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स्कूलों ने माना मानकों के अनुसार 10.06 फीसदी फीस है बढ़ाई
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पीलीभीत। डीआईओएस के साथ हुई बैठक में निजी स्कूल संचालकों ने माना कि उन्होंने शुल्क निर्धारण अधिनियम -2018 के तहत 10.06 फीसदी बढ़ाई है। हालांकि इससे पहले स्कूल संचालक इससे साफ इनकार कर रहे थे कि इस सत्र में कितनी फीस बढ़ाई। डीआईओएस ने स्कूलों से मद वार फीस की पूरी जानकारी भी मांगी है।
पिछले दिनों निजी स्कूलों की फीस को लेकर काफी हंगामा हुआ था। कुछ स्कूलों ने मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोतरी कर ली थी। एडमिशन फीस के नाम पर भी आठ से दस हजार रुपये तक अभिभावकों से वसूले गए। डीएम तक शिकायतें पहुंचने के बाद स्कूल संचालकों की बैठक बुलाई गई जिसमें कहा गया कि शुल्क निर्धारण अधिनियम -2018 के तहत ही स्कूल फीस में बढ़ाएं। इससे ज्यादा नहीं। स्कूल संचालकों का कहना था कि कोरोना के चलते दो साल से फीस नहीं बढ़ाई गई। अब बढ़ाना उनके लिए मजबूरी है। शुल्क निर्धारण समिति के सचिव डीआईओएस को फीस निर्धारण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
डीआईओएस ओपी सिंह ने बेनहर स्कूल में सभी सीबीएसई स्कूलों के साथ बैठक की। अधिनियम के अनुुसार स्कूलों ने शैक्षिक सत्र 2022-23 में पांच फीसदी और सीपीआई ( उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के तहत 5.06 फीसदी यानी कुल 10.06 फीसदी फीस बढ़ाई। हालांकि एडमिशन फीस कितनी वसूली इसकी सही जानकारी अभी भी नहीं दी। अब डीआईओएस ने सभी स्कूल संचालकों से कहा कि किस मद में कितनी फीस ली है उसकी पूरी जानकारी दें।
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बैठक में बेनहर स्कूल के प्रबंधक डॉ. परविंदर सिंह सैहमी, बेनहर गुरुकुल के प्रबंधक गुरदित्त सिंह सैहमी, लिटिल एंजिल्स स्कूल के प्रधानाचार्य अनुराग दास, ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक देवेंद्र छाबड़ा आदि मौजूद रहे।
स्कूूली वाहनों का पंजीकरण और ड्राइवरों का पंजीकरण कराने को कहा
डीआईओएस ने स्कूली वाहनों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। वाहनों की फिटनेस जरूर चेक कराएं। इसके अलावा बस के हेल्पर, ड्राइवर का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। स्कूलों को निर्देश दिए कि रोडक्रॉस सोसाइटी में ज्यादा से ज्यादा सदस्यता ग्रहण कराएं।
स्कूल संचालकों के साथ फीस को लेकर बैठक हुई है। उसमें शुल्क निर्धारण अधिनियम के तहत फीस बढ़ाने की जानकारी दी गई है। स्कूल किस मद में कितनी फीस ले रहे हैं इसकी जानकारी मांगी है। एडमिशन फीस बार-बार स्कूल नहीं वसूल सकते। अगर किसी ने आठ से दस हजार एडमिशन फीस ली होगी तो इसकी रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी।
- ओपी सिंह, डीआईओएस
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पिछले दिनों निजी स्कूलों की फीस को लेकर काफी हंगामा हुआ था। कुछ स्कूलों ने मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोतरी कर ली थी। एडमिशन फीस के नाम पर भी आठ से दस हजार रुपये तक अभिभावकों से वसूले गए। डीएम तक शिकायतें पहुंचने के बाद स्कूल संचालकों की बैठक बुलाई गई जिसमें कहा गया कि शुल्क निर्धारण अधिनियम -2018 के तहत ही स्कूल फीस में बढ़ाएं। इससे ज्यादा नहीं। स्कूल संचालकों का कहना था कि कोरोना के चलते दो साल से फीस नहीं बढ़ाई गई। अब बढ़ाना उनके लिए मजबूरी है। शुल्क निर्धारण समिति के सचिव डीआईओएस को फीस निर्धारण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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डीआईओएस ओपी सिंह ने बेनहर स्कूल में सभी सीबीएसई स्कूलों के साथ बैठक की। अधिनियम के अनुुसार स्कूलों ने शैक्षिक सत्र 2022-23 में पांच फीसदी और सीपीआई ( उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के तहत 5.06 फीसदी यानी कुल 10.06 फीसदी फीस बढ़ाई। हालांकि एडमिशन फीस कितनी वसूली इसकी सही जानकारी अभी भी नहीं दी। अब डीआईओएस ने सभी स्कूल संचालकों से कहा कि किस मद में कितनी फीस ली है उसकी पूरी जानकारी दें।
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बैठक में बेनहर स्कूल के प्रबंधक डॉ. परविंदर सिंह सैहमी, बेनहर गुरुकुल के प्रबंधक गुरदित्त सिंह सैहमी, लिटिल एंजिल्स स्कूल के प्रधानाचार्य अनुराग दास, ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक देवेंद्र छाबड़ा आदि मौजूद रहे।
स्कूूली वाहनों का पंजीकरण और ड्राइवरों का पंजीकरण कराने को कहा
डीआईओएस ने स्कूली वाहनों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। वाहनों की फिटनेस जरूर चेक कराएं। इसके अलावा बस के हेल्पर, ड्राइवर का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। स्कूलों को निर्देश दिए कि रोडक्रॉस सोसाइटी में ज्यादा से ज्यादा सदस्यता ग्रहण कराएं।
स्कूल संचालकों के साथ फीस को लेकर बैठक हुई है। उसमें शुल्क निर्धारण अधिनियम के तहत फीस बढ़ाने की जानकारी दी गई है। स्कूल किस मद में कितनी फीस ले रहे हैं इसकी जानकारी मांगी है। एडमिशन फीस बार-बार स्कूल नहीं वसूल सकते। अगर किसी ने आठ से दस हजार एडमिशन फीस ली होगी तो इसकी रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी।
- ओपी सिंह, डीआईओएस