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दावत से लौट रहा बाइक सवार सांड़ से टकराया, मौत
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बीसलपुर (पीलीभीत)। दावत में शामिल होकर लौट रहे बाइक सवार युवक की सांड़ से टकराकर मौत हो गई। बरेली के एक निजी अस्पताल में उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बरेली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
कोतवाली बीसलपुर क्षेत्र के गांव दौलतपुर हीरा निवासी धर्मपाल पुत्र ईशपाल ने बताया कि उसका छोटा भाई 32 वर्षीय वीरपाल वर्मा दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। दो दिन पहले वह छुट्टी लेकर घर आया था। शनिवार रात को क्षेत्र के गांव नवदिया सितारगंज में एक दावत में गया था। देर रात 12 बजे बाइक से वापस घर आ रहा था। इस बीच रास्ते में कितनापुर गांव के पास पहुंचते ही बाइक सड़क पर घूम रहे सांड़ से टकरा गई। हादसे में वीरपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। फोन कर उसने हादसे की जानकारी दी। इस पर रात को ही परिवार वाले मौके पर पहुंच गए। घायल को इलाज के लिए बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। बरेली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया। दोपहर बाद शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मचा रहा। गमगीन परिवार वालों को रिश्तेदार और ग्रामीण ढांढस बंधाने में जुटे रहे।
पहले भी हमला कर लोगों की जान ले चुके हैं आवारा सांड़
पीलीभीत। सड़कों पर घूम रहे आवारा सांड़ पहले भी कई बार जान ले चुके हैं। कभी उनसे टकराकर लोगों की जान गई, तो कभी सांड़ के हमला करने से। खेतों पर खड़ी फसल भी बर्बाद कर देते हैं। इन सबके बावजूद अभी तक इस समस्या का पूर्णतया समाधान नहीं हो सका है। ग्राम पंचायत स्तर पर भी गोशालाएं बनवाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। अभी भी जहां-जहां सड़कों पर छुट्टा पशुओं से हादसे का डर बना हुआ है।
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इसी साल दो अप्रैल को पुरैना गांव निवासी 60 वर्षीय रामचंद्रलाल की सांड़ के हमले में जान चली गई थी। वह खेत की जुताई कर रहे थे। इससे पहले 23 जनवरी 2021 को बरखेड़ा थाना क्षेत्र के बर्रामऊ गांव के निवासी 35 वर्षीय ट्रैक्टर चालक राधा कृष्ण की मौत सांड़ के हमले में हुई थी। वह गांव के ही एक व्यक्ति का गन्ना चीनी मिल में तौल कराकर गांव लौटे थे। मकान से कुछ दूरी पर ट्रैक्टर खड़ा करके पैदल घर जाते वक्त सांड़ ने हमला कर दिया था। नवंबर 2020 में दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के पिपरिया भजा गांव निवासी 65 वर्षीय लालाराम परा साइकिल से जाते वक्त सांड़ ने हमला कर दिया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पिछले साल ही अप्रैल में बिलसंडा थाना क्षेत्र के मगधरपुर गांव निवासी 32 वर्षीय गुरबाज सिंह को खेत पर जाते वक्त रास्ते में हमला कर सांड़ ने मार दिया था। अगस्त 2019 में सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गढ़ाकलां गांव निवासी लालाराम और रामनरेश पर सांड़ ने हमला कर दिया था। दोनों बचने के प्रयास में कुएं में भी गिर गए थे। इसमें लालाराम की मौत हो गई थी। फरवरी 2019 न्यूरिया के बिथरा गांव में खेत पर कीटनाशक का छिड़काव करते वक्त किसान नन्हेलाल को सांड़ ने हमला कर मार दिया था। 25 मई 2018 पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव कसगंजा निवासी विमला पत्नी राम सिंह की इसी तरह से मौत हो गई थी। पति से साथ जा रही थी और बाइक सांड़ से टकरा गई थी।
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कोतवाली बीसलपुर क्षेत्र के गांव दौलतपुर हीरा निवासी धर्मपाल पुत्र ईशपाल ने बताया कि उसका छोटा भाई 32 वर्षीय वीरपाल वर्मा दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। दो दिन पहले वह छुट्टी लेकर घर आया था। शनिवार रात को क्षेत्र के गांव नवदिया सितारगंज में एक दावत में गया था। देर रात 12 बजे बाइक से वापस घर आ रहा था। इस बीच रास्ते में कितनापुर गांव के पास पहुंचते ही बाइक सड़क पर घूम रहे सांड़ से टकरा गई। हादसे में वीरपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। फोन कर उसने हादसे की जानकारी दी। इस पर रात को ही परिवार वाले मौके पर पहुंच गए। घायल को इलाज के लिए बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। बरेली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया। दोपहर बाद शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मचा रहा। गमगीन परिवार वालों को रिश्तेदार और ग्रामीण ढांढस बंधाने में जुटे रहे।
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पहले भी हमला कर लोगों की जान ले चुके हैं आवारा सांड़
पीलीभीत। सड़कों पर घूम रहे आवारा सांड़ पहले भी कई बार जान ले चुके हैं। कभी उनसे टकराकर लोगों की जान गई, तो कभी सांड़ के हमला करने से। खेतों पर खड़ी फसल भी बर्बाद कर देते हैं। इन सबके बावजूद अभी तक इस समस्या का पूर्णतया समाधान नहीं हो सका है। ग्राम पंचायत स्तर पर भी गोशालाएं बनवाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। अभी भी जहां-जहां सड़कों पर छुट्टा पशुओं से हादसे का डर बना हुआ है।
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इसी साल दो अप्रैल को पुरैना गांव निवासी 60 वर्षीय रामचंद्रलाल की सांड़ के हमले में जान चली गई थी। वह खेत की जुताई कर रहे थे। इससे पहले 23 जनवरी 2021 को बरखेड़ा थाना क्षेत्र के बर्रामऊ गांव के निवासी 35 वर्षीय ट्रैक्टर चालक राधा कृष्ण की मौत सांड़ के हमले में हुई थी। वह गांव के ही एक व्यक्ति का गन्ना चीनी मिल में तौल कराकर गांव लौटे थे। मकान से कुछ दूरी पर ट्रैक्टर खड़ा करके पैदल घर जाते वक्त सांड़ ने हमला कर दिया था। नवंबर 2020 में दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के पिपरिया भजा गांव निवासी 65 वर्षीय लालाराम परा साइकिल से जाते वक्त सांड़ ने हमला कर दिया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पिछले साल ही अप्रैल में बिलसंडा थाना क्षेत्र के मगधरपुर गांव निवासी 32 वर्षीय गुरबाज सिंह को खेत पर जाते वक्त रास्ते में हमला कर सांड़ ने मार दिया था। अगस्त 2019 में सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गढ़ाकलां गांव निवासी लालाराम और रामनरेश पर सांड़ ने हमला कर दिया था। दोनों बचने के प्रयास में कुएं में भी गिर गए थे। इसमें लालाराम की मौत हो गई थी। फरवरी 2019 न्यूरिया के बिथरा गांव में खेत पर कीटनाशक का छिड़काव करते वक्त किसान नन्हेलाल को सांड़ ने हमला कर मार दिया था। 25 मई 2018 पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव कसगंजा निवासी विमला पत्नी राम सिंह की इसी तरह से मौत हो गई थी। पति से साथ जा रही थी और बाइक सांड़ से टकरा गई थी।