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टूरिस्ट चालक की पिटाई से आक्रोशित चालकों और गाइडों ने की हड़ताल, पर्यटक वाहनों के थम गए पहिए
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धरने के चलते मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पर खड़े रहे जंगल सफारी वाहन।
- फोटो : PILIBHIT
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कलीनगर। टूरिस्ट चालक की पिटाई का मामला तूल पकड़ गया। घटना से आक्रोशित चालक और गाइड मंगलवार को सुबह से हड़ताल पर चले गए। इससे तमाम पर्यटक वाहनों के पहिए थम गए। चालक और गाइड मुस्ताफाबाद गेस्ट हाउस में धरने पर बैठ गए। इससे करीब छह घंटा तक पर्यटन पूरी तरह प्रभावित रहा। एसडीओ माला सत्यपाल मौके पर पहुंचे। टूरिस्ट वाहनों के चालकों से मिले। उन्होंने 48 घंटे के भीतर आरोपियों पर विभागीय केस दर्ज कर सख्ती करने की कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त किया गया। दूसरी शिफ्ट में पर्यटन नियमित रूप से सुचारु हो सका।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की सुविधा के लिए 24 जंगल सफारी के वाहनों की व्यवस्था है। इसमें 19 जिप्सी और पांच वन निगम के टाटा जीनान वाहन उपलब्ध हैं। इसके लिए 24 चालक और 40 गाइड सैलानियों को जंगल भ्रमण कराने की जिम्मेदारी संभालते हैं। सोमवार को करीब तीस लोग पर्यटन स्थल का भ्रमण करने के लिए पहुंचे। बताया जा रहा है कि अफसरों के निर्देश पर सभी को निशुल्क सफारी वाहन उपलब्ध कराकर जंगल भ्रमण कराया गया। सफारी वाहन के चालक इरफान ने पुलिस को तहरीर दी। इसमें उन्होंने बताया कि एक दो लोग नशे की हालत में थे।
पर्यटन के चिह्नित मार्गों से हटकर वाहन को दूसरे मार्गों पर ले जाने का दबाव बना रहे थे। सांभर ताल पर पहुंचने के बाद इन तीस लोगों में एक मनोज सिंह नामक व्यक्ति सफारी वाहन पर छह से अधिक लोगों को बैठाने की जिद करने लगा। नियम का हवाला देकर चालक ने मना किया तो गाली गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उसने हाथ उठाया तो दूसरे कई लोगों ने उसका साथ दे दिया।
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इस पर साथ में चल रहे तीन अन्य वाहन के चालक और गाइडों ने किसी तरह बचाव कराया और मुस्तफाबाद गेस्टहाउस पर पहुंचे। देर रात थाने में मनोज सिंह समेत तीस अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई। पुलिस ने जांच आश्वासन दिया। इधर घटना के बाद चालक और गाइडों में आक्रोश फैल गया। चालक और गाइड मंगलवार को पर्यटन को बंद करने का निर्णय लेकर सभी मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पर धरने पर बैठ गए। सुबह छह से दोपहर 12 बजे तक धरना चलता रहा। पर्यटन प्रभावित होने की सूचना पर एसडीओ माला सत्यपाल मुस्तफाबाद पहुंचे।
धरने पर बैठे कर्मचारियों से बातचीत की। इसपर 48 घंटे के भीतर घटना में लिप्त आरोपियों पर विभागीय केस दर्ज करने के साथ पुलिस को भी कार्रवाई करने को कहने का आश्वासन दिया गया। तब जाकर धरना समाप्त हुआ। दूसरी शिफ्ट में पर्यटकों नियमित रूप से जंगल का भ्रमण कराया गया।
चालक के साथ मारपीट गलत
टूरिस्ट गाइड संगठन के अध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि चालक के साथ मारपीट की घटना गलत है। कार्रवाई की मांग करते हुए चालक और गाइडों ने सामूहिक रूप से मुस्तफाबाद गेस्ट पर धरना दिया। टूरिस्ट की जिम्मेदारी संभालने वालों के साथ ऐसा व्यवहार करना उचित नहीं है। इससे पर्यटन प्रभावित होगा, वातावरण पर भी असर पड़ेगा। आश्वासन के मुताबिक कार्रवाई का इंतजार कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
धरने के चलते पहली शिफ्ट के सैलानी लौटे वापस
गाइड और चालक मंगलवार सुबह से ही धरने पर बैठ गए थे। पार्किंग स्थल का बैरियर गिरा दिया गया था। इससे सुबह की शिफ्ट में जंगल भ्रमण करने पहुंचने वाले सैलानी मायूस होकर वापस लौटे। करीब बीस सैलानी सुबह की शिफ्ट के लिए मुस्तफाबाद पहुंचे थे। जिन्हें वापस होना पड़ा। पहली शिफ्ट सुबह छह बजे से 9.30 तक होती है।
दूसरी शिफ्ट में लौटी रौनक
चूका बीच में वैसे ही सैलानियों की आमद हो रही है। मंगलवार को त्योहार के चलते संख्या कुछ ज्यादा ही दिखाई दी। धरना के चलते 12 बजे तक सन्नाटा देखा गया। आश्वासन के बाद धरना समाप्त होते ही सैलानियों की आमद से रौनक वापस लौटी।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की सुविधा के लिए 24 जंगल सफारी के वाहनों की व्यवस्था है। इसमें 19 जिप्सी और पांच वन निगम के टाटा जीनान वाहन उपलब्ध हैं। इसके लिए 24 चालक और 40 गाइड सैलानियों को जंगल भ्रमण कराने की जिम्मेदारी संभालते हैं। सोमवार को करीब तीस लोग पर्यटन स्थल का भ्रमण करने के लिए पहुंचे। बताया जा रहा है कि अफसरों के निर्देश पर सभी को निशुल्क सफारी वाहन उपलब्ध कराकर जंगल भ्रमण कराया गया। सफारी वाहन के चालक इरफान ने पुलिस को तहरीर दी। इसमें उन्होंने बताया कि एक दो लोग नशे की हालत में थे।
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पर्यटन के चिह्नित मार्गों से हटकर वाहन को दूसरे मार्गों पर ले जाने का दबाव बना रहे थे। सांभर ताल पर पहुंचने के बाद इन तीस लोगों में एक मनोज सिंह नामक व्यक्ति सफारी वाहन पर छह से अधिक लोगों को बैठाने की जिद करने लगा। नियम का हवाला देकर चालक ने मना किया तो गाली गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उसने हाथ उठाया तो दूसरे कई लोगों ने उसका साथ दे दिया।
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इस पर साथ में चल रहे तीन अन्य वाहन के चालक और गाइडों ने किसी तरह बचाव कराया और मुस्तफाबाद गेस्टहाउस पर पहुंचे। देर रात थाने में मनोज सिंह समेत तीस अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई। पुलिस ने जांच आश्वासन दिया। इधर घटना के बाद चालक और गाइडों में आक्रोश फैल गया। चालक और गाइड मंगलवार को पर्यटन को बंद करने का निर्णय लेकर सभी मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पर धरने पर बैठ गए। सुबह छह से दोपहर 12 बजे तक धरना चलता रहा। पर्यटन प्रभावित होने की सूचना पर एसडीओ माला सत्यपाल मुस्तफाबाद पहुंचे।
धरने पर बैठे कर्मचारियों से बातचीत की। इसपर 48 घंटे के भीतर घटना में लिप्त आरोपियों पर विभागीय केस दर्ज करने के साथ पुलिस को भी कार्रवाई करने को कहने का आश्वासन दिया गया। तब जाकर धरना समाप्त हुआ। दूसरी शिफ्ट में पर्यटकों नियमित रूप से जंगल का भ्रमण कराया गया।
चालक के साथ मारपीट गलत
टूरिस्ट गाइड संगठन के अध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि चालक के साथ मारपीट की घटना गलत है। कार्रवाई की मांग करते हुए चालक और गाइडों ने सामूहिक रूप से मुस्तफाबाद गेस्ट पर धरना दिया। टूरिस्ट की जिम्मेदारी संभालने वालों के साथ ऐसा व्यवहार करना उचित नहीं है। इससे पर्यटन प्रभावित होगा, वातावरण पर भी असर पड़ेगा। आश्वासन के मुताबिक कार्रवाई का इंतजार कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
धरने के चलते पहली शिफ्ट के सैलानी लौटे वापस
गाइड और चालक मंगलवार सुबह से ही धरने पर बैठ गए थे। पार्किंग स्थल का बैरियर गिरा दिया गया था। इससे सुबह की शिफ्ट में जंगल भ्रमण करने पहुंचने वाले सैलानी मायूस होकर वापस लौटे। करीब बीस सैलानी सुबह की शिफ्ट के लिए मुस्तफाबाद पहुंचे थे। जिन्हें वापस होना पड़ा। पहली शिफ्ट सुबह छह बजे से 9.30 तक होती है।
दूसरी शिफ्ट में लौटी रौनक
चूका बीच में वैसे ही सैलानियों की आमद हो रही है। मंगलवार को त्योहार के चलते संख्या कुछ ज्यादा ही दिखाई दी। धरना के चलते 12 बजे तक सन्नाटा देखा गया। आश्वासन के बाद धरना समाप्त होते ही सैलानियों की आमद से रौनक वापस लौटी।

धरने पर बैठे टूरिस्ट गाइड और चालकों से बातचीत करते एसडीओ सत्यपाल।- फोटो : PILIBHIT