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Pilibhit News: पालिका के सभी कर्मियों को पूरा भुगतान नहीं...और बजट खत्म
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नगर पालिका परिषद कार्यालय का गेट । फाइल फोटो
पीलीभीत। नगर पालिका परिषद पीलीभीत के कर्मियों और रिटायर्ड कर्मियों के सभी देयों के भुगतान के लिए शासन ने 3.79 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था। बजट जारी होने के बाद शासन ने 20 जनवरी तक इसकी रिपोर्ट भी मांगी थी। पालिका की ओर से पूरा बजट खर्च होने की रिपोर्ट भेजी गई है। इधर बजट खर्च होने के बाद भी कई कर्मियों का भुगतान नहीं हो सका है। मामले में एडीएम ने ईओ से भुगतान को लेकर रिपोर्ट तलब की है।
राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में भारी भरकम धनराशि दिसंबर में भेजी गई थी। इसमें पीलीभीत नगर पालिका को भी 3.79 करोड़ की धनराशि मिली थी। इस धनराशि से निकाय में कार्यरत, सेवानिवृत्त कर्मी और आउटसोर्स कर्मियों का भुगतान किया जाना था।
धनराशि के खर्च को लेकर 20 जनवरी तक रिपोर्ट भी मांगी गई थी। शासन से धनराशि आने के बाद पालिका ने इसकी रिपोर्ट भेज दी है। इसमें कहा गया है पूरा बजट खर्च हो गया है। पालिका की इस रिपोर्ट की सच्चाई यहां तैनात कर्मचारी ही खोल रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि पूरी धनराशि खर्च होने के बाद भी कई कर्मियों का भुगतान नहीं हो सका है।
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ऐसे में पांच दिन पहले कुछ कर्मियों ने पालिका में हंगामा भी किया था। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी ने शासन से आई धनराशि के खर्च का पूरा ब्योरा ईओ से मांगा है। कहा गया कि किस मद में कितना खर्च किया गया और कर्मियों को कितना भुगतान हुआ है। एडीएम की ओर से मांगी गई इस रिपोर्ट से पालिका में खलबली मच गई है।
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कोर्ट के मामलों को निपटाने के नाम पर रोके गए 15 लाख
खर्च को लेकर जो रिपोर्ट एडीएम के यहां दी गई है उसमें पूर्व में कहा गया था कि कुछ कर्मियों का भुगतान शेष रह गया है। इसके लिए अतिरिक्त डिमांड भेजी गई है। साथ ही यह भी कहा गया कि कोर्ट के काम के लिए 15 लाख रुपये रोके गए हैं। जबकि यदि भेजी गई धनराशि को खर्च करने के लिए जारी निर्देशों को देखा जाए तो उसमें यह कॉलम ही नहीं है।
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शासन से जारी धनराशि को लेकर ईओ से पूरा ब्योरा मांगा गया है। इसमें देखा जाएगा कि कर्मियों को कितना भुगतान किया गया और कितनों को नहीं मिल सका है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- ऋतु पूनिया, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में भारी भरकम धनराशि दिसंबर में भेजी गई थी। इसमें पीलीभीत नगर पालिका को भी 3.79 करोड़ की धनराशि मिली थी। इस धनराशि से निकाय में कार्यरत, सेवानिवृत्त कर्मी और आउटसोर्स कर्मियों का भुगतान किया जाना था।
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धनराशि के खर्च को लेकर 20 जनवरी तक रिपोर्ट भी मांगी गई थी। शासन से धनराशि आने के बाद पालिका ने इसकी रिपोर्ट भेज दी है। इसमें कहा गया है पूरा बजट खर्च हो गया है। पालिका की इस रिपोर्ट की सच्चाई यहां तैनात कर्मचारी ही खोल रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि पूरी धनराशि खर्च होने के बाद भी कई कर्मियों का भुगतान नहीं हो सका है।
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ऐसे में पांच दिन पहले कुछ कर्मियों ने पालिका में हंगामा भी किया था। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी ने शासन से आई धनराशि के खर्च का पूरा ब्योरा ईओ से मांगा है। कहा गया कि किस मद में कितना खर्च किया गया और कर्मियों को कितना भुगतान हुआ है। एडीएम की ओर से मांगी गई इस रिपोर्ट से पालिका में खलबली मच गई है।
कोर्ट के मामलों को निपटाने के नाम पर रोके गए 15 लाख
खर्च को लेकर जो रिपोर्ट एडीएम के यहां दी गई है उसमें पूर्व में कहा गया था कि कुछ कर्मियों का भुगतान शेष रह गया है। इसके लिए अतिरिक्त डिमांड भेजी गई है। साथ ही यह भी कहा गया कि कोर्ट के काम के लिए 15 लाख रुपये रोके गए हैं। जबकि यदि भेजी गई धनराशि को खर्च करने के लिए जारी निर्देशों को देखा जाए तो उसमें यह कॉलम ही नहीं है।
शासन से जारी धनराशि को लेकर ईओ से पूरा ब्योरा मांगा गया है। इसमें देखा जाएगा कि कर्मियों को कितना भुगतान किया गया और कितनों को नहीं मिल सका है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- ऋतु पूनिया, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व