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पुल की रेलिंग से टकराई बाइक, चचेरे-तहेरे भाई-बहन की मौत
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बरखेड़ा (पीलीभीत)। नवाबगंज मार्ग पर रपटा पुल की रेलिंग से बाइक टकराने से बाइक सवार चचेरे-तहेरे भाई-बहन की मौत हो गई। युवक अपनी बहन को एक डॉक्टर से दवा दिलाकर लौट रहा था। वह बाइक चलाते वक्त हेलमेट नहीं लगाए था।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के भैंसहा ग्वालपुर निवासी अर्जुन (20) मजदूरी करता था। सोमवार को वह कस्बा बरखेड़ा निवासी ताऊ महेशचंद के घर गया था। देर शाम विवाहित तहेरी बहन रजनी (30) को डॉक्टर से दवा दिलाने के लिए बाइक से निकला। दवा लेने के बाद दोनों बाइक से घर के लिए चले। नवाबगंज मार्ग पर रपटा पुल के पास पहुंचते ही बाइक बेकाबू होकर पुल की रेलिंग से टकरा गई। हादसे में दोनों गंभीर रुप से घायल हो गए। राहगीरों से सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने अर्जुन को मृत घोषित कर दिया, जबकि प्राथमिक इलाज के बाद रजनी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में कुछ देर इलाज के बाद रेफर किए जाने पर परिजन रजनी को बरेली ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। अगले दिन मंगलवार को पुलिस रजनी के घर पहुंची। इंस्पेक्टर उमेश सिंह सोलंकी ने बताया कि परिजनों ने रजनी के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। अर्जुन के शव का पोस्टमार्टम कराया है। हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है।
त्योहार के दिन भाई-बहन की मौत से परिवार गमगीन
पीलीभीत। नवाबगंज-बरखेड़ा मार्ग पर रपटा पुल के पास हादसे में चचेरे-तहेरे भाई-बहन की मौत के बाद होली का खुशनुमा माहौल एक पल में गमगीन हो गया। जिस घर में होली की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम छा गया। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार वालों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे।
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भैंसहा ग्वालपुर के रहने वाले अर्जुन के पिता पृथ्वीराज मजदूरी करते हैं। काफी समय से वह उत्तराखंड के देहरादून में काम करते हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी वहीं रहते हैं। होली मनाने के लिए कुछ दिन पहले ही पूरा परिवार गांव आया था। होली पर ताऊ के परिवारवालों से मिलने के लिए अर्जुन हंसी-खुशी गया था। वहां पर बहन रजनी की तबीयत खराब थी। इस पर वह तहेरी बहन को दवा दिलाने के लिए बाइक से निकला। एक बात परिवार वाले भी नहीं बता पा रहे कि बरखेड़ा कस्बे में दवा लेने के लिए वह नवाबगंज रोड पर क्यों गए। पहले अर्जुन और कुछ घंटे बाद रजनी की मौत की खबर घर पहुंची तो चीख पुकार मच गई। सभी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। हादसे में जान गंवाने वाला अर्जुन इकलौता पुत्र था। उसके दो छोटी बहनें हैं। वहीं, रजनी विवाहित थी। उसके दो छोटे बच्चे हैं। रजनी तीन भाइयों में इकलौती बहन थी।
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बरखेड़ा थाना क्षेत्र के भैंसहा ग्वालपुर निवासी अर्जुन (20) मजदूरी करता था। सोमवार को वह कस्बा बरखेड़ा निवासी ताऊ महेशचंद के घर गया था। देर शाम विवाहित तहेरी बहन रजनी (30) को डॉक्टर से दवा दिलाने के लिए बाइक से निकला। दवा लेने के बाद दोनों बाइक से घर के लिए चले। नवाबगंज मार्ग पर रपटा पुल के पास पहुंचते ही बाइक बेकाबू होकर पुल की रेलिंग से टकरा गई। हादसे में दोनों गंभीर रुप से घायल हो गए। राहगीरों से सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने अर्जुन को मृत घोषित कर दिया, जबकि प्राथमिक इलाज के बाद रजनी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में कुछ देर इलाज के बाद रेफर किए जाने पर परिजन रजनी को बरेली ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। अगले दिन मंगलवार को पुलिस रजनी के घर पहुंची। इंस्पेक्टर उमेश सिंह सोलंकी ने बताया कि परिजनों ने रजनी के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। अर्जुन के शव का पोस्टमार्टम कराया है। हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है।
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त्योहार के दिन भाई-बहन की मौत से परिवार गमगीन
पीलीभीत। नवाबगंज-बरखेड़ा मार्ग पर रपटा पुल के पास हादसे में चचेरे-तहेरे भाई-बहन की मौत के बाद होली का खुशनुमा माहौल एक पल में गमगीन हो गया। जिस घर में होली की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम छा गया। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार वालों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे।
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भैंसहा ग्वालपुर के रहने वाले अर्जुन के पिता पृथ्वीराज मजदूरी करते हैं। काफी समय से वह उत्तराखंड के देहरादून में काम करते हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी वहीं रहते हैं। होली मनाने के लिए कुछ दिन पहले ही पूरा परिवार गांव आया था। होली पर ताऊ के परिवारवालों से मिलने के लिए अर्जुन हंसी-खुशी गया था। वहां पर बहन रजनी की तबीयत खराब थी। इस पर वह तहेरी बहन को दवा दिलाने के लिए बाइक से निकला। एक बात परिवार वाले भी नहीं बता पा रहे कि बरखेड़ा कस्बे में दवा लेने के लिए वह नवाबगंज रोड पर क्यों गए। पहले अर्जुन और कुछ घंटे बाद रजनी की मौत की खबर घर पहुंची तो चीख पुकार मच गई। सभी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। हादसे में जान गंवाने वाला अर्जुन इकलौता पुत्र था। उसके दो छोटी बहनें हैं। वहीं, रजनी विवाहित थी। उसके दो छोटे बच्चे हैं। रजनी तीन भाइयों में इकलौती बहन थी।