{"_id":"616dbec335e4ec052949d9f0","slug":"advocate-aggrieved-by-the-murder-of-companion-in-broad-daylight-in-shahjahanpur-pilibhit-news-bly4633204194","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाहजहांपुर में दिनदहाड़े साथी की हत्या से अधिवक्ता आक्रोशित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाहजहांपुर में दिनदहाड़े साथी की हत्या से अधिवक्ता आक्रोशित
विज्ञापन
पीलीभीत। शाहजहांपुर में अधिवक्ता की दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या की खबर मिलते ही मुख्यालय के अधिवक्ता भी आक्रोशित हो गए। सुरक्षा के लिए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग की है। जिला मुख्यालय पर बुधवार को अधिवक्ता प्रदर्शन करेंगे। सुरक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला मजिस्ट्रेट को सौंपा जाएगा। 20 अक्तूबर को अधिवक्ता कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे।
मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश है। बुधवार को अधिवक्ता मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने के लिए प्रशासन के माध्यम से एक मुख्यमंत्री को भेजेंगे। अधिवक्ता यह भी मांग करेंगे कि मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए और परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी। संयुक्त बार के सचिव कुलदीप अवस्थी, राजीव अवस्थी, अमित मिश्रा, अशोक बाजपेई ,मोहन स्वरूप गंगवार ,एसआर गंगवार, स्नेह लता तिवारी ,राजेंद्र त्रिपाठी, राजीव त्रिपाठी आदि का कहना है कि सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान सदस्य अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रदेशभर में 20 अक्तूबर को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
जिला जज से मिले अधिवक्ता
पीलीभीत। अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार से मिला और उन्हें शाहजहांपुर कांड के पूरी जानकारी दी। अधिवक्ताओं ने पीलीभीत जनपद में भी कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने की मांग की। जिला जज ने अधिवक्ताओं की बातों को ध्यान पूर्वक सुना और उन्हें बताया कि सुरक्षा के बाबत पहले ही दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं।
विज्ञापन
कचहरी की सुरक्षा में 26 पुलिस कर्मी तैनात
कचहरी सुरक्षा प्रभारी इंस्पेक्टर महेश सिंह ने बताया कि कचहरी की सुरक्षा चाक चौबंद रखने की भरकस प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से गेट नंबर एक पर चेकिंग मशीन से होकर ही वाद कारियों को निकलने दिया जा रहा है। जबकि गेट नंबर दो से न्यायकि अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, पुलिस के वाहन को ही प्रवेश दिया जा रहा है। गेट पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 26 पुलिस कर्मी लगाए गए है। शस्त्रधारी पुलिसकर्मियों को भी विशेष सुरक्षा के लिहाल से लगाया गया है। रात में भी शस्त्रधारी पुलिस कर्मियों से सुरक्षा कराई जा रही है।
प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण अवैध हथियार अदालत के अंदर पहुंच रहे हैं। सरकार से मांग की जाती है कि अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू हो और मृतक अधिवक्ता के परिवार को भी लखीमपुर की तरह 50 लाख मुआवजा दिया जाए।
- आलोक नगाइच अध्यक्ष, सिविल बार एसोसिएशन
अधिवक्ता की निर्मम हत्या की गई है। उनके परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने और कम से कम एक करोड़ मुआवजा धनराशि देने की मांग करते हैं। सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा की चिंता करें ताकि भविष्य में किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। - बाबूराम शर्मा, अध्यक्ष, संयुक्त बार एसोसिएशन
18 पीबीटीपी 39
न्याय दिलाने वाले अधिवक्ताओं की सुरक्षा के प्रति सरकार बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। दिनदहाड़े कचहरी में हो रही हत्याओं से अधिवक्ता समाज बहुत ही आक्रोशित है। - अताउर रहमान , अध्यक्ष सेंट्रल बार एसोसिएशन
18 पीबीटीपी 40
केंद्र और प्रदेश की सरकार में भी कई अधिवक्ता मंत्री हैं। फिर भी अधिवक्ताओं की सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। अधिवक्ताओं के बगैर निष्पक्ष न्याय की कल्पना संभव नहीं है। सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा की पूरी व्यवस्था करें। - महेंद्र मिश्रा, उ.प्र. सह प्रवक्ता, राष्ट्रीय संयुक्त अधिवक्ता मंच
पूर्व में आदेश दिए गए थे, कोई भी व्यक्ति शस्त्र लेकर कचहरी में न घुसने पाए पर इस आदेश पर अब तक अमल नहीं हो सका। शाहजहांपुर की घटना से अधिकारी सतर्क हो जाएं और सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाएं।
आनंद मिश्रा, अधिवक्ता एवं भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष।
विज्ञापन
मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश है। बुधवार को अधिवक्ता मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने के लिए प्रशासन के माध्यम से एक मुख्यमंत्री को भेजेंगे। अधिवक्ता यह भी मांग करेंगे कि मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए और परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी। संयुक्त बार के सचिव कुलदीप अवस्थी, राजीव अवस्थी, अमित मिश्रा, अशोक बाजपेई ,मोहन स्वरूप गंगवार ,एसआर गंगवार, स्नेह लता तिवारी ,राजेंद्र त्रिपाठी, राजीव त्रिपाठी आदि का कहना है कि सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान सदस्य अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रदेशभर में 20 अक्तूबर को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
विज्ञापन
जिला जज से मिले अधिवक्ता
पीलीभीत। अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार से मिला और उन्हें शाहजहांपुर कांड के पूरी जानकारी दी। अधिवक्ताओं ने पीलीभीत जनपद में भी कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने की मांग की। जिला जज ने अधिवक्ताओं की बातों को ध्यान पूर्वक सुना और उन्हें बताया कि सुरक्षा के बाबत पहले ही दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं।
विज्ञापन
कचहरी की सुरक्षा में 26 पुलिस कर्मी तैनात
कचहरी सुरक्षा प्रभारी इंस्पेक्टर महेश सिंह ने बताया कि कचहरी की सुरक्षा चाक चौबंद रखने की भरकस प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से गेट नंबर एक पर चेकिंग मशीन से होकर ही वाद कारियों को निकलने दिया जा रहा है। जबकि गेट नंबर दो से न्यायकि अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, पुलिस के वाहन को ही प्रवेश दिया जा रहा है। गेट पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 26 पुलिस कर्मी लगाए गए है। शस्त्रधारी पुलिसकर्मियों को भी विशेष सुरक्षा के लिहाल से लगाया गया है। रात में भी शस्त्रधारी पुलिस कर्मियों से सुरक्षा कराई जा रही है।
प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण अवैध हथियार अदालत के अंदर पहुंच रहे हैं। सरकार से मांग की जाती है कि अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू हो और मृतक अधिवक्ता के परिवार को भी लखीमपुर की तरह 50 लाख मुआवजा दिया जाए।
- आलोक नगाइच अध्यक्ष, सिविल बार एसोसिएशन
अधिवक्ता की निर्मम हत्या की गई है। उनके परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने और कम से कम एक करोड़ मुआवजा धनराशि देने की मांग करते हैं। सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा की चिंता करें ताकि भविष्य में किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। - बाबूराम शर्मा, अध्यक्ष, संयुक्त बार एसोसिएशन
18 पीबीटीपी 39
न्याय दिलाने वाले अधिवक्ताओं की सुरक्षा के प्रति सरकार बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। दिनदहाड़े कचहरी में हो रही हत्याओं से अधिवक्ता समाज बहुत ही आक्रोशित है। - अताउर रहमान , अध्यक्ष सेंट्रल बार एसोसिएशन
18 पीबीटीपी 40
केंद्र और प्रदेश की सरकार में भी कई अधिवक्ता मंत्री हैं। फिर भी अधिवक्ताओं की सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। अधिवक्ताओं के बगैर निष्पक्ष न्याय की कल्पना संभव नहीं है। सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा की पूरी व्यवस्था करें। - महेंद्र मिश्रा, उ.प्र. सह प्रवक्ता, राष्ट्रीय संयुक्त अधिवक्ता मंच
पूर्व में आदेश दिए गए थे, कोई भी व्यक्ति शस्त्र लेकर कचहरी में न घुसने पाए पर इस आदेश पर अब तक अमल नहीं हो सका। शाहजहांपुर की घटना से अधिकारी सतर्क हो जाएं और सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाएं।
आनंद मिश्रा, अधिवक्ता एवं भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष।