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अन्नपूर्णा भवन : 75 में अब तक बने सिर्फ 55, संचालन में भी हीलाहवाली
Sun, 27 Jul 2025 01:20 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:20 AM IST
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पीलीभीत। अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण और उनके संचालन में जिम्मेदार दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। हाल यह है कि पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत जिले में 75 अन्नपूर्णा भवनों में अब तक सिर्फ 55 का ही निर्माण हो सका। 20 भवनों का निर्माण अधर में अटका है। जबकि, 32 के ही संचालन का दावा किया जा रहा है। निर्मित अन्नपूर्णा भवनों के संचालन में भी हीलाहवाली हो रही है। अब 75 और नए अन्नपूर्णा भवन के निर्माण की मंजूरी मिल गई है। अफसर इनके निर्माण में कितनी दिलचस्पी लेते हैं, यह बड़ा सवाल है।
आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर कोटे की दुकानों को आधुनिक बनाने के लिए उन्हें अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित 75 कोटे की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन बनाने के लिए चिह्नित किया गया। अन्नपूर्णा भवन में न सिर्फ खाद्यान्न बल्कि 40 से अधिक जीवनोपयोगी सामग्री भी मिलनी है। अफसरों की हीलाहवाली से जिले में 75 में से महज 55 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण हो सका है। अधूरे अन्नपूर्णा भवनों के बारे में अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। काम क्यों अटका है, इस पर चुप्पी साधे हैं।
23 अन्नपूर्णा भवनों का अब तक नहीं हो सका संचालन
विभाग जिले में 32 अन्नपूर्णा भवन के संचालन का दावा कर रहा है। वहीं 23 भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद भी संचालन नहीं हो सका। इस काम में भी जिम्मेदारों की हीलाहवाली की बात कही जा रही है। गांव में यह भवन बंद पड़े हैं। राशन दूसरे स्थानों से बांटा जा रहा है।
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75 नए अन्नपूर्णा भवन को शासन से मिली मंजूरी
शासन स्तर से आई योजनाओं को बेहतर व प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निगरानी की जा रही है। शासन स्तर से विभाग को एक बार फिर 75 अन्नपूर्णा भवनों का लक्ष्य दिया गया है। ऐसे में अफसरों की हीलाहवाली शासन की मंशा पर भारी पड़ेगी। जिम्मेदार पूर्व में स्वीकृत भवनों का निर्माण अभी नहीं करा सके हैं। वहीं नया लक्ष्य उनके लिए चुनौती बनेगा।
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अन्नपूर्णा भवन की सुविधाओं पर ताला
बरखेड़ा। विकास खंड क्षेत्र के गांव ज्योरह कल्यानपुर में बने अन्नपूर्णा भवन में ताला लटका है। इसका निर्माण वित्तीय वर्ष 2023–24 में कराया गया था। ग्रामीणों को राशन दूसरी जगह से ही वितरित किया जा रहा है। अन्नपूर्णा भवन पर लगा ताला विभाग के जिम्मेदारों के दावों की पोल खोल रहा है। अफसर निर्माण के बाद भी इसका संचालन नहीं करा सके हैं। प्रधान पति घनश्याम दास ने बताया कि अन्नपूर्णा भवन चार–पांच महीने से बना हुआ है। अभी चालू नहीं हुआ है।
बहुत समय पहले अन्नपूर्णा भवन का निर्माण हुआ था। भवन तभी से बंद है। यहां राशन वितरण नहीं होता। – हरक सेन
भवन को बने करीब एक साल हो गया है। खाद्यान्न वितरण अभी शुरू नहीं कराया गया है। – रामबेटी
अन्नपूर्णा भवन का संचालन हो रहा है। अभी किसी कार्य से बाहर आए हैं। सोमवार को कार्यालय पर पहुंचने के बाद इसकी जानकारी की जाएगी।
- विकास कुमार, डीएसओ।
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आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर कोटे की दुकानों को आधुनिक बनाने के लिए उन्हें अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित 75 कोटे की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन बनाने के लिए चिह्नित किया गया। अन्नपूर्णा भवन में न सिर्फ खाद्यान्न बल्कि 40 से अधिक जीवनोपयोगी सामग्री भी मिलनी है। अफसरों की हीलाहवाली से जिले में 75 में से महज 55 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण हो सका है। अधूरे अन्नपूर्णा भवनों के बारे में अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। काम क्यों अटका है, इस पर चुप्पी साधे हैं।
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23 अन्नपूर्णा भवनों का अब तक नहीं हो सका संचालन
विभाग जिले में 32 अन्नपूर्णा भवन के संचालन का दावा कर रहा है। वहीं 23 भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद भी संचालन नहीं हो सका। इस काम में भी जिम्मेदारों की हीलाहवाली की बात कही जा रही है। गांव में यह भवन बंद पड़े हैं। राशन दूसरे स्थानों से बांटा जा रहा है।
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75 नए अन्नपूर्णा भवन को शासन से मिली मंजूरी
शासन स्तर से आई योजनाओं को बेहतर व प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निगरानी की जा रही है। शासन स्तर से विभाग को एक बार फिर 75 अन्नपूर्णा भवनों का लक्ष्य दिया गया है। ऐसे में अफसरों की हीलाहवाली शासन की मंशा पर भारी पड़ेगी। जिम्मेदार पूर्व में स्वीकृत भवनों का निर्माण अभी नहीं करा सके हैं। वहीं नया लक्ष्य उनके लिए चुनौती बनेगा।
अन्नपूर्णा भवन की सुविधाओं पर ताला
बरखेड़ा। विकास खंड क्षेत्र के गांव ज्योरह कल्यानपुर में बने अन्नपूर्णा भवन में ताला लटका है। इसका निर्माण वित्तीय वर्ष 2023–24 में कराया गया था। ग्रामीणों को राशन दूसरी जगह से ही वितरित किया जा रहा है। अन्नपूर्णा भवन पर लगा ताला विभाग के जिम्मेदारों के दावों की पोल खोल रहा है। अफसर निर्माण के बाद भी इसका संचालन नहीं करा सके हैं। प्रधान पति घनश्याम दास ने बताया कि अन्नपूर्णा भवन चार–पांच महीने से बना हुआ है। अभी चालू नहीं हुआ है।
बहुत समय पहले अन्नपूर्णा भवन का निर्माण हुआ था। भवन तभी से बंद है। यहां राशन वितरण नहीं होता। – हरक सेन
भवन को बने करीब एक साल हो गया है। खाद्यान्न वितरण अभी शुरू नहीं कराया गया है। – रामबेटी
अन्नपूर्णा भवन का संचालन हो रहा है। अभी किसी कार्य से बाहर आए हैं। सोमवार को कार्यालय पर पहुंचने के बाद इसकी जानकारी की जाएगी।
- विकास कुमार, डीएसओ।