॉलेज में हुए कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधक बकार अहमद कादरी ने कहा कि अपनी स्थिति बेहतर करने के लिए समाज को दोष देने के बजाय महिलाएं खुद में बदलाव लाएं। महिलाओं को स्वच्छता, घरेलू कामों के अलावा अपना कैरियर बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा देखा जाता है कि घर में बेटी का जन्म होने पर लोग खुश नहीं होते। इस मानसिकता में बदलाव केवल कानून बनाने से नहीं हो सकता, बल्कि सभी को तय करना होगा कि बेटी के जन्म पर भी वैसी ही खुशी मनानी चाहिए जैसे बेटे के जन्म पर मनाई जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले बेटियों को पढ़ाने लिखाने में मां बाप रुचि नहीं लेते थे। शिक्षित न होने की वजह से बेटियां केवल गृहणी बनकर रह जाती थीं। शिक्षा को लेकर अब बेटियों में काफी जागरुकता आई है। यही वजह है कि बेटियां पढ़ लिखकर हर विभाग में अपनी भागीदारी निभा रही हैं। महिलाओं को अभी और जागरुक होकर आत्म निर्भर होने की आवश्यकता है। शिक्षिका ममता कुमारी ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत होने के लिए प्रेरित किया। शाजिया कादरी ने कहा कि महिलाएं अपनी शक्ति को पहचानें और आत्मनिर्भर बनें। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक राम प्रकाश ने किया। इस मौके पर मोहम्मद इलियास, नरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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कॉलेज में हुए कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधक बकार अहमद कादरी ने कहा कि अपनी स्थिति बेहतर करने के लिए समाज को दोष देने के बजाय महिलाएं खुद में बदलाव लाएं। महिलाओं को स्वच्छता, घरेलू कामों के अलावा अपना कैरियर बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा देखा जाता है कि घर में बेटी का जन्म होने पर लोग खुश नहीं होते। इस मानसिकता में बदलाव केवल कानून बनाने से नहीं हो सकता, बल्कि सभी को तय करना होगा कि बेटी के जन्म पर भी वैसी ही खुशी मनानी चाहिए जैसे बेटे के जन्म पर मनाई जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले बेटियों को पढ़ाने लिखाने में मां बाप रुचि नहीं लेते थे। शिक्षित न होने की वजह से बेटियां केवल गृहणी बनकर रह जाती थीं। शिक्षा को लेकर अब बेटियों में काफी जागरुकता आई है। यही वजह है कि बेटियां पढ़ लिखकर हर विभाग में अपनी भागीदारी निभा रही हैं। महिलाओं को अभी और जागरुक होकर आत्म निर्भर होने की आवश्यकता है। शिक्षिका ममता कुमारी ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत होने के लिए प्रेरित किया। शाजिया कादरी ने कहा कि महिलाएं अपनी शक्ति को पहचानें और आत्मनिर्भर बनें। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक राम प्रकाश ने किया। इस मौके पर मोहम्मद इलियास, नरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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