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जांच के लिए आईवीआरआई से आज आएगी वैज्ञानिकों की टीम
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पीलीभीत। सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा सैकड़ों बेजुबान जानवरों को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ा। पूरनपुर, घुंघचाई, शाहगढ़ क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में करीब तीन हजार से ज्यादा जानवर खुरपका-मुंहपका वायरस की चपेट में हैं और पूरे जिले में करीब दो हजार जानवरों की मौत हो चुकी है। वैक्सीन न लगने से ऐसे भयावह हालात पैदा हुए हैं। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सिस्टम की नींद टूटी और अफसर हरकत में आए। जांच सैंपल भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली पहुंचने के बाद अब मंगलवार को वैज्ञानिकों की जांच टीम आएगी। वहीं सोमवार को डीएम ने मामला संज्ञान लिया और पशु चिकित्साधिकारी से पूरी जानकारी ली। जिले को वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए पशु चिकित्सालय लखनऊ के निदेशक को पत्र भेजा।
विभागीय आंकड़ों से ज्यादा हुई हैं मौतें
विभाग भले अधिक मौतें होने से इनकार कर रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि एक-एक गांव में दर्जनों जानवर मरे हैं। सिर्फ घुंघचाई और पूरनपुर में पिछले पंद्रह दिनों में पांच सौ से ज्यादा मौतें हुई हैं। मंगलवार को जब गांव में पड़ताल कराई गई तो आंकड़ा और ज्यादा सामने आया। सूत्रों के मुताबिक करीब तीन हजार जानवर संक्रमित हैं। मौत का आंकड़ा करीब दो हजार का है।
जांच के लिए गांवों को भेजी टीमें
पशु चिकित्सा विभाग ने सोमवार को कई गांवों में जांच के लिए टीमें भेजी। कई गांवों में जानवर खुरपका-मुंहपका वायरस से संक्रमित मिले हैं। उनके लिए वैकल्पिक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद कुमार का कहना है कि वैक्सीन न होने के कारण वायरस ज्यादा खतरनाक हुआ है। एंटीबायोटिक दवाओं के साथ घरेलू उपचार के लिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं।
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मामला संज्ञान में आया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से बात करके टीमें गांवों में भेजने का कहा है। वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ को पत्र भेजा है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।
-पुलकित खरे, डीएम
करीब एक हजार से ज्यादा पशु संक्रमित होने की जानकारी मिली है। गांवों में टीमें भेजी हैं ताकि सही आंकड़े मिल सकें। मंगलवार को आईवीआरआई बरेली की टीम भी जांच को आएगी। वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश पशु चिकित्साधिकारियों को जारी कर दिए हैं।
-डॉ. अरविंद कुमार, मुख्य पशु चिकत्साधिकारी
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विभागीय आंकड़ों से ज्यादा हुई हैं मौतें
विभाग भले अधिक मौतें होने से इनकार कर रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि एक-एक गांव में दर्जनों जानवर मरे हैं। सिर्फ घुंघचाई और पूरनपुर में पिछले पंद्रह दिनों में पांच सौ से ज्यादा मौतें हुई हैं। मंगलवार को जब गांव में पड़ताल कराई गई तो आंकड़ा और ज्यादा सामने आया। सूत्रों के मुताबिक करीब तीन हजार जानवर संक्रमित हैं। मौत का आंकड़ा करीब दो हजार का है।
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जांच के लिए गांवों को भेजी टीमें
पशु चिकित्सा विभाग ने सोमवार को कई गांवों में जांच के लिए टीमें भेजी। कई गांवों में जानवर खुरपका-मुंहपका वायरस से संक्रमित मिले हैं। उनके लिए वैकल्पिक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद कुमार का कहना है कि वैक्सीन न होने के कारण वायरस ज्यादा खतरनाक हुआ है। एंटीबायोटिक दवाओं के साथ घरेलू उपचार के लिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं।
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मामला संज्ञान में आया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से बात करके टीमें गांवों में भेजने का कहा है। वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ को पत्र भेजा है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।
-पुलकित खरे, डीएम
करीब एक हजार से ज्यादा पशु संक्रमित होने की जानकारी मिली है। गांवों में टीमें भेजी हैं ताकि सही आंकड़े मिल सकें। मंगलवार को आईवीआरआई बरेली की टीम भी जांच को आएगी। वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश पशु चिकित्साधिकारियों को जारी कर दिए हैं।
-डॉ. अरविंद कुमार, मुख्य पशु चिकत्साधिकारी