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Pilibhit News: गुस्साए ग्रामीण बोले- वन विभाग बाघ को पकड़े या फैसला हम पर छोड़ दे

Mon, 09 Sep 2024 11:36 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 09 Sep 2024 11:36 PM IST
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Angry villagers said- the forest department should catch the tiger or leave the decision to us
पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर मथना बैरियर के पास जाम लगाए ग्रामीण।संवाद
पीलीभीत। बाघ के हमले में मजदूर केदारी लाल की मौत से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने शव को रास्ते पर रखने के बाद ट्रैक्टर-ट्राॅली खड़ी कर पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को काफी खरीखोटी सुनाईं। ग्रामीण बोले, वन विभाग बाघ को पकड़े वरना फैसला हम पर छोड़ दे। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में मुआवजे, बाघ को पकड़ने और तार फेंसिंग के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
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माला रेंज के जंगल से सटे ढकिया गांव की सीमा में स्थित खेत पर केदारी लाल एक माह पूर्व से ही मजदूरी पर रखवाली का कार्य कर रहे थे। बंदरों को भगाने के लिए वह दिन में खेत पर ही रखवाली करते थे। सोमवार को बाघ के हमले में उनकी मौत की खबर जैसे ही पड़ोस के खेत में रखवाली कर रहे ऊधम सिंह ने गांव में दी तो सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए।
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उन्होंने शव को मार्ग पर रखकर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर जाम लगा दिया। जानकारी पाकर सबसे पहले माधोटांडा एसओ अचल कुमार वहां पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोश को देखते हुए पुलिस को पीछे हटना पड़ा। ग्रामीण वन अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे।
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केदारी लाल के परिजनों और ग्रामीणों का कहना था कि दो किलोमीटर के दायरे में बाघ की कई माह से दहशत हैं। अक्सर बाघ जंगल से बाहर चहलकदमी करते देखा जाता हैं। इसे लेकर कई बाद अधिकारियों को अवगत कराया गया। तार फेंसिंग की मांग की गई, लेकिन कुछ इलाकों में कार्य अब भी नहीं हो सका।

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तीन दिन से बासखेड़ा गांव के आसपास देखा जा रहा था बाघ
ग्रामीणों का कहना था कि बाघ तीन दिन पूर्व से बासखेड़ा गांव की सीमा में चहलकदमी कर रहा था। इसकी सूचना वन विभाग को भी थी। कुछ वन अफसर क्षेत्र में आए थे, लेकिन बाघ की नियमित निगरानी नहीं की गई। जिसकी वजह से एक और ग्रामीण को बाघ ने मार डाला। प्रधान भरत लाल ने आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी वन अफसर मौके पर नहीं पहुंचे।
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खेत के निकट जंगल सीमा में नहीं हो सकी तार फेंसिंग
केदारी लाल को बाघ जिस स्थान पर हमला कर खींच कर जंगल में ले गया वहां विभाग की ओर से तार फेंसिंग नहीं कराई गई है। मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीण वन अफसरों से इसका जवाब मांगने रहे, लेकिन अफसर शांत रहे। वन अफसरों ने कहा कि तार फेंसिंग का बजट आ गया है। क्षेत्रीय ग्रामीणों की सहमति के बाद इस इलाके में पहले तार फेंसिंग कराई जाएगी।
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दो घंटे तक जाम में फंसे रहे राहगीर, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्राॅली लगाकर जमीन पर शव रखकर जाम लगाने की सूचना के बाद आसपास गांवों के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। मार्ग पर हर तरह लोग लोग आक्रोश में भरे नजर आए। बाघ को पकड़ने तो कोई उसे मारने के लिए कीमत लगाने की बात करता दिखा। कई ग्रामीण हाथों में डंडे भी थामे थे। करीब दो घंटे तक जाम लगा रहने से मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। इससे राहगीरों को परेशानी हुई। शव उठने के बाद जाम खुला तो पुलिस ने मशक्कत कर वाहनों को निकलवाया। शव जाने के भी काफी देर बाद तक ग्रामीण मार्ग पर जमे रहे।
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महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल
मृतक केदारी लाल के परिवार में पत्नी गुड्डी देवी के अलावा दो पुत्र और एक पुत्री है। वह चार भाइयों में सबसे बड़े थे। घटना के बाद परिवार के महिलाएं व अन्य सदस्य मौके पर पहुंच गए। इस दौरान महिलाओं का रो रोकर बुरा था।
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विभाग निभा रहा औपचारिकता
चार गांव की सीमा में बाघ कई इंसानों को मार चुका है। विभाग सिर्फ औपचारिकता निभाने तक सीमित है। अफसर घटना के बाद सिर्फ आश्वासन देते हैं। बाघ को नहीं पकड़ा जा रहा।

- सुरेंद्र, बासखेड़ा
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बाघ की कई माह से दहशत है। सूचना के बाद भी वन अफसर मौके पर नहीं आते हैं। बाघ को पकड़ने के बाद ही समस्या का समाधान हो सकेगा। यही मांग की जा रही है।
- भरत लाल, प्रधान, मथना जप्ती
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इस साल इन लोगों ने गंवाई बाघ के हमले में जान
वर्ष 2024
05 जनवरी स्वरूप सिंह पुरैनी दीपनगर
30 जनवरी गंगाराम माला रेंज
19 फरवरी पंकज कुमार पंडरी
26 मार्च दिलीप संडा
08 अप्रैल भोलेराम माला रेंज
09 अगस्त केदारी लाल बासखेड़ा
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डीएफओ बोले- जंगल के अंदर हुई घटना, लगाया गया पिंजरा
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि हमले से पूर्व गश्ती दल ने ग्रामीण को जंगल से अंदर देखा तो सचेत कर बाहर भेजा था। टीम के जाने के बाद ग्रामीण फिर जंगल के अंदर पहुंच गया। जिससे बाघ के हमले की घटना हो गई। वहां मौजूद एक अन्य ग्रामीण की ओर से इसकी पुष्टि करने का दावा भी किया गया। उन्होंने बताया कि घटनास्थल के निकट पिंजरा लगा दिया गया है। बाघ को पकड़ने के लिए अनुमति मांगी गई है। इसके साथ ही टीमों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर मथना बैरियर के पास जाम लगाए ग्रामीण।संवाद

पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर मथना बैरियर के पास जाम लगाए ग्रामीण।संवाद

पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर मथना बैरियर के पास जाम लगाए ग्रामीण।संवाद

पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर मथना बैरियर के पास जाम लगाए ग्रामीण।संवाद

पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर मथना बैरियर के पास जाम लगाए ग्रामीण।संवाद

पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर मथना बैरियर के पास जाम लगाए ग्रामीण।संवाद

पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर मथना बैरियर के पास जाम लगाए ग्रामीण।संवाद

पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर मथना बैरियर के पास जाम लगाए ग्रामीण।संवाद

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